आदिवासी जनजाति तथा मधेसियों की माग अवश्य संबोधन किया जाएगा: प्रधानमन्त्री

DSCN3007_1
विजेता चौधरी, काठमाण्डू, साउन २५ | आज विश्व आदिवासी जनजाति दिवस, प्रधानमन्त्री ने कहा शंका न करें मांग संबोधन होगा |
आज २२ वां विश्व आदिवासी जनजाति दिवस नेपाल भर धुमधाम के साथ मनाया गया । उक्त अवसर पर नेपाल आदिवासी जनजाति महासंघ द्वारा काठमाण्डू में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधन करते हुए प्रधानमन्त्री प्रचण्ड ने संविधान संशोधन कर के आदिवासी जनजाति तथा मधेसियों के माग आवश्य संबोधन किया जाएगा बताते हुए कहा इस सन्दर्भ में सरकार के उपर शंका न करें ।

DSCN3014
उन्होंने कहा – आदिवासी जनजाति तथा मधेसी लगायत के समुदाय संविधान में अपना पहचान स्थापित होने की बात महशुस जब तक नहीं कर लेती तब तक देश की राष्ट्रीय एकता मजबुत नहीं हो सकती ।
कार्यक्रम में बोलते हुए प्रचण्ड ने कहा– माग संबोधन के लिए ही हमने संघीय गठबन्धन के साथ सहमति किया है । संघीय गठबन्धन के साथ किया गया सहमति के अनुसार सरकार, संविधान संशोधन का प्रस्ताव संसद में पेश करेगी तथा इस के लिए सभी को विश्वस्त रहने के लिए भी आग्रह किया ।
कार्यक्रम में उपस्थित नेपली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामचन्द्र पौडेल ने अपना मन्तव्य व्यक्त करते हुए कहा–आदिवासी जनजाति सभी मिलकर संविधान के कार्यान्वयन में सहयोगी भूमिका निभाएगी तो सभी के पहिचान कायम करने के लिए कांग्रेस सहयोग करेगी ।
कार्यक्रम में आदिवासी जनजाति के अगुवा नेता तथा अभियंताओं ने प्रमुद दल के शिर्ष नेताओं के उपर जातियवादी बनने का आरोप लगाते हुए कहा जातिय पहिचान को नाकारात्मक रुप में न लिया जाए ।
कार्यक्रम में प्रधानमन्त्री प्रचण्ड भी आदिवासी जनजातियों के नाच तथा पौराणीक बाजा के ताल पर ठुमक उठे थें । कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक झाकीयां तथा नृत्य भी प्रस्तुत किया गया था ।

Loading...
%d bloggers like this: