अर्थ रिपोर्ट

नेपाल में सिमेन्ट उद्योग की अवस्था उत्साहजनक
लोडसेडिंङ प्रमुख समस्या
विनय कुमार:नेपाल अब औद्योगिक  रूप में पीछे नहीं है । विगत की अवस्थाओं से अब कोई चिंता करना जरूरी नहीं । उद्योग क्षेत्र में लगानी और मैत्री वातावरण भी बनते जा रहे हंै । आज हम बात कर रहे हैं सिमेन्ट उद्योग पर । नेपाल में करीब ६५/७० सिमेन्ट उद्योग हैं और कुछ उद्योग  दर्ता की क्रम में होने की जानकारी उद्योग वाणिज्य विभाग ने दिया है । पहले पहले भारत से क्लिङ्कर खरीद करके लाने वाले सिमेन्ट उद्योग बहुत थे । लेकिन हाल में नेपाल से उत्पादित क्लिङ्कर प्रयोग करने वाले उद्योगों की सख्या में बढोत्तरी हर्ुइ है । सरकार भी नेपाली चुनाखानियों का अधिकतम प्रयोग कर के क्लिङ्कर आयात शुन्य की अवस्था में लाने की योजना हैं । फिर भी एक वषों में करीब १० अरब बराबर के क्लिङ्कर भारत से आयात होता है । देश में उद्योग सञ्चालन करने में एक समस्या लोडसेडिङ्ग हैं । कइ सिमेन्ट उद्योग से हर्ुइ बातचीत में यह समस्या का जडÞ बताया गया । लोडसेडिङ्ग के कारण कितने उद्योग प्रभावित हो कर बन्द होने के लिए मजबूर भी हो जाते हैं । सरकार को उद्योग क्षेत्रों में ध्यान देना जरुरी होगा । प्रस्तुत हैं, तीन सिमेन्ट उद्योग की प्रतिनिधि से हर्ुइ बातचीत-

क्वालिटी में कोई समझौता नहीं
सुबास खतिवडा
ब्रान्ड म्यानेजर/ शिवम् सिमेन्ट
० शिवम सिमेन्ट कारखाना की स्थापना कब हर्ुइ – बाजार मे आपका उत्पादन कब से आना शुरु हुआ –
-सिमेन्ट कारखाना की स्थापना २००६ साल में हर्ुइ है । एक सोच और नयी योजना बना कर बाजार मंे अपना  उत्पादन २०११ से प्रस्तुत कर रहें हैं ।
० वाषिर्क उत्पादन क्षमता कितनी है – बाजार मंे कैसा डिमान्ड है – कितनी खपत होती है – मागअनुसार पर्ूर्ति हो पाती है या नही –
– वाषिर्क उत्पादन मंे हम नहीं जाएं तो अच्छा । इसका क्यालकुलेशन दैनिकी क्षमता से होगा । बाजार की मांग एक ही होती है, वो है क्वालिटी । ये सिमेन्ट कारखाना १२०० मेटि्रक टन प्रतिदिन उत्पादन करता है । बहुत तरह की कठिनाइयों के बाबजूद भी बाजार की मांग को हम  सहज तरिका से पर्ूर्ति करते हंै । बहुत अच्छा डिमान्ड है और जितना उत्पादन करतें हैं, उतना बेचते भी हैं । फुल प्लान्ट क्यापिसिटी युटिलाइज हो रहा है ।
० कारखाना चलाने में कैसी समस्याएं हैं – सरकार कारखानाओं के लिए कैसा सहयोग करते आ रही हैं –
–  प्रमुख समस्या है हमारे देश की लोडसेडिङ्ग । अगर सरकार कारखानाओं को लोडसेडिङ्ग मुक्त घोषित कर दे तो कारखाना चलाने में कोइ समस्या ही नही होगी । सरकार को इस बात पर ध्यान देना जरुरी है । और दूसरी समस्या ढुवानी में हैं । यातायात साधन में भी कमी है । कारखाना सञ्चालन में सरकार द्वारा पर्ूण्ा सहयोग मिलना चाहिये  ।
० सिमेन्ट उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ रही हैं । कैसे टिक पाएगें –
– हमारा एक ही सिद्धान्त है, क्वालिटी । क्वालिटी में कोई कम्प्रोमाइज नही करते हैं । गुणस्तर से ही बाजार में अब तक टिके हैं । आफ बाजार में इस बात को जाँच सकते हैं । ग्राहकों का असीम स्नेह और विश्वास हमें प्राप्त हैं । हमें आगे बढ्ने से कोई नही रोक सकता ।
० आप का उत्पादन ओपिसी है कि पीपीसी – ये ज्यादातर कहाँ-कहाँ प्रयोग होता हैं –
– हमारा उत्पादन ओपिसी में है । विशाल भवन, कम्पनी, होइड्रोपावर, रिङ्गरोड निमार्ण्र्ााार्यो में शिवम प्रयोग होते आ रहा है । जैसे कि भाटभटेनी सुपर मार्केट नव निर्माण का काम प्रायः सभी शिवम  के द्वारा हुआ है । ऐसे ही कामो मंे ओपिसी का प्रयोग होता है ।
० सिमेन्ट बनाने के लिये कच्चा पदार्थ कहाँ से लाते हैं जरा विस्तार में बताएं ।
– कच्चा पदार्थ का उत्पादन हम खुद करते हैं । कच्चा पदार्थ को हम क्लिीङ्कर भी कहते हंै । उच्चकोटी की खान  से इसका सप्लाई होता है । बहुत सी सिमेन्ट कम्पनी इन्डिया इसे मंगाती हैं ।
० आप का प्रमुख बाजार कहाँ कहाँ है –
-काठमाडू, पोखरा, हेटौडा, चितवन, वीरगँज, जनकपुर, हमारा प्रमुख बाजार हैं । इटहरी, विराटनगर में भी हम अच्छी सप्लाई करते हैं । ऐसा समझिये कि नेपाल के सभी प्रमुख बाजारों में शिवम सिमेन्ट आसानी से उपलब्ध हैं ।
ण् घर बनते बनते टूट जाना, पुल बनते ही टूट जाना इस में कैसी समस्या हो सकती है –
-ये बात सिमेन्ट की गुणस्तर पर निर्भर करती है । छडÞ, डन्डी और काम करने के तरीका पर निर्भर होता है ।

भारतीय क्लिङ्कर प्रतिस्थापन का हमारा लक्ष्य
घोराही सिमेन्ट उद्योग नेपाल के सब से बडÞा उद्योग माना जाता है । उसका एक उत्पादन सागरमाथा सिमेन्ट है जो बहुत छोटे समय में ही बाजार मंे धूम मचाए हुए है । इस तरह बाजार में छा जाने पर बाजार प्रबन्धक प्रतीक अधिकारी अपनी खुशी व्यक्त करते हैं । बाजार में बहुत सी कम्पनी ऐसी हैं जो भारत से कच्चा पदार्थ क्लिङ्कर खरिद कर लाते हैं । और नेपाल के सिमेन्ट उद्योगों में आपर्ूर्ति करते हैं ।
म्यानेजर अधिकारी नें घोराही उद्योग क्लिङ्कर १२०० मेटि्रक टन प्रतिदिन और सागरमाथा सिमेन्ट ७५० मेटि्रक टन उत्पादन करनें की जानकारी दी । र्
वर्तमान में बडी तेजी के साथ नेपाल में उद्योग कारखाना भी बढÞते जा रहे हैं । इस पर देश गर्व कर सकता है लेकिन उद्योगी व्यवसायियों के लिए यह एक चिन्ता का विषय बनते जा रहा है । देश में अधिकतम लोडसेडिङ्ग से उद्योग कारखाना में बुरा असर पडता है ।
कितने उद्योगी  तो कारखाना बन्द करनें पर मजबूर हो जाते हैं । म्यानेजर अधिकारी नें इस समस्या का समाधान होना भी जरूरी बताया । सागरमाथा सिमेन्ट सिर्फराष्ट्रीय गुणस्तर अनुरूप नहीं है बल्कि दुनिया भर में प्रचलित उच्च स्तर के ओपिसी और पिपिसी सिमेन्ट के मापदण्ड बमोजिम है । अधिकारी ने आगे कहा- ” आयात प्रतिस्थापन का अभियान, राष्ट्रीय गौरव की पहचान” ही हमारा उद्येश्य है । विश्व में सिमेन्ट आपर्ूर्ति में प्रसिद्ध माने जाने वाले उद्योग में से एक उद्योग जर्मन की प्ज्म् ज्umदयमित ने घोराही सिमेन्ट इण्डस्टि्रज प्रा. लि में जडिÞत अत्याधुनिक प्रविधि उपलब्ध कराया हैं । सगरमाथा सिमेन्ट जर्मन टेक्नोलोजी से डबल फिल्टर किया जाता हैं । घोराही सिमेन्ट इण्डष्ट्रिज प्रा. लि का सागरमाथा ओपिसी और पिपिसी सिमेन्ट आइएसओ/एनएस मार्क प्राप्त कम्पनी है । इस सिमेन्ट का प्रमुख बाजार मूलतः पश्चिम और सुदूर पश्चिम है । म्यानेजर अधिकारी ने कहा- ‘हम अपनी सिमेन्ट को जलवायु अनुकूल  सिमेन्ट कहते हैं, और निर्माण में भी लगे हुए है । यह सिमेन्ट एच. सि. आई. एक नन-प्रोफिट अरगनाइजेसन के साथ सम्बद्ध है । वषिर्क रुप में भारत से १० अर्ब का सिमेन्ट -क्लिङ्कर) आयात होती है, सगरमाथा सिमेन्ट ने उस को प्रतिस्थापन करने की लक्ष्य रखा है । सागरमाथा सिमेन्ट अपना राजस्व और कर समय में सरकार को दे कर देश की आर्थिक अवस्था में सुधार लाने में मददगार है । सागरमाथा सिमेन्टका ब्रान्ड एम्बेस्डर सब से ज्यादा अर्थात् २१ बार सागरमाथा चढने वाले अप्पा शर्ेपा हैं । –प्रतीक अधिकारी,
मार्केटिङ्ग म्यानेजर/सागरमाथा सिमेन्ट

लोडसेडिङ प्रमुख समस्या
१९०९ ए.डी. मे स्थापित केडिया अरगनाईजेशन का इस समेन्ट का इसवी २००३ से उत्पादन शुरु किया । उसी समय सें सिमेन्ट के दुनिया में बृज सिमेन्ट एक बडÞा नाम है । इस के म्यानेजिङ्ग डाइरेक्टर तारा चन्द केडिया हैं । हाल में इसका उत्पादन प्रतिदिन १००० टन है । सेल्स म्यानेजर सुरेश जयसवाल ने कहा-“हमारा उत्पादन देश के हर कोने में सप्लाई होता है, हम क्वालिटी पर विश्वास करते हैं ।”
बृज सिमेन्टका प्रमुख बजार काठमाडौँ, नारायणगढ, भैरहवा, बुटवल, तुलसीपुर होने की जानकारी म्यानेजर जयसवाल ने दी । नेपाल गुणस्तर तथा नापतौल विभाग द्वारा स्थापित मापदण्ड पर बाजार मंे कई कम्पनी टिक नही पाती हैं । म्यानेजर जयसवाल ने आगे कहा-” हम अपना रो मेटेरियल-क्लिङ्कर) भारत से लाते हैं क्योंकि नेपाल कें उत्पादन से डिमान्ड फुलफिल नही हो पाता है ।” कारखाना सञ्चालन में कैसी-कैसी समस्याएँ आती हैं – इस सवाल का जवाब देते हुए म्यानेजर जयसवाल ने कहा, ‘लोडसेडिङ्ग की समस्या ही प्रमुख समस्या बनती है, हम डिमान्ड फुल नही कर पाते हैं ।’ ट्रक की समस्या भी जटिल है, भाडÞा हाई होता जा रहा है, बन्द हडÞताल से उद्योग सञ्चालन करने में प्रभाव पडÞता है । नेपाल में लोडसेडिङ्ग की समस्या ना हो तो ग्राहक को सबसे ज्यादा फायदा होगा । चाहे वो कोई भी कम्पनी क्यों ना हो । इस बारे में सरकार को ध्यान देना बहुत जरुरी है ।
जायसवाल ने आगे कहा-‘ अभी तक लिडिङ्ग कम्पनी के रुप में हम आगे हैं, आगे बढÞने के लिए बहुत सारी योजनाएं हैं जो सेयर नही किया जा सकता । क्वालिटी मे कोई समझौता नहीं करते हंै ।’ बृज सिमेन्ट के पिपिसी और ओपिसी दोनांे उत्पादन हैं । इस कम्पनी का म्यानुफ्याक्चरिङ्ग प्लान्ट रुपन्देही जिल्ला के गोनाहा गाविस में अवस्थित है । -सुरेश जयसवाल
सेल्स म्यानेजर, बृज सिमेन्ट

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