अगर कोई क्रान्ति की बात करता है तो वह देशद्रोही हैः प्रधानमन्त्री

विराटनगर, ९ जून । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने कहा है कि अब देश में कोई भी राजनीतिक क्रान्ति की आवश्यकता नहीं है । उनका मानना है कि आज भी कोई क्रान्ति की बात करता है तो वह देशद्रोही हो सकता है । शनिबार प्रदेश नं. १ में आयोजित प्रदेशसभा बैठक को सम्बोधन करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘अधिकार के लिए विभिन्न कालखण्ड में हथियार उठाया गया है, शान्ति प्रक्रिया से ही हम लोग आज की अवस्था में आ गए हैं । अब क्रान्ति के नाम में किसी को भी भड्काने की जरुरत नहीं है ।’
प्रधानमन्त्री ओली को यह भी कना कि संघ और प्रदेश के बीच कोई भी द्वन्द्व नहीं है । उनका मानना है कि कुछ लोग संघ और प्रदेश सरकार के बीच स्रोत–साधन प्रत्योजन सम्बन्धी विषयों को लेकर द्वन्द्व सिर्जना करने में लगे हुए हैं । प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– प्रदेश सरकार और स्थानीय सरकार तो संघीय सरकार का ही एक पार्ट है, अपने ही पार्ट के साथ किस तरह द्वन्द्व हो सकता है ?’ प्रदेश सरकार को स्रोध साधन सम्पन्न बनाने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे कहा– ‘प्रदेश सरकार की ओर से योजनाएं आनी चाहिए, अगर संघीय सरकार के पास भी बजट का अभाव रहता है तो विदेश से लोन लाकर भी प्रदेश सरकार द्वार पेश योजना को सफल बनाया जाएगा ।’
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा कि सरकार के विरुद्ध विभिन्न अफवाह फैलाया जा रहा है । सरकार को अधिनायकवाद कहनेवालों को लक्षित करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘कुछ व्यक्ति अधिनायकवाद की हला करते हैं, लेकिन यह तो जनता का शासन है, सभी जनता को खाने के लिए मिलना चाहिए, बोलने की स्वतन्त्रता होनी चाहिए, हम लोग यही चाहते हैं । अधिनायकवाद है कि नहीं व्यवहार में देखा जाए ।’

Leave a Reply

Be the First to Comment!

avatar
  Subscribe  
Notify of
%d bloggers like this: