अमरीकी दूतावास ने शुरु की हिन्दी में वेब साईट

american embassy in indiaप्रवीण कुमार , भारत से सम्बन्धों में हालिया विवादों की कड़वाहट पाटने को बैचेन अमरीका  अब हिंदी की मिठास का भी सहारा ले रहा है। अमरीका  ने भारत में अपने दूतावास की वेबसाइट को हिंदी http://hindi.newdelhi.usembassy.gov/।नयखर में भी आरम्भ किया है। साथ ही दूतावास की मासिक पत्रिका स्पैन के लिए भी हिंदी पोर्टल http://span.state.gov/hi शुरू किया गया है।

चुनावी कवायद के बीच बीते सप्ताह अचानक त्याग(पत्र  की घोषणा कर चुकी अमेरिकी राजदूत नैंसी पावेल ने वेबसाइट को लोकार्पित  करते हुए कहा कि इसके सहारे भारत की सांस्कृतिक विरासत से गहरे तक जुड़ने में सहायता  मिलेगी। अगले माह तक वापस लौटने की घोषणा कर चुकी पावेल का कहना था कि भारत और अमरीका  का भविष्य उज्ज्वल  है। पावेल के त्यागपत्र के समय को लेकर अब भी कई प्रश्न बरकरार हैं। कार्यक्रम से इतर इस सम्बन्ध में पत्रकारों के प्रश्नों पर भी राजदूत ने कोई उत्तर नहीं दिया।

उल्लेखनीय है कि पावेल के त्याग(पत्र को भारत में राजनीतिक हवा और भाजपा के प्रधानमंत्री पद प्रत्याशी नरेंद्र मोदी के साथ संपर्क सूत्र जोड़ने में हुई देरी से भी जोड़कर देखा गया। वहीं कुछ महीने पहले भारतीय महिला राजनयिक देवयानी खोबरागड़े के साथ अमरीका में हुए दुर्व्यवहार ने भी रिश्तों की लय बिगाड़ी। माना जा रहा है कि अमरीका भारत में नई सरकार के आगमन के साथ रिश्तों में नई शुरुआत करना चाहता है। अमेरिकी दूतावास की हिंदी वेबसाइट भी भारत में आम चुनावों को लेकर चल रही कवायद के बीच ही आरंभ की गई है। वैसे रोचक है कि चुनावी दौड़ में फिलहाल आगे माने जा रहे नरेंद्र मोदी भी हिन्दी में ही अधिक सहज हैं और सभी बड़े मंचों पर धाराप्रवाह हिन्दी में ही बोलते हैं जबकि भारत के एलीट नेता इन मंचों पर हिन्दी में बोलने में शर्मिंदगी का अनुभव करते हैं।

हालांकि, अमेरिकी दूतावास के सूत्र इन प्रयासों के चुनावी मायनों से इन्कार करते हैं। वहीं अमेरिकी दूतावास वेबसाइट को उर्दू में भी उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। लेकिन, अमेरिकी खेमा इतना जरूर मानता हैं कि भारत में हिंदी की महत्ता पर उनके आकलन गलत सिद्ध हुए  हैं। दो दशक पहले तक माना जाता था कि भारत में अधिकांश लोग अंग्रेजी बोलने लगेंगे, लेकिन हिंदी के प्रभाव ने इसे गलत सिद्ध किया। लिहाजा हिंदी में अपनी बात रखने की आवश्यकता अनुभव की गई। कार्यक्रम में उपस्थित प्रसार भारती की अध्यक्ष और साहित्यकार मृणाल पांडे ने इसे एक सराहनीय प्रयास बताया। दूतावास ने ट्विटर पर भी हिन्दी के लिए नए खाते खोले हैं और वहां भी सारी  जानकारी हिन्दी में साझा की जा रही है।

लेखक हिन्दी प्रेमी हैं और हिन्दी को उसका महत्व दिलाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं०

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz