अलग अलग मतपत्र की छपाइ मुश्किल ः अायाेग । क्या चुनाव की तिथि अागे बढेगी ?

८ कात्तिक, काठमाडौं ।

सर्वोच्च अदालत ने प्रदेशसभा अाैर प्रतिनिधिसभा चुनाव में प्रत्यक्षतर्फ अलग-अलग मतपत्र छापने की अावश्ययकता बताइ है । इस विषय में तीन दिन के भीतर प्रगति विवरण पेश करने का अदालत ने बुधबार निर्वाचन आयोग काे अादेश दिया है ।

निर्वाचन आयोग ने एक ही मतपत्र छापने के निर्णय के दिन सर्वोच्च ने प्रदेश अाैर प्रतिनिधिसभा में प्रत्यक्ष के तरफ अलग-अलग मतपत्र छापने की  बाध्यात्मक व्यवस्था की बात कही है ।

अलग अलग मतपत्र माग करते राजपा नेता सवेन्द्रनाथ शुक्ल द्वारा दायर  रिट में सर्वोच्च ने २९ असोज गते पहलेआदेश दिया था । समानुपातिक की अाेर मतपत्र छपने के कारण अदालत ने अन्तरिम आदेश नहीं दिया । इस आदेश में प्रदेश अाैर प्रतिनिधिसभा में अलगअलग मतपत्र छपने की व्यवस्था  अाैर १० गते से मतपत्र छापने की स्थिति में संवैधानिक अाैर कानुनी प्रावधान गम्भीरतापूर्वक  विचार करने के कारण अन्तरिम आदेश नहीं देने की बात थी ।

पर, सर्वोच्च के आदेश का पालन नहीं हाेन के अाराेप के साथ राजपा नेता शुक्ल ने आयोगविरुद्ध अदालत में अवहेलना का मुद्दा डाला था । ।

अवहेलना मुद्दा में प्रारम्भिक सुनवाइ करते हए न्यायाधीश डम्बरबहादुर शाही के एकल इजलास ने अलग-अलग मतपत्र छपाई में क्या प्रगति हुइ है इसका लिखित जानकारी देने का अादेश दिया है । वहीं अायाेग ने कह दिया है कि अलग अलग मतपत्र की छपाइ इतने कम समय में मुश्किल है । इसी के साथ चुनाव की तिथि अागे बढने की संभावना प्रवल हाेती दिखाइ दे रही है ।

 

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