ऐसे करें पूजा

विष्णुधर्मोत्तर पुराण के अनुसार चैत्र नवमी को रामनवमी के नाम से जाना जाता है इस दिन भगवान रामचंद्र का जन्म हुआ था। पंडित दीपक पांडे ने बताया कि इस दिन प्रातः काल सत्य, संकल्प, काम, क्रोध, लोभ और मोह को त्‍याग कर व्रत करें। इसके बाद मंदिर या घर में ही मकर ध्वज पताका और बंदनवार लगायें। कलश पूजन करें। इसके बाद श्रद्धा के अनुसार भगवान राम का भजन, स्मरण और स्त्रोत आदि का पाठ करें। दूसरे दिन व्रत का पारण करें सामर्थ्य के अनुसार दान करें और ब्राह्मणों को भोजन करायें।

राशि अनुसार करें दान 

इस दिन भगवान राम के अवतरित होने का दिन माना जाता है। इस दिन भगवान का पूजन करते समय सच्‍चे मन उनको याद करने से भगवान राम से सभी मनोकामनाएं पूरी होने का आर्शिवाद प्राप्‍त करें। पंडित जी बताते हैं कि इस दिन भगवान से सुखी दांपत्य जीवन का भी आर्शिवाद प्राप्‍त होता है। इसके लिए यदि विभिन्‍न राशि वाले कुछ खास चीजें दान करें तो उन्‍हें वैवाहिक जीवन में सुख शांति प्राप्‍ति हो सकती है।

मेष राशि-  लड्डू और अनार का भोग लगायें।

वृष राशि- रसगुल्ले का भोग लगायें।

मिथुन राशि- 1 किलो काजू की बर्फी और अमरूद चढ़ायें।

कर्क राशि-  मावे की बर्फी और नारियल का भोग लगायें।

सिंह राशि- गुड़ एवं बेल का फल चढ़ायें।

कन्या राशि- तुलसी पत्र के साथ नाशपाती या किसी अन्य हरे फल का भोग लगायें।

तुला राशि- कलाकंद और सेब का भोग लगायें।

वृश्चिक राशि- गुड़ की रेवड़ी और गाजर के हलवे का भोग लगायें।

धनु राशि- बेसन की बर्फी और लड्डू का भोग लगायें।

मकर राशि- गुलाब जामुन और काले अंगूर का भोग लगायें।

कुंभ राशि- चीकू या ऐसे ही किसी भूरे छिलके वाले फल का भोग लगायें।

मीन राशि- जलेबी और केले का भोग लगायें।