आपसी रंजिश या व्यावसायिक दुश्मनी

जीतेश जीतू’

नेपाल में जाली भारतीय नोट का प्रमुख कारोबारी, ड्रग्स का अंतर्रर्रीय सप्लायर तथा हथियारों की खरीद फरोख्त में दलाली का काम करने वाले युनुस अंसारी पर काठमांडू के सुन्धारा स्थित केन्द्रीय कारागार में हुए हमले को राजनीतिक रूप देने की नाकाम कोशिश की गई और इस गोलीकाण्ड में भारतीय एजेसियों का नाम भी जोडकर समाचार प्रकाशित किया गया । लेकिन इस घटना के लिए गठित जाँच समितियों ने इसका कुछ और तथ्य सामने लाया है ।
दरअसल जाली भारतीय नोट के प्रमुख कारोबारी और ड्रग्स के सप्लायर होने के आरोप में युनुस अंसारी पिछले वर्ष२००९, ३१ दिसम्बर से ही गिरफ्तार होकर जेल में बन्द हैं । जमीम शाह हत्याकाण्ड के लिए गठित जाँच समिति ने युनुस पर हुए हमले को उसके अंतर्रर्ाा्रीय आपराधिक गिरोहों से सांठगांठ को ही कारण माना है । नेपाल में रहकर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में युनुस दाउद के लिए काम किया करता था । जबसे युनुस की गिरफ्तारी हर्ुइ है, तब से आइएसआई और दाऊद के लिए नेपाल के रास्ते भारत में जाली नोट का खेप पहुँचाने वाले दर्जनों एजेण्टों को पुलिस ने पकड लिया है । जेल में रहकर भी युनुस अंसारी लगातार पाकिस्तान में अपने आकाओं से बात करता और जाली नोट का धंधा उसका बदस्तूर जारी था । युनुस का फोन टेप कर पुलिस ने जाली नोट कारोबार करने वाले लगभग दो दर्जन से अधिक पाकिस्तानी, नेपाली तथा भारतीय नागरिकों को पिछले १ साल के दौरान गिरफ्तार किया है । इन गिरफ्तारी से पाकिस्तान में बैठे सरगनाओं को लगा कि युनुस का जिंदा रहना खतरा बनता जा रहा है । सेन्ट्रल जेल में हुए युनुस पर हमले के बाद नेपाल पुलिस प्रमुख ने भी इस घटना के पीछे अंसारी का अंतर्रर्ाा्रीय आपराधिक गिरोहों से सांठगांठ को मुख्य वजह बताया । सुरक्षा मामलों की संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए नेपाल पुलिस के प्रमुख आईजीपी रमेश चन्द ठकुरी ने बताया कि जाली नोट, ड्रग्स और हथियार का कारोबार करने वाले युनुस का सर्ंपर्क पाकिस्तान के कँरांची से लेकर साउदी अरब के दर्ुबई तक है और उसी का नतीजा है कि युनुस पर हमला किया गया है । नेपाल पुलिस के डीआईजी रवीन्द्र प्रताप शाह के नेतृत्व में गठित जाँच समिति ने इस गोलीकाण्ड के पीछे पाकिस्तान में बैठे जाली नोट कारोबार के सरगनाओं द्वारा किए जोने की ओर संकेत किया गया है । अब तक र्सार्वजनिक नहीं की गई जाँच रिपोर्ट में कहा गया है कि जाली भारतीय नोट का कारोबार करने वाले समूह ने युनुस को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी । नेपाल की जेल में बन्द युनुस अब उनके लिए खतरा बन गया है और युनुस के कारण नेपाल पुलिस द्वारा उनके कई महत्वपर्ूण्ा लागों की, की गई गिरफ्तारी से युनुस के पाकिस्तान और दर्ुबई में बैठे आका काफी नाराज हैं । एक पर्ूव सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि अंडरवर्ल्ड में यह बहुत पहले से होता आया है । जब तक कोई आदमी उनके काम का होता है तब तक ही उसकी पूछ होती है । जैसे ही वह आदमी उनके लिए खतरा बन जाए तो उसे रास्ते से हटा दिया जाता है । युनुस मामले में भी ठीक ऐसा ही हुआ है । अब तक जिसके लिए युनुस अंसारी काम किया करता था व

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