अब न्याय सेवा भी सेकेण्ड भर में सर्वसुलभ

HPIM0328नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, २०७१ माघ २७ गते ।
सर्वोच्च अदालत, पुनरावेदन अदालत या नेपाल के किसी भी जगाह से अदालत में चल रहे मुद्दें में तारीख में दौड रहे है या मुद्दें सम्बन्धि मामिला में लग रहे है ? अब आप नेपाल के किसी कोने या विश्व के किसी भी जगह से  बैठकर अपने मोवाइल से एस.एम.एस.के माध्यमो. से तारीख ले सकते है , मुद्दें की पेशी, सुनुवाई या मुद्दें के बारे में यथार्थ जानकारी सेकेण्डभर में ही ले सकते है ।
ना तो बन्द हडताल, बाढ पानी के कारण से सम्बन्धित अदालत में निर्धारित समय में पहुँचने की कोई भी नही चिन्ता, ना तो आप की कई  दिन रास्ते में चलकर समय बर्वाद करना पडेगा , ना तो हजारौं रुपैया की धनराशी खर्च करना पडेगा ,ना तो और किसी का सहारा लेना पडेगा । अब यह सभी प्रकार की अनावश्यक झमेला, समय की बरबादी और आर्थिक भारों से मुक्ति पा सकते है । इतना मात्र नही, अब आप को ना तो अदालत के तामिल्दार, तहसिल्दार या कोई कर्मचारीयों ने झुला  सकते है ना तो आप को कोई कानून व्यवसायी सभी लोगों से फुर्सद ।
यह सभी सुविधा माघ २० गते से सर्वोच्च अदालत से नेपाल अधिराज्यभर के न्यायालयओं में शुरु किया गया है  तारेख तथा म्याद तामेली प्रणालीयों क लियेें  प्रारम्भ हुआ सूचना प्रविधि (सÇटवेयर) के सेवाओं से उपलब्ध होगा । यह नई प्रणालीयों से सभी सेवाग्राहीयों ने कम समय, सर्वसुलभ और पारदर्शी रुप में न्यायसेवा पा सकते है ।
HPIM0329पुनरावेदन अदालत नेपालगन्ज के मुख्य न्यायाधीश बम कुमार श्रेष्ठ ने मंगलवार आयोजित एस.एम.एस.÷अनलाईन तारिख तथा तामेली सÇटवेयर दुई दिवसीय तालिम और सेवा को शुभारम्भ करते हुयें सूचना प्रविधि की विकास के ािथ अब सर्वोच्च अदालत और नेपाल के सभी न्यायालयों में अब ऐसा प्रविधि में जुडे हुयें सेवाग्राहीयों को कम खर्च और विश्वनीय न्याय सेवा देने के लियें लक्षित वर्गो तक कम समय और कम खर्च में सर्वसुलभ न्याय सेवा उपलब्ध कराकर  न्यायालय प्रति सर्वसाधारण नागरिकों को विश्वास वृद्धि होगी  बताया ।
HPIM0330सर्वोच्च अदालत सूचना प्रविधि महाशाखा के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अदालत से ्रवाहित होनवालीे अब के सेवा के बारे में  अपनी  प्रस्तुति के क्रम में मुख्य न्यायाधीश बम कुमार  श्रेष्ठ ने यह सेवा अनौपचारिक रुप में गया पुस महीनें के १ गते से सर्वोच्च अदालत, पुनरावेदन अदालत और बडे बडे  अदालतों में शुरु हुआ और क्रमिक रुप में ७५ जिलें भर में लागू करते जाने के लियें बताया  सञ्चारमाध्यम से यह सूचना को सेवाभाव से प्राथमिकता के साथ स्थान दिया गया तो हरेक कोने कोने में रहे लक्षित वर्ग लाभान्वित हो सकते है और सेवा ने सार्थकता पायेगा तथा यह सेवा का प्रभावकारी कार्यान्वयन होने की बातों पर   हम विश्वस्त रहा हू  बताया ।
यह सेवा की शुरुवात से लक्षित वर्गो ने कम समय और कम खर्च में पारदर्शी और बिश्वासनीय सेवा पा सकते है यह सेवा प्रभावकारी और परिणाममुखी होन पर विश्वास व्यक्त करते हुयें मुख्य न्यायाधीश बम कुमार श्रेष्ठ ने न्याय पहु“च योग्य हो न्याय के साथ सरोकार रखने वाले लक्षित वर्गो को सरल और सहज तरीके से कम समय और कम खर्च में न्याय प्राप्त हो इस उद्देश्यों से अदालत से प्रवाह होनेवाली सेवाओं को समयानुकुल विकास किया गया बताया ।
उन्हों ने सूचना प्रविधि का आज के समय में सूचना प्रविधियों का प्रयोग करके सेवाग्राहीयों को सफ्टवेयर मार्फत सेवाप्रवाह करने से  निश्चिय भी समय और खर्च की बचत होगी, न्याय की पहु“च में इसे सहजता आएगा कहते हुयें मुख्य न्यायाधीश बम कुमार श्रेष्ठ ने, न्याय के पहु“च से कोई भी बञ्चित ना हो और अभी  सर्वोच्च अदालत में विचाराधीन अपने मुद्दें में तोका हुआ तारेख अपना  पायक की जिला या पुनरावेदन अदालत से एस.एम.एस.के माध्यमों से लेने की सुविधा उपलब्ध कराया गया है बताया ।
मुख्य न्यायाधीश बम कुमार श्रेष्ठ ने निष्पÔता, इमान्दारिता, सÔमता और निर्भिकता अदालत का अमूल्य गहना है, इस ने जनआस्थाओं को सदैंव उज्वल बना रखना चाहिए । सरल, शुलभ और प्रभावकारी न्याय प्रकृया के अभाव में सुनने वाली सिकायतें निश्चय भी लागू हुई प्रविधि और सेवाद्वारा कम होते जाएगी बातों पर विश्वास करते हुयें यह सेवा की प्रारम्भ से इतना मात्र, अपना मुद्दे में
क्या हो रहा है ? पेशी में चढ है कि नही चढा ? सुनुवाई हुआ है कि नही ? फैसला या आदेश क्या हुआ है ? कैसा आदेश या फैसला हुआ है ? उस का जानकारी भी सहज तरीके से मिलता है बताया ।
पुनरावेदन अदालत नेपालगन्ज, बा“के जिला अदालत के न्यायाधीश, कानून व्यवसायी तथा सञ्चारकर्मीयों की सहभागिता रही थीे कार्यक्रम में सर्वोच्च अदालत सूचना प्रविधि महाशाखा के उपसचिव चाणक मणि अर्याल ने अनलाइन सेवा लेने देने के सम्बन्ध में प्रस्तुति किया था ।
चाणक मणि अर्याल ने दुर्गम जिला हुम्ला या झापा जिला के सेवाग्राही (वादी–प्रतिवादी) ने म्याद तामेली तारेख का कागज हुलाक से भेजने सम्बन्धित अदालतों में पहु“ा महीनौं लगता था, वो भी जीर्ण और काम ना लगाना होने वाले  अवस्थाओं से अब मुक्ति हुआ है और अब हुलाक, टिकट, लेटरपैड के प्रयोग बिना ही सेकेण्डभर में ही कोई भी जगाह से सेवा सरल और सहज रुप में ले सकते है  बताया ।
उन्हाें ने यह सेवा शुरु होन के बाद अदालत के कर्मचारीयों ने तामेली मिति समय नीचें उपर करना, सेवाग्राहीयों को अनावश्यक दुःख देना, काम ना करना झूठ बोलना जैसी प्रवृत्तियों की भी अन्त्य होगी बताते हुयें कहा क्यों की यह सÇटवेयर से सभी  कामों की निगरानी होगी, पारदर्शी होगी और सर्वोच्च अदालत से ही निरन्तर अनुगमन होती रहेगी  बताया ।
भाषागत दृष्टियों से भी यह सेवा युनिकोड प्रयोग करके नेपाली भाषा में सभी प्रकार की सूचनाए“ सन्देश प्रवाह होती है , जो अभी तक नेपाल टेलिकम ने भी प्रयोग में नही लाया है कहते हुयें अर्याल ने कहा कि सर्वोच्च अदालत के पास  अभी इस प्रकार की शक्तिशाली और उच्च क्षमता की इन्ट्रानेट प्रविधि (अन्तर अदालत नेट सेवा) है, जिस के माध्यमों से देशभर के अदालत का काम कारवाही सहज तरीके से जानना और नियन्त्रण कर सकते है । यह सेवा अभी नेपाल टेलिकम और एनसेल के सिम से मात्र उपलब्ध कराया गया है बताते हुयें अब मुद्दा दर्ज समेत करना मिलेगा और कानून व्यवसायी के लियें अदालत की फैसला को नजीर समेत देखने वाला भी सेवा विस्तार किया गया जानकारी दिया । यह सेवा को प्रभावकारी और चुस्त दुरुस्त बनाने के लियें भौतिक पूर्वाधार, दक्ष जनशक्ति की ओर और व्यवस्थापन तर्फ सर्वोच्च अदालत ने काम आगे बढाया है  उन्हों ने बताया ।
उप–सचिव चाणकमणि अर्याल के अनुसार सर्वोच्च अदालत में २० हजार और पुनरावेदन अदालत नेपालगन्ज में मुद्दें फैसला करना बा“की है ।
यह सेवा उपभोग और उपयोग करने का मूल्य अभिवृद्धि कर बाहेक सेवाग्राहीयों को २० पैसा मात्र लगेंगी और मेसेज बक्स में सन्देश टाइप करके नं.३०३०३ में अदालत का कोड टाइप करना पडेगा । पुनरावेदन अदालत नेपालगन्जको कोड नं. १३ हो र सबै अदालतको कोड नम्बर बेग्लाबेग्लै छन् ।
कार्यक्रममा प्राविधिक पक्षको बारेमा सर्वोच्च अदालतका सफ्टवेयर इन्जीनियर मोहन चौधरीले जानकारी दिनु भएको थियो ।
प्रमुख प्रशिक्षक सूचना प्रविधि महाशाखा के उप–सचिव चाणक मणि अर्याल, सफ्टवेयर इन्जीनियर चौधरी लगायत महाशाखा के अन्य प्राविधिक प्रशिक्षकों ने सहजीकरण किया था इस तालीम में पुनरावेदन अदालत नेपालगन्ज और बा“के जिला अदालत के १२ लोग कर्मचारीयों की सहभागिता रही थी ।

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