आन्दोलन अभी नहीं रुकेगा,दूसरा नका भी बन्द करेगें : राजेन्द्र महतो

काठमाण्डू,18 जनवरी ।
सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा है कि गलत समझौता करेके आन्दोलन खत्म होने वाला नहीं है । हिमालिनी से हुई बातचित में उन्होंने कहा है कि अभी बाजार में मधेश आन्दोलन सम्बन्धी जो हल्ला हो रहा है, उस में पूर्ण सत्यता नहीं है । स्मरण रहे, दिल्ली से काठमांडू लौटने के बाद सद्भावना अध्यक्ष महतो प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली से मिलने गए थे, उसके बाद मीडिया में आने लगा है कि सरकार और मधेशी मोर्चा के बीच जल्द ही सहमति होने वाली है और जारी नाकाबन्दी खत्म होने वाला है । लेकिन मधेशी मोर्चा के नेता भी रहे महतो ने इस बात को साफ इन्कार करते हुए कहा है– ‘प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली अभी भी मधेशी जनता की मांग सुनने के लिए तैयार नहीं हैं । ऐसी अवस्था में आन्दोलन कैसे खत्म होगा ?’Rajedra Mahatto-1
दिल्ली से काठमांडू आने के बाद ही अध्यक्ष महतो और प्रधानमन्त्री केपी ओली के बीच कल साम बातचीत हुई थी । ओली और महतो के बीच किस–किस मुद्दा को लेकर दो घण्टा तक बातचीत हुई ? इस सम्बन्ध में हिमालिनी ने अध्यक्ष महतो से पूछा है । उस क्रम में अध्यक्ष महतो ने बताया– ‘जब ओली ने टेलिफोन कर मुझे काठमांडू आने के लिए बुलाया था, मैं आशावादी था कि वह मधेशी जनता की मांग को सुनने के लिए तैयार हो गए है । लेकिन जब मैंने उनके साथ भेट की तो उन्होंने अपने ही बारे में बताना शुरु कर दिया। दो घण्टा में से एक घण्टा तो उन्होंने अपनी सफाई दी । उक्त क्रम में उन्होंने दावा किया कि मधेश आन्दोलन के सम्बन्ध में उनके द्वारा जितना भी विचार व्यक्त हुआ है, वह सब मीडिया ने गलत आसय के साथ प्रसारित किया है । ओलीका मनना था कि वह मधेश विरोधी नहीं है । लेकिन जब सीमांकन सम्बन्धी विषयों में बातचीत शुरु हुई तो उन्होंने उपलब्धीपूर्ण कोई भी बात नहीं कही ।’ महतो ने यह भी बताया कि ओली अपने पुराने अडान पर भी अडिग रहना चाहते है ।
जारी मधेश आन्दोलन कब खत्म होगा ? जब यह प्रश्न महतो के साथ रखा तो उन्होंने कहा– ‘जब तक मधेशी जनता अपनी अधिकार प्राप्त नहीं करेगी ।’ आन्दोलन जारी रहने की बात बताते हुए उन्होंने कहा– ‘अगर हम आन्दोलन से वापस हो जाएगें तो भी आन्दोलन रुकने वाला नहीं है । ऐसी अवस्था में आन्दोलन दूसरा कोई भी अराजक समूह के हाथ में जा सकता है ।’ महतो का मनना है कि अगर मधेशी मोर्चा जारी मधेश आन्दोलन रोकने के लिए प्रयास करेंगे तो आन्दोलन दूसरे अराजक (सशस्त्र समूह और विखण्डनवादी) समूह के हाथ में जा सकता है । यही बात उन्होंने ओली को भी बता दिया है ।
अध्यक्ष महतो ने यह भी बताया है कि अगर मधेश में दो प्रदशों का संवैधानिक ग्यारेन्टी अभी हो जाता है तो तीन महीना के बाद भी सीकांकन कर सकते है । उसके बाद आन्दोलन भी रुक सकता है । महतो ने कहा– ‘लेकिन प्रमुख तीन राजनीतिक शक्ति इसके लिए तैयार नहीं है । तीन राजनीतिक शक्ति चाहते है कि राजनीतिक संयन्त्र के द्वारा ही सीमांकन लगायत विवादित अन्य विषय हल हो । यह सम्भव नहीं है ।’ अध्यक्ष महतो ने कहा कि अभी वीरगंज के अलावा अन्य जो भी सीमा से इन्धन लगायत सामाग्री आयात हो रहा है, वह भी रुक सकता है । इसके लिए मधेशी मोर्चा आन्दोलन का स्वरुप परिवर्तन कर सकते हैं । इतना होते हुए भी महतो चाहते है ऐसी परिस्थिति ना आए, मधेशी जनता की मांग सम्बोधन हो जाए और परिस्थिति सामान्य बने |

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