अध्ययन, अध्यापन की समीक्षा आवश्यक : पी.आर. पंत

पी.आर. पंत, शिक्षाविद्, डडेल्धुरा

चूक के बाद हाय तौवा तो मचती है, लेकिन समय के साथ अब सब कुछ बिसरा दिया जाता है । नेपाल में शिक्षा से लेकर प्रशासन व राजनीतिक तक यही होता आ रहा है । बतौर शिक्षा से जुड़े रहने के कारण मेरे अनुभव कहते हैं कि देश में शिक्षा व्यवस्था शुरु से ही राजनीतिक दखलअंदाजी की शिकार रही है । मेरी राय में सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था में राजनीतिक दखलअंदाजी बंद होनी चाहिए । सबकी जबावदेही नये शिरे से तय होनी चाहिए । विद्यालय में शिक्षक और विद्यार्थी दोनों को अनुशासित बनाने के लिए सख्ती नीति बनानी चाहिए । शिक्षक को राजनीति से दूर रखना चाहिए । हर तीन महीने में विद्यालय में अध्ययन, अध्यापन की समीक्षा होनी चाहिए । शिक्षक एवं विद्यार्थी दोनों को अपडेट करवाना चाहिए । इसी प्रकार शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश की भी आवश्यकता है ।

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