आत्मदाह करनेवाले तिब्बती का उपचार के दौरान मृत्यु हो गई ।

काठमांडू, १४ फरवरी: तिब्बती आदमी जो खुद को आत्मदाह करने के लिये शरिर मे आग लगा ली थी आज राजधानी के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल, महाराजगंज, मे उपचार के दौरान ऊनकी मृत्यु हो गई ।

अस्पताल के प्रशासक चंद्र कुमार राय ने डॉक्टरों का हवाला देते हुए कहा कि  निर्वासित तिब्बती जो कि थुण्डूप दोपचेन के रूप में पहचान कीया गया था १०बजकर १५मिनट रात मे धम तोड दिया । उन्हे उसके शरीर का 95 प्रतिशत से अधिक जलने का सामना करना पड़ा था ।

डीएसपी जीवन कुमार श्रेष्ठ ने कहा कि मृतक का शरीर तत्काल पोस्टमार्टम के लिए फोरेंसिक विभाग में रखा गया है । पुलिस अधिकारी ने कहा है कि कोई भी अभीतक शरीर का दावा नही किया है, अभी तक पुलिस से भी कोइ भी संपर्क नही किया है ।

उसने अपने आप को बुधवार को 8:30 बजे आग लगा लिया था और बौद्ध स्तूप के आसपास दौरने की कोशिश किया था,  पुलिस ने आग को बुझाकर उसे इलाज के लिए पास के एक अस्पताल में दाखिल किया था ।

पुलिस को संदेह व्यक्त किया है कि वह जवान  भारत से आया था । इस घटना को वर्णित करते हुये पुलिस ने कहा हे कि”नेपाल में तिब्बती द्वारा आत्मदाह” की यह पहला घटना है ।

निर्वासन में रहे तिब्बतीयों की सरकार धर्मशाला भारतीय शहर में स्थित है । 2009 के बाद से कइ आत्मदाह का मामला हो चुका है जिनमे 83 का मौत हो चुका है । तिब्बतियों ने आत्मदाह के मारफ्त दुनिया भर में ध्यान आकर्षित करने का कोशिस कर रहा है ।

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