अथ बिरयानीकथास्

अथ बिरयानीकथास्
व्यग्ंय, बिम्मीशर्मा

DSCN2872बोर्नवीटा, हार्लिक्स और कम्पलान पी कर हट्टा–कट्टा होने के बाद“नयाशक्ति”नाम का एक बच्चा राजनीति के मैदान में

धमाल करने आ रहा है । जैसे बच्चे के जन्म के ११दिन में नामकरण संस्कार (न्वारन) करने के बाद इस का नाम नया शक्ति रखा गया था और ६ महीने बाद कल उसका अन्नप्राशन किया गया था । अन्नप्राशन में वैसे तो बच्चे को खीर खिलाने की परपंरा रही है । पर नया शक्ति नाम के इस बच्चे को मीठा पंसद नही है शायद । इसीलिए इस बच्चे को विरयानी खिलाया गया और अन्नप्राशन में आए हुए मेहमानों को भी विरयानी ही परोसा गया ।
अब विरयानी बच्चे ने कितनी खायी, यह अलग बात है । पर लज्जतदार विरयानी को संूघ कर यह कहाँ का है कयास लगाने की कसरत देश के गणमान्य और बुद्धुजीवी लोग कर रहे हैं । यदि अन्नप्राशन में यह नयां शक्ति नाम का बच्चा मोमोज, चाउमिन या पिज्जा खाता तो उसके चिनीया ईटाली (यूरोपियन यूनियन) के नजदीक होने का दावा सभी आंख बन्द करके करते । पर बच्चे ने विरयानी खाई इसका मतलब यह दक्षिण यानी हमारे अनन्य पड़ोसी भारत का गोद लिया हुआ बच्चा है ।
अब डलर और पौंड सूंघ, सूंघ कर मूर्ख और बुद्धुजीवी बन चुके देश के मान्यजन को कौन समझाए कि विरयानी भारतीय खाना नहीं हैं । मुसलमानों के आक्रमण के समय ईरान से भारत आया था विरयानी । विरयानी शब्द ही पर्सियन शब्द“विरयान” से बना हुआ है । हां भारत में मुगल काल में विरयानी के स्वाद और सौन्दर्य में ईजाफा जरुर हुआ । बच्चा विरयानी खाए या खीर क्या फर्क पड्ता है । बस बच्चे ने शराब या कोई नशे की दवा तो नहीं खाई ?
पर नहीं नेपाल के बुद्धुजीवी चैन से बैंठ जाएं यह तो संभव ही नहीं । बेचारा बच्चा ही रो, रो कर चुप हो जाएगा पर यह चुप नहीं हाेंगे और अपनी वाक स्वतंत्रता का भरपूर सदुपयोग करेंगे । इन्हे तो बस मीनमेख निकालने की आदत है सो वही कर रहे हैं । यदि बच्चा चाउमिन या मोमोज खाता तो यह बेहद खुश होते चिनीया रेल के हल्ले की तरह । यह सोच कर तसल्ली करते कि बच्चा चीन का गोद लिया हुआ है जरुर कुछ प्रगति करेगा । इन्हे माओ का चेला होना मंजूर है पर महात्मा गांधी का नहीं ।
देश का एक तबका खाने में भी राजनीति घुसाता है । यह नहीं देखता कि दाल, भात, तरकारी, अचार, सलाद और पापड बनाने, परोसने और खिलानें में कितना समय जाया हो जाता ? उसके बदले समय और परिश्रम को किफायत कर विरयानी खिलाया जाना इन के गले के नीचे नहीं उतर रहा । यह बाल का खाल निकालने में सिद्धहस्त हैं । बस इसे टाईम पास करना है और इस के लिए राजनीति से अच्छी चीज क्या हो सकती है । यह बुद्धुजीवी विरयानी के इक, एक मसाले को गौर से देख रहे हैं । कहीं उस विरयानी में गलती से बाल दिख गया तो समझिए इन्होने बाजी मार ली । उस बाल को यह दक्षिण के किसी बड़े नेता इन का मान कर बजार में आग की तरह बात फैला देगें । और हो सकता है इस के लिए कोई कमिटी बिठाया जाए और बाल का डि एन ए टेस्ट करने की मांग हो ।
हमारे देश का एक वर्ग ऐसा है जिसका काम ही शंका करना और दूसरों के फटे में टांग अड़ाना है । यह किए बिना इन का खाना हजम नहीं होता । कभी विरयानी तो कभी किसी के विदेश यात्रा पर ही यह इतना सवाल, जवाब करेंगें कि बेचारा वह आदमी तंग आ कर अपना आदमी पासपोर्ट ही फाड़ कर फेंक देगा । देश में बेरोजगारी बढ्ने का सबसे बडा खामियाजा अपने काम से मतलब रखने वाले सीधे, साधे लोग भुगत रहे हंै । दिमाग से बेरोजगार यह लोग दूसरों के सुख से दुखी और दूसरों के दुख से सुखी होने वाले महा रोग से ग्रस्त हैं । दूसरो के आंख मे आँसू मतलब इन के होंठ में मुस्कान ।
यह नया शक्ति नाम का बच्चा भी कुछ ज्यादा ही उछल कूद कर रहा है । इस ने कल बोल दिया कि नेपाली जनता के लिए यह सोने का छत और गजूर बनाएगी । कहां से बनाएगी और कैसे बनाएगी यह पता नहीं पर विरयानी जैसा ही कुछ बनाएगी शायद । एक साल हो गए भूकंप पीड़ित अभी तक पाल में ही है । उनके लिए घर और अन्य आधारभूत आवश्यक्त पूरी करने की तरफ ध्यान देते तो यही बहुत था । आज तक किसी के घर का छत किसी ने सोने का बनाया हुआ नहीं देखा होगा ? अरब के सुल्तान का घर और गजूर भी सोने का नहीं होगा शायद ? नयाशक्ति महाशय हमें तो खर का ही छत वाला घर और गजूर की जगह खाना बनाने के लिए प्रेशर कुकर और गैस मिल जाए तो बहुत है ।
और नंयाशक्ति के संयोजक ने यह भी कहा कि आने वाले २५ सालों में वह देश को बिश्व में सब से धनी राष्ट्र बनाएगें । हां सबसे गरीब राष्ट्र को मिटा कर सबसे धनी राष्ट्र लिख देने से किसी के माई का लाल का क्या जाता है । पहले देश के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली लंबी–लंबी फेक रहे थे अब आपकी बारी है फेकतें रहिए । कहीं पिएम ओली का रोग तो आप के पास ट्रान्सफर हो कर तो नहीं चला गया ? ओली हवा में तीरदांजी कर रहे थे आप तो बिना हवा के ही उड़ रहे हैं ?
नया–नया जोगी बना व्यक्ति कुछ ज्यादा हीअपने शरीर पर राख घसने लगता है । स्कूल में नया आया विद्यार्थी कुछ ज्यादा ही पढाई का स्वांग रचता है । नंयाशक्ति नाम का यह बालक भी कुछ ज्यादा ही रो कर या चिल्ला कर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कर रहा है । पर बच्चा ज्यादा देर रोए या धमाल मचाए तो कोई सह नहीं पाता है । तब बच्चे को तमाचा मारने वाले भी बहुत हाेंगे । इसी लिए नयाशक्ति नाम के इस बच्चे को अच्छे बच्चे की तरह शान्त रह कर अपनी दिमागी और शारीरिक क्रियाकलाप करना चाहिए । इस के लिए बाबा रामदेव का च्यवनप्राश, घी, दूध, बूस्ट और भीभा खूब खा, पी कर अपनी शक्ति बढ़ा कर दंगल में उतरना चाहिए । क्योंकि मैदान में पहले से ही नेपाली काग्रेंस, नेकपा एमाले, एमाओवादी और अन्य दल बूढे और खूसट शेर की तरह आपको दबोचने और शिकार करने के लिए बैठे हुए हंै ।

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