आवरण उद्योग में उभरते चेहरे अपेक्षा और चुनौती

लीलानाथ गौतम:नेपाली उद्योग-व्यवसायियों का संगठन नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ -एफएनसीसीआई) में प्रदीपजंग पाण्डे के नेतृत्व में नया कार्य समिति का चयन हुआ है । उक्त नेतृत्व के प्रति आम व्यवसायियों ने व्यवसायिक हित के लिए बहुत सी अपेक्षाएं की हैं । दूसरी तरफ सरकार, र्सवसाधारण जनता सहित अन्य क्षेत्र ने भी उन लोगों से कुछ न कुछ अपेक्षा की है । निर्वाचित होने के बाद अध्यक्ष प्रदीपजंग पाण्डे ने बताया था कि व्यावसायिक एकता उनकी मुख्य प्राथमिकता में है और इसके लिए सभी पक्ष को मिला कर आगे बढÞने का प्रयास भी वह करेंगे । हिमालिनी से बातचीत करते हुए भी उन्होंने यही बात दुहर्राई है । समूह-समूह मंे विभक्त होकर निर्वाचन लडÞने वाले व्यवसायियों को समेट कर कोई आगे बढÞना चाहता है तो इसे सकारात्मक ही कहना होगा । लेकिन पाण्डे ने जो बताया है, वह उतना सहज नहीं है । नेपाली राजनीति की तरह ही व्यवसायिक जगत में भी स्वार्थगत गुटबन्दी का बोलवाला रहता आया है । ऐसी अवस्था में संगठन को विवादरहित बना कर ले जाना कम चुनौतीपर्ूण्ा काम नहीं है । विगत का इतिहास भी इसका गवाह है । जहाँ व्यावसायिक गतिविधि से ज्यादा समूहगत स्वार्थ से भरे क्रियाकलाप होते रहते है । अर्थात् व्यावसायिक समूह में भी दलीय विचार और स्वार्थ दिखाई देता है । जिसके कारण व्यावसायिक नेतृत्व का विकास ठीक से नहीं हो पा रहा है । इसीलिए एफएनसीसीआई को नया नेतृत्व दे रहे पदाधिकारी अपने कार्यकाल में सफल होंगे, इसकी कोई गारेन्टी नहीं । निजी क्षेत्र की समस्याओं का समाधान, आर्थिक वृद्धि में योगदान, रोजगार वृद्धि जैसे एजेन्डा आगे ला कर निर्वाचित पाण्डे अपने कार्यकाल में कैसी भूमिका निर्वाह करेंगे, यह तो भविष्य ही बताएगा । madhesh
देश में प्रजातान्त्रिक और कम्युनिष्ट दो धार का राजनैतिक बोलवाला है । वे दोनों पक्ष निजी क्षेत्र को अपने-अपने स्वार्थ के मुताबिक विश्लेषण करते हैं । सभी राजनीतिक पार्टर्ीीनजी क्षेत्र को व्यावसायिक और मर्यादित बनाने के नाम में समय-समय में व्यवसायियों को परेशान करते रहे हैं और सहयोग भी लेते रहे हैं । यह आगामी दिनों में भी दुहराया जाएगा, यह तो निश्चित है । राजनीतिक दलों के स्वार्थ का शिकार भी निजी क्षेत्र होते आया है । पार्टर्ीी स्वार्थ के लिए सरकार विरुद्ध होने वाले बन्द-हडÞताल जैसे क्रियाकलापों का शिकार निजी व्यावसायी ही हो रहे रहे हंै । ऐसी समस्या को भी दर्ीघकालीन रूप में समाधान करना आवश्यक है । राजनीतिक दल की तरफ से होने वाले बन्द-हडÞताल जैसी गतिविधि को अन्त करना व्यवसायियों के वश में नहीं है । इसके लिए सरकार तथा राजनीतिक दलों के साथ समन्वयकारी भूमिका आवश्यक है ।
देश में राजनीतिक परिवर्तन बहुत हुआ । लेकिन उसने राजनीतिक झुण्ड में आवद्ध एकाध समूह के अलावा आम जनता के जीवन में परिवर्तन नहीं लाया । इसीलिए आज राजनीतिक वृत्त से भी आर्थिक क्रान्ति तथा परिवर्तन का नारा उठने लगा है । लेकिन अभी तक वह नारा नेताओं के भाषणों में सिमट कर रह गया है । आर्थिक परिवर्तन के लिए महत्वपर्ूण्ा भूमिका निर्वाह करने वाले नेपाल के निजी क्षेत्र क्या इस क्रान्ति के लिए तैयार हैं – एफएनसीसीआई के नये नेतृत्व के पास इस सवाल का जबाव होना चाहिए । दूसरी तरफ बेरोजगार युवाओं की संख्या दिन प्रतिदिन बढÞती जा रही है, और देश के भीतर रोजगारी के लिए उचित अवसर की सृजना नहीं हो पाई है । इसीलिए देश के कर्ण्र्ाार कहलाने वाले युवा लाखों की संख्या में विदेश पलायन कर रहे है । उन युवाओं को वापस लाकर रोजगार दिलाने की हिम्मत निजी क्षेत्र और सरकार के पास है कि नहीं – यदि नहीं है तो आर्थिक परिवर्तन का नारा सिर्फभाषणों में सिमट कर रह जाएगा । अगर हम ऐसा नहीं चाहते हैं तो राजनीतिक वृत्त और निजी क्षेत्र इसमें जिम्मेवार होना चाहिए ।
अभी देश में ‘खुला बजार अर्थतन्त्र’ की वकालत करनेवाली पार्टर्ीीे नेतृत्व में सरकार है । लेकिन निजी क्षेत्र इस में महत्त्वपर्ूण्ा भूमिका निर्वाह करने में र्समर्थ नहीं दिखाई देता । दूसरी बात, स्वतन्त्रता के नाम में निजी क्षेत्र ऐसी गतिविधि करते हैं, जिसके कारण देश की अर्थतन्त्र में ही नकारात्मक प्रभाव पडÞ जाता है । उदाहरण के लिए सिन्डिकेट का विरोध करता है, महासंघ । लेकिन वही महासंघ सिन्डकेट सञ्चालन करने वाले व्यावसायियों को कारवाही नहीं कर सकता । इसी तरह दोहरी ब्यालेन्स सिट रख कर सरकार को ठगने वाले व्यापारी के विरुद्ध राजस्व अनुसन्धान विभाग ने जब कारवाही आगे बढर्Þाई तो महासंघ के ही सदस्य विरोध में उतर आए । इससे साबित होता है कि व्यवसायी लोग सरकारी नियम-कानून के दायरे में नहीं रहना चाहते । ऐसा ही दूसरा उदाहरण, सोनेचाँदी के गुणस्तर को लेकर जब राज्य संयन्त्र के द्वारा बाजार अनुगमन हुआ, तब महासंघ के सदस्य लोग ही अपने दूकान बन्द करके सडÞक में उतर आए । जो असल व्यवसायियों के लिए सरासर गलत और शर्मनाक बात है । व्यवसायी जगत से होने वाले इस तरह के गैरजिम्मेवाराना कार्य को निरुत्साहित नहीं किया जाए तो एफएनसीसीआई नेतृत्व को सफल और विश्वसनीय नहीं माना जाएगा । आर्थिक उदारीकरण के नाम में जिस तरह का भी काम करके व्यक्तिगत समृद्धि प्राप्त करने वालों को सफल व्यवसायी नहीं माना जाएगा । सफल व्यवसायी तो वे हैं- जो देश और समग्र जनता की आर्थिक उन्नति के लिए सकारात्मक काम करते हैं । महासंघ के नये पदाधिकारी के द्वारा यह जिम्मेवारी पूरी होगी, ऐसा विश्वास तो नहीं है, लेकिन अपेक्षा की जा सकती है ।
नेपाल में उद्योग-व्यवसायी लोग श्रमिक के प्रति उतना उदार नहीं हैं, ऐसी मानसिकता व्याप्त है । जिसके कारण बारम्बार व्यावसायिक प्रतिष्ठान और मजदूरों के बीच द्वन्द्व भी होता रहता है । इस तरह के द्वन्द्व में से अधिकांश तो राजनीतिक दलों कर्ेर् इशारे में भी हुआ करते हैं । जिस का सरोकार मजदूरों से ज्यादा राजनीतिक दल से रहता है । राजनीतिक दलों की ऐसी गतिविधि के कारण ही नेपाल में निवेश करने की चाह रखने वाले व्यवसायियों का मनोबल कमजोर दिखाई देता है । दर्ीघकालीन रूप में ऐसी समस्याओं समाधान नहीं किया गया तो किसी भी व्यवसायी का हित नहीं हो सकता, और नहीं मजदुरों का । ऐसी समस्याओं में भी वर्तमान नेतृत्व की प्रभावकारी भूमिका आवश्यक है ।
समृद्धि के लिए देश अभी अपेक्षा से ज्यादा ही आन्तरिक और बाहृय निवेश की तलाश कर रहा है । नेपाल के व्यावसायिक क्षेत्र के लिए यह महत्वपर्ूण्ा अवसर भी है । इस में सिर्फसरकार ही नहीं, सभी राजनीतिक दलों को भी सकारात्मक होकर सहयोग करना चाहिए । राजनीतिक प्रचारबाजी और लोकप्रियता के लिए निजी क्षेत्र का विरोध करने से कभी भी देश की आर्थिक समृद्धि नहीं होगी । इसीलिए राजनीतिक दलों कोे इसमें सोचना चाहिए । और निजी क्षेत्र द्वारा भी देश की आर्थिक उन्नति के लिए व्यक्तिगत स्वार्थ को तिलाञ्जलि देनी चाहिए ।

क्या है नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ –
उद्योग वाणिज्य क्षेत्र में संलग्न उद्यमी तथा व्यापारियों का पेशागत संरक्षण एवम् उद्योग वाणिज्य क्षेत्र के विकास में सहयोग के उद्देश्य से स्थापित निजी व्यवासायियों की संस्था है- नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ । वि. सं. २०२२ साल पौष १४ गते स्थापित इस महासंघ के स्थापनाकाल में इस में सिर्फ२४ व्यावसायिक संस्था तथा व्यक्ति सदस्य थे । हाल काठमांडू टेकू स्थित शहीद शुक्रमिलन मार्ग में महासंघ का भव्य और आधुनिक भवन है, जो वि.सं. २०५२ साल में निर्माण हुआ था । नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ नेपाल में उद्योग वाणिज्य क्षेत्र का पर््रवर्द्धन करता है । नेपाली उत्पादन का वैदेशिक व्यापार-पर््रवर्द्धन में भी यह संस्था काम करती है । इसके साथ-साथ अन्य देशों के उद्योग-वाणिज्य महासंघ में आवद्ध रह कर संयुक्त रूप में भी महासंघ काम कर रहा है ।

कैसे हैं नये व्यवसायी –
नेपाल उद्योग वाणिज्यमहासंघ के ४८वींं साधारणसभा ने आगामी कार्यकाल के लिए नया नेतृत्व चयन किया है । चयनित में से बहुत व्यवसायी चिर-परिचित हैं । और उनमें से कुछ कम परिचित हैं तो कुछ नाम व्यावसायिक क्षेत्र में नकारात्मक भी हो सकते है । लेकिन वे लोग जैसे भी हों, नेपाल को आर्थिक रूप में सम्पन्न राष्ट्र बनाने के लिए उनके ऊपर गहन जिम्मेवारी है । उन लागों की व्यावासयिक पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत जीवन कैसा है – इस बारे में हिमालिनी ने खोजतलास करने का हल्का सा प्रयास किया है । विवरण तयार करते समय कुछ व्यवसायियों ने अपने बारे में कुछ भी बताना नहीं चाहा, तो कुछ के साथ सर्म्पर्क नहीं हो पाया । जिसके कारण सभी निर्वाचित व्यावसायी इस में समावेश नहीं हो पाए । फिर भी समाचारमूलक विभिन्न वेभसाइट के सहयोग तथा व्यावसायियों के साथ हुए हिमालिनी के प्रत्यक्ष सर्म्पर्क के आधार में यह रिपोर्ट तैयार की गई है । जो व्यवसायी इस में समावेश नहीं हैं, वह लोग व्यावसायी नहीं है और असफल व्यावसायी हैं, यह सोचना गलत होगा । प्रस्तुत है- एफएनसीसीआई में प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ व्यवसायियों का व्यावसायिक संक्षिप्त परिचय-

प्रदीपजंग पाण्डे महासंघ, अध्यक्ष
अध्यक्ष पद में निर्वाचित ६४ वषर्ीय प्रदीपजंग पाण्डे महासंघ के १७वे अध्यक्ष हैं । उन का जन्म सन् १९५० में हुआ है । पाण्डे ने १ हजार ५५ मत प्राप्त करके उन के निकटतम प्रतिद्वन्द्वी भाष्करराज कणिर्कार को पराजित किया । कणिर्कार ने ८ सौ ७८ मत प्राप्त किया था । नव निर्वाचित अध्यक्ष पाण्डे ने व्यवस्थापन और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर किया है । पाण्डे विशेषतः औषधि व्यवसायी के रूप में परिचित हैं । लेकिन उन्हों ने बैंक, सिमेन्ट, बीमा, ऊर्जा लगायत के क्षेत्र में भी निवेश किया है । सफल व्यवसायी के रूप में परिचित पाण्डे ने जीवन के शुरुवाती दौर में खानेपानी संस्थान में भी नौकरी की थी ।
पाण्डे, लोमस फर्मास्युटिकल प्रालि के अध्यक्ष तथा प्रबन्ध निर्देशक हैं । इसी तरह सिटिजन बैंक इन्टरनेशनल, शिखर इन्सुरेन्स, लोमस हर्बेनिया प्रालि, कसमस सिमेन्ट प्रालि, इर्स्र्टन कसमस सिमेन्ट इन्डस्ट्री प्रालि के भी वे अध्यक्ष हैं । माउन्ट इनर्जी प्रालि के निर्देशक, इन्टरनेसनल लिजिङ एन्ड फाइनान्स और डाटा हब प्रालि के संस्थापक भी रहे पाण्डे सिर्फअपने निजी व्यवसासियक गतिविधि में सीमित नहीं रहते हैं । सरकार द्वारा निर्मित आर्थिक नीति निर्माण में भी पाण्डे सक्रिय रहते हैं । सामाजिक क्षेत्र में भी उतना ही सक्रिय पाण्डे रोटरी क्बल कान्तिपुर लाजिम्पाट के पर्ूव अध्यक्ष तथा नेपाल अन्धा अपांग संघ जोरपाटी के आजीवन सदस्य हंै । नेपाल धितोपत्र बोर्ड तथा इन्टरमोडेल ट्रान्सपोर्ट के सञ्चालक समिति सदस्य भी रहे पाण्डे को यदि व्यस्तता के बीच भी कुछ समय मिलता है तो वे गीत, कविता आदि भी लिखते हैं । इसके अलावा अर्थशास्त्र सम्बन्धी लेख लिखना भी उन की प्राथमिकता में पडÞता है । एफएनसीसीआई को सफल बनाने के लिए आपकी कैसी योजना है – इस प्रश्न के जवाफ में उन्हों ने हिमालिनी को बताया- ‘कोई भी संस्था सफल होने के पीछे उस में संस्थागत और व्यावसायिक एकता रहती है । मैं भी सभी व्यावसायियों को एकतावद्ध करके आगे जाना चाहता हूँ । ‘ उन्होंने यह भी बताया कि अर्थतन्त्र में देश को सफल और सुदृढÞ बनाने के लिए सरकार के विभिन्न निकायों के साथ निजी क्षेत्र की भूमिका को लेकर भी वह सक्रिय रहेंगे ।

-पशुपति मुरारका, वरिष्ठ उपाध्यक्ष
महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष में पशुपति मुरारका विजयी हुए हैं । अध्यक्ष में पराजित भाष्करराज राजकणिर्कार समूह से विजयी मुरारका भी सफल व्यवसायी माने जाते हैं । उन्होंने पाण्डे समूह के भवानी राणा को चार मतों से पराजित किया । मुरारका ग्रुप में मैनेजिङ डाइरेक्टर की भूमिका में रहे मुरारका विशेषतः निर्माण क्षेत्र की सामग्री उत्पादन करते हैं । वह सामाजिक क्षेत्र में भी उतना ही सक्रिय हैं । चेम्बर आन्दोलन में भी उन की भूमिका महत्वपर्ूण्ा रही है । स्वतन्त्र ऊर्जा उत्पादक संघ के कार्य समिति सदस्य, नेपाल स्क्वास र्‍याक्वेष्ट एशोसिएशन के आजीवन सदस्य, नेपाल मिडिया सोसाइटी के संस्थापक सदस्य तथा पर्ूव उपाध्यक्ष भी रहे मुरारका लायन्स क्लव काठमांडू और राउण्ड टेबल नेपाल में आवद्ध हंै । स्पष्ट वक्ता के रूप में परिचित वे सामान्यतः सफल और असल व्यावसायी के रूप में जाने जाते हैं ।
सिमेन्ट, सरिया, रङ और कंक्रिट उत्पादन के क्षेत्र में उन की महत्वपर्ूण्ा भूमिका है । इसके साथ-साथ कृषि के विविध क्षेत्र में भी उन्हों ने निवेश किया है । पिछली बार उन्होंने मोवाइल फोन व्यापार में भी हाथ आजमाया है । इसी तरह विभिन्न बैंक तथा वित्तीय संस्था में पर््रवर्द्धक के रूप में रहे मुरारका सामाजिक सेवा में भी उतने ही सक्रिय हैं । समग्र में मुरारका ग्रुप, नेपाल के व्यावसायिक घराना में से एक अग्रणी समूह है ।

-शेखर गोल्छा, उपाध्यक्ष
उपाध्यक्ष पद में निर्वाचित शेखर गोल्छा राजकणिर्कार प्यानल से चुनावी मैदान में थे । उन्होंने प्रतिद्वन्द्वी विके श्रेष्ठ विरुद्ध ३ सौ १० मत प्राप्त किया था । शेखर गोल्छा एक सफल उद्योगपति हैं । वह गोल्छा अर्गनाइजेसन में कार्यकारी निर्देशक हैं । गोल्छा अर्गनाइजेसन नेपाल के एक प्रसिद्ध व्यावसायिक घराना है । इस अर्गनाइजेसन ने अटोमोबाइल, इलेक्ट्रोनिक्स, दवा सहित दर्जनों क्षेत्र में निवेश किया है । गोल्छा अर्गनाइजेशन ने १७ कृषिजन्य उत्पादन में आधारित, १० मेशीन औजार निर्माण सामग्री और ६ वित्त एवम् सेवा क्षेत्र सहित ३३ बडÞे उद्योग एवम् व्यावसायिक प्रतिष्ठान सञ्चालन किया है ।
मारवाडी परिवार में काठमांडू में जन्म लेने वाले शेखर की सेन्ट जेभियर्स में स्कुलिङ हर्ुइ है । ४७ वषर्ीय शेखर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और बेलायत केे वेब्स्टर विश्वविद्यालय से एमबीए किया है । व्यस्त व्यावसायिक जीवन मंे कुछ समय मिल जाता है तो वे पदयात्रा तथा साइक्लिङ में जाना चाहते हैं । व्यावसायिक जगत में शेखर ने अभी जो ऊचाई प्राप्त की है, इसके पीछे एक लंबा संर्घष्ा है । उन के दादा -रामलाल गोल्छा) भारत -राजस्थान) से नेपाल आए थे । वि.सं. १९७८ के आसपास वह सुनसरी जिला के देवानगञ्ज निवासी किसानों से मिल कर जूट -सनपाट) का व्यापार करते थे । उस समय रामलाल अपने ही हाथ से जूट के बण्डल गाडी में लोडÞ-अनलोडÞ करके कुली का भी काम करते थे । ऐसे परिश्रमी पारिवारिक पृष्ठभूमि का गोल्छा परिवार अभी विश्व जगत में प्रख्यात हो रहा है ।
जूट के व्यापारी रामलाल ने वि.सं. १९९४ में विराटनगर में हंसराज हनुमान मिल की स्थापना की, जो नेपाल के प्रथम उद्योग के रूप में माना जाता है । उसी परिवार ने वि.सं २०४० में गोल्छा अर्गनाइजेशन की स्थापना की, जो अभी विविध क्षेत्र में निवेश करके देश के विकास में अग्रणी भूमिका निर्वाह कर रहा है । गोल्छा अर्गनाइजेशन के मातहत में रहे हिम इलेक्ट्रोनिक्स -टेलिभिजन उद्योग) और बजाज मोटरसाइकल के लिए नेपाल के डिलर प्रमुख की जिम्मेवारी शेखर ने ही ली है ।

महासंघ के दूसरे उपाध्यक्ष हैं, किशोरकुमार प्रधान । प्रधान पाण्डे प्यानल से चुनावी मैदान में थे । चुनाव में उन्होंने ९३ मत प्राप्त किया था । उनके निकटतम प्रतिद्वन्द्वी डिबी बस्नेत ने ८९ मत प्राप्त किया । प्रधान ने भारत, इलाहावाद से म्यानेजमेन्ट में ग्रेजुएट किया है । प्रधान ने हृयुमन पाइप, क्रंकिट पोल -विजली पोल) आदि निर्माण सामग्री में निवेश किया है । पर्ूवाञ्चल उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष भी रहे प्रधान ने लाहान, विराटनगर और सुदूरपश्चिम के धनगढÞी में कंक्रिट उद्योग सञ्चालन किया है । स्कूल जीवन से ही साहित्य मंे कलम चलाने वाले प्रधान अभी भी फर्ुसत के समय कविता लिखते हैं । प्रधान सामाजिक क्षेत्र में भी उतने ही सक्रिय हंै । प्रधान सामाजिक संस्था नेपाल जेसिस के पर्ूव अध्यक्ष, रोटरी क्लब के असिस्टेन्ट गभर्नर हैं । -किशोरकुमार प्रधान, उपाध्यक्ष

-दिनेश श्रेष्ठ, उपाध्यक्ष
उपाध्यक्ष पद में विजेता दिनेश श्रेष्ठ ने ५९ मत लाकर महासंघ में प्रतिनिधित्व किया है । पाण्डे समूह के श्रेष्ठ के प्रतिद्वन्द्वी उदयराज पाण्डे ने २८ मत प्राप्त किया था । श्रेष्ठ नेवारी समुदाय में सफल व्यवासायी के रूप में जाने जाते हंै । उनकी व्यावसायिक गतिविधि काठमांडू के भीतर ज्यादा है । अशोका कार्बन एलाइट उद्योग सञ्चालन कर रहे उन्होंने स्टेशनरी, मेडिकल सामग्री, केमिकल्स, टे्रडिङहाउस आदि क्षेत्र में निवेश किया है । श्रेष्ठ रोटरी क्लब, लायन्स क्लब जैसे संगठन में आवद्ध रह कर सामाजिक गतिविधि में भी सक्रिय हैं । काठमांडू स्थित अन्नपर्ूण्ा उच्च माध्यमिक विद्यालय, -ज्याठा) में व्यावस्थापन समिति में भी वे सक्रिय हैं । फर्ुसत में परिवारिक सदस्य के साथ समय व्यतीत करने वाले श्रेष्ठ कभी कभार अर्थ-व्यवसाय सम्बन्धी लेख भी लिखते हैं । उन्होंने हिमालिनी से कहा कि एफएनसीसीआई में उपाध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद महत्वपर्ूण्ा और जिम्मेवारीपर्ूण्ा कर्तव्य का बोध हो रहा है । श्रेष्ठ ने यह भी बताया कि व्यावसायिक हकहित और सुरक्षा के लिए भी वह अपने कार्यकाल का सदुपयोग करेंगे । लेकिन उनका मानना है कि सिर्फसंस्था की चाहना से यह पूरा नहीं हो सकता है । इसके लिए सरकारी भूमिका भी महत्वपर्ूण्ा रहती है ।

-विजयकुमार सरावगी, सदस्य
सरावगी ग्रुप के प्रबन्ध निर्देशक विजयकुमार सरावगी जिला नगर की ओर सेे सदस्य निर्वाचित हुए हैं । वे बीकम अनर्स है । वीरगञ्ज उद्योग वाणिज्य महासंघ के प्रतिनिधि के रूप में उन्हों ने केन्द्रीय सदस्य में उम्मीदवारी दी थी । एसियन लाइफ इन्स्योरेन्स के संस्थापक सरावगी ने देश के ही औद्योगिक तथा व्यापारिक केन्द्र माने जाने वाले बारा/पर्सर्ााे उद्योगपति-व्यापारी की संस्था वीरगञ्ज उद्योग वाणिज्य सघं को भी सफल नेतृत्व प्रदान किया है । सरावगी सामाजिक क्षेत्र में भी उतने ही सक्रिय हैं । वे वीरगञ्ज स्थित नरसिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत गरीब छात्रों को आर्थिक सहयोग करते आ रहे हैं । इसके अलावा अन्य सामाजिक क्षेत्र में भी वे सक्रिय हैं । आयात-निर्यात व्यवसाय में भी सक्रिय सरावगी औद्योगिक कच्चा पदार्थ भी उत्पादन करते हैं । उन्हों ने विस्कुट, चाउचाउ तथा अन्य खाद्य पदार्थ, बैंकिङ, इन्स्योरेन्स, शिक्षा, मेडिकल आदि क्षेत्र में भी निवेश किया है । राजनीति में जब निजी क्षेत्र की र्सार्थक सहभागिता रहेगी, तब उद्योग-व्यापार क्षेत्र की समस्याओं का समाधान हो सकता है, ऐसा उन का मानना है । वह कहते है- ‘नेपाल के व्यवसायियों के बीच स्वच्छ और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा होना ही बाँकी है । ‘ उन्होंने हिमालिनी से बातचीत करते हुए कहा कि एफएनसीसीआई में प्रतिनिधित्व करने वाले नये सदस्य को इस मामले में महत्वपर्ूण्ा भूमिका निर्वाह करना चाहिए । सरावगी का यह भी मानना है कि नेपाल में व्यावसायिक सुरक्षा की गारेन्टी भी नहीं हो पा रही है ।

-सौरभ ज्योति, सदस्य
संघ के दूसरे सशक्त सदस्य तथा युवा उद्यमी हैं- सौरभ ज्योति । उनका जन्म सन् १९७४ में काठमांडू में हुआ था । नेपाल अटोमोबाइल डिलर्स एशोसिएशन -नाडा) के अध्यक्ष पद की जिम्मेवारी भी बहन कर चुके सौरभ स्याकार ट्रेडिङ कम्पनी प्रालि के अध्यक्ष तथा ज्योति ग्रुप अफ कम्पनीज के निर्देशक हैं । उन्होंने सेण्ट जोसेफ कलेज बैङ्लोर, भारत से अण्डर ग्रेजुएशन किया है । ज्योति ने बैङ्लोर के ही बीएमएस कलेज अफ इञ्जिनीयरिङ से ब्याचलर अफ इञ्जिनीयरिङ इन इण्डस्टि्रयल इञ्जिनीयरिङ एण्ड म्यानेजमेण्ट भी किया है । नेपाल युवा उद्यमी सघं के पर्ूवअध्यक्ष सौरभ एक दर्जन व्यावसायिक सघं-संस्था की जिम्मेवारी सम्हालते हैं । दक्षिण एसियाली राष्ट्र -र्सार्क) चेम्बर अफ कमर्स के युवा उद्यमी मञ्च में उन्होंने अध्यक्ष पद की जिम्मेवारी भी बहन कर चुके हैं । सौरभ ने स्टील वायर, अक्सिजन, अटोमोबाइल, लुब्रिकेट, स्पर्ेयर्स पार्ट आदि क्षेत्र में निवेश किया है । इसी तरह फाइनान्स, र्टार्भल एजेन्सी, हाइड्रोपावर आदि क्षेत्र में भी उन का निवेश फलफूल रहा है ।

-चन्द्रप्रसाद ढकाल, सदस्य
सफल व्यवसायी तथा महासंघ के सशक्त प्रतिनिधि हैं- चन्द्रप्रकाश ढकाल । बैंकिङ, फाइनान्स, रेमिट्यान्स, हाइड्रोपावर, दवा, ट्राभल और कार्गो, सूचना प्रविधि आदि क्षेत्र में ढकाल ने निवेश किया है । इन्टरनेसनल मनी एक्सप्रेस -आईर्एमई) के नाम में व्यावसायिक ख्याति कमाने वाले ढकाल युवा अवस्था में राष्ट्र बैंक में खरीदार तह के सरकारी कर्मचारी थे । बैंकिङ क्षेत्र में उन का प्रवेश यहीं से हुआ है । बाग्लुङ अमालचौर गाविस में अति सामान्य परिवार में ढकाल का जन्म हुआ था । कुछ वर्षपहले तक वह काठमांडू में साइकिल चढÞते थे । अभी वह नेपाल में सफल बैंकिङ कारोबार करने वाले ग्लोबल आईर्एमई बैंक का नेतृत्व करते हैं । कारोबार में सुस्त पडÞ रहे अन्य ६ बैंकों को ग्लोबल आईर्एमई में मिलाकर उन्हों ने सफल नेतृत्व प्रदान किया है । खरीदार से बैंक मालिक तक बनने के लिए उन को २० साल लगा है । हाल वे ४८ साल के युवा उद्यमी हैं । इस तरह थोडÞे ही समय में आर्थिक ऊचाई में पहुँचने वाले व्यवसायी बहुत कम ही होते हैं, उनमें से शायद र्सवप्रथम ढकाल ही हैं । इन्टरनेशनल मनी एक्सेप्रेस -आईर्एमई) देश का पहला और सफल रेमिट्यान्स कम्पनी है । कान्तिपुर दैनिक द्वारा इसी साल किया गया वर्षव्यक्ति छनौट में व्यावसायिक जगत से ढकाल को सबसे ज्यादा मत प्राप्त हुआ था । ढकाल सरकार द्वारा गठित निवेश बोर्ड के सदस्य भी हैं ।

भवानी राणा, सदस्य
भेरी अञ्चल प्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित भवानी राणा सफल महिला उद्यमी के रूप में परिचित हैं । उन्होंने राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर किया है । भवानी के पिता मनमोहन मिश्र हैं, जो नेपाल के सभी अञ्चल -१४) के अञ्चलाधीश हुए थे । भवानी ने र्सार्कस्तरीय फेयर ट्रेड तथा साउथ एसियन वुमेन इन्टरप्रेनरसीप काउन्सिल की गतिविधि में नेतृत्वदायी भूमिका निर्वाह की है । राणा संलग्न फेयर ट्रेड गु्रप द्वारा सञ्चालित तथा र्सार्क क्षेत्र के महिला उद्यमी द्वारा उत्पादित हस्तकला शोरुम का व्यापार भी अच्छा चल रहा है । नेपाली महिला की उद्यमशीलता को अन्तर्रर्ाा्रीय बाजार में स्थापित कराने के लिए सक्रिय भवानी का स्नेह समूह और पद्मा क्रिएसन ने वाषिर्क पाँच करोड से ज्यादा कारोबार कर रहा है । व्यक्तिगत रुप में राणा ने होटल, ट्राभल एण्ड र्टर्ुस, क्राफ्ट भिलेज, कार्गो आदि क्षेत्र में निवेश किया है ।

अशोक शर्मा, सदस्य
अशोक शर्मा नेपाली फिल्म उद्योग के लिए चिरपरिचित व्यक्तित्व हैं । फिल्म क्षेत्र में संर्घष्ाशील जीवन व्यतीत करने वाले शर्मा सफल कलाकार, निर्देशक और फिल्म निर्माता भी हैं । नेपाली फिल्म को डिजिटल प्रविधि में रुपान्तरण करने के लिए महत्वपर्ूण्ा भूमिका निर्वाह करने वाले शर्मा ३२ साल से इस क्षेत्र से जुडेÞ हैं । शर्मा ने अभी तक १० फिल्म निर्माण किया है और उतनी ही संख्या में निर्देशन भी किया है । डेढÞ सौ से ज्यादा फिल्म में अभियन करने वाले शर्मा ने दर्जनों टेलिसीरियल निर्माण और निर्देशन भी किया है । नेपाली फिल्म इन्डष्ट्रीज को अभी तक नीतिगत रुप में उद्योग की मान्यता प्राप्त नहीं है । हिमालिनी से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि एफएनसीसीआई में उनकी भूमिका भी इसी सवाल को लेकर क्रियाशील रहेगी । सिने जगत को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए वे हरसम्भव प्रयास करेंगे । उन्होंने आगे कहा- ‘प्रतिलिपि अधिकार हनन् नहीं हो और भावी संविधान में भी राष्ट्रीय नीति बना कर नेपाली सिने जगत को उद्योग की मान्यता दिलाया जाए, इस में मैं सक्रिय रहूँगा । ‘

विजयसिंह वैद्य, सदस्य
महासंघ के एक सशक्त सदस्य हैं, विजयसिंह वैद्य । वैद्य बीकम आँनर है । सालिमार ग्रुप अर्न्तर्गत के मारुतिनन्दन रोलिङ्ग मिल्स प्रा.लि के सञ्चालक वैद्य नेपाल मेटल एसोसिएसन का भी नेतृत्व करते हैं । सिमेन्ट, मेटल, पेन्ट्स, कपर आदि क्षेत्र में उन्होंने निवेश किया है । जैन निकेतन के सदस्य भी है, वैद्य । व्यावसायिक व्यस्तता से कुछ समय निकल जाता है तो वे ट्रेकिङ के लिए रुचि रखते हैं । वैद्य बताते हैं कि व्यावसायिक हकहित के लिए एफएनसीसीआई को भूमिका निर्वाह करना चाहिए ।

केशवराज पाण्डे, सदस्य
मेची उद्योग वाणिज्य संघ से प्रतिनिधित्व करने वाले केशवराज पाण्डे जिला/नगर की ओर से महासंघ के सदस्य निर्वाचित हुए हैं । इभरग्रिन ट्रेड कर्न्सन के सञ्चालक पाण्डे ने ट्रेडिङ और इम्पोर्ट क्षेत्र में निवेश किया है । सामाजिक सेवा में भी सक्रिय रहनेवाले पाण्डे अरनिको सामुदायिक संस्था के अध्यक्ष हैं, उस संस्था के माध्यम से पाण्डे गरीब और असहाय व्यक्तियों को शिक्षा और रोजगार के लिए सहयोग जुटाते हैं । आदर्श सामुदायिक स्कुल मेचीनगर के पर्ूव अध्यक्ष भी रह चुके पाण्डे रोटरी क्लब और नेपाल रेडक्रस सोसाइटी के आजीवन सदस्य भी हैं । स्कूल तथा काँलेज जीवन में फुटबल के खिलाडÞी रहे पाण्डे की पारिवारिक पृष्ठभूमि परम्परागत कृषि है । पाण्डे २०५४ साल से व्यावसायिक क्षेत्र में सक्रिय हैं । निजी क्षेत्र की उन्नति के बिना देश को समृद्धि नहीं मिल सकती है, ऐसी धारणा व्यक्त करने वाले पाण्डे का कहना है कि नेपाल में निवेश मैत्री वातावरण नहीं है । हिमालिनी से बातचीत करते हुए उन्होंने यह भी बताया कि एफएनसीसीआई के माध्यम नेपाल को शान्तिपर्ूण्ा और निवेश मैत्री राष्ट्र बनाने के लिए वह अपनी तरफ से महत्वपर्ूण्ा भूूमिका निर्वाह करेंगे ।

गुणनिधि तिवारी, सदस्य
जिला/नगर तरफ से महासंघ के सदस्य में निर्वाचित गुणनिधि तिवारी उद्योग वाणिज्य संघ नवलपरासी के हैं । उन्होंने खाद्यान्न, रियलस्टेट, पेट्रोलियम तथा कन्सट्रक्सन क्षेत्र में निवेश किया है । सामाजिक कार्य में वे सक्रिय रहते हैं । तिवारी नेपाल-भारत मानव मैत्री समाज के केन्द्रीय सदस्य, रामग्राम लायन्स क्लव के पर्ूव अध्यक्ष भी हैं । विशेषतः व्याडमिन्टन खेल के शौकीन तिवारी फर्ुसत में स्वीमिङ करना भी पसन्द करते हैं ।

रामकपूर साह, सदस्य
रामकपूर साह जनकपुर अञ्चल प्रतिनिधि के रूप में महासंघ के सदस्य चयनित हुए हैं । जनकपुर से निर्विरोध महासंघ के प्रतिनिधि के रूप में चयनित साह ने काष्ठ उद्योग -स-मिल) में निवेश किया है । फुटबल खेल के प्रेमी साह खाद्यान्न सप्लाई और कपडा व्यापार भी करते हैं । देश को आर्थिक रूप में सम्पन्न बनाना चाहिए, ऐसी धारणा रखने वाले साह ने हिमालिनी को बताया- मैं महासंघ में भी इसी सोच के अनुसार अपनी भूमिका निर्वाह करुँगा ।

अशोककुमार अग्रवाल, सदस्य
अशोक कुमार अग्रवाल सगरमाथा अञ्चल प्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित हुए हैं । नेपाल समुद्रपार आयात-निर्यात सघं के अध्यक्ष अशोककुमार अग्रवाल नेपाल के प्रतिष्ठित औद्योगिक-व्यापारिक समूह विशाल ग्रुप के प्रबन्ध निर्देशक हैं । विशाल ग्रुप ने उत्पादनमूलक तथा सेवा क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठान में निवेश किया है । अग्रवाल विगत ढर्Þाई दशक पहले से उद्योग-व्यवसाय और आयात-निर्यात में प्रत्यक्ष सहभागी हैं ।

अनिलकुमार केडिया सदस्य
अनिल कुमार केडिया, व्यवसायी के साथ-साथ राजनीतिज्ञ के रूप में भी जाने जाते हैं । राजनीति मार्फ व्यावसायिक हक-अधिकार स्थापित कराना चाहिए, यह उनकी मान्यता है । केडिया अर्गनाइजेसन के प्रबन्ध निर्देशक रहे केडिया तर्राई-मधेस लोकतान्त्रिक पार्टर्ीीी तरफ से राजनीति में सक्रिय हैं । संविधानसभा सदस्य समेत रह रहे केडिया, औद्योगिक विकास सम्बन्धी मुद्दा को प्राथमिकता के साथ उठाते हैं । उन्होंने सिमेन्ट, कार्पेट, शिक्षा आदि क्षेत्र में निवेश किया है ।

रामचन्द्र संर्घाई, सदस्य
रामचन्द्र संर्घाई एक सफल व्यवसायी है । अन्नपर्ूण्ा भेजिटेबल प्रोडक्ट प्रा.लि. सञ्चालन करने वाले संर्घाई ने इसके अलावा टेक्सटाइल, सिमेन्ट, चाया, एलपीजी ग्यास, अक्सिजन ग्यास, हाइड्रोपावर, इन्स्योरेन्स आदि क्षेत्र में निवेश किया है ।

साहिल अग्रवाल, सदस्य
साहिल अग्रवाल भी सफल व्यापारी घराना के हैं । शंकर ग्रुप अन्तरगत रह कर उन्हों ने हस्पिटल, सिमेन्ट, स्टिल, अटोमोबाइल, ट्रेडिङ आदि क्षेत्र में निवेश किया है । शंकर ग्रुप के जगदम्बा स्टिल तथा सिमेन्ट, नेपाल के लिए उत्कृष्ट उत्पादन में से एक हैं ।
इसी तरह अशोक कुमार टेमानी, ज्ञानेन्द्रलाल प्रधान, चोपनारायण श्रेष्ठ, गोपाल हमाल, मनीषकुमार अग्रवाल, मनीषलाल प्रधान, ओमप्रकाश वंशल, प्रमोद श्रेष्ठ, राजकुमार भट्टर्राई, राजन श्रेष्ठ, रञ्जितराज आचार्य, सञ्जय गिरी, शंकरप्रसाद पाण्डे, सुकन्तलाल हिराचन, युवक राजभण्डारी आदि भी सफल व्यवसायी माने जाते हैं, उन लोगों ने बैंकिङ, फाइनान्स, हाइड्रोपावर, इस्योरेन्स, फुड, केमिकल्स, शिक्षा आदि क्षेत्र में निवेश किया है ।

निर्वाचित नये पदाधिकारी
अध्यक्ष ः प्रदीपजंग पाण्डे
व. उपाध्यक्ष ः पशुपति मुरारका
उपाध्यक्ष ः किशोरकुमार प्रधान
उपाध्यक्ष ः दिनेश श्रेष्ठ
उपाध्यक्ष ः शेखर गोल्छा
सदस्यगण
अलिकुमार केडिया
अनूपबहादुर मल्ल
अशोककुमार अग्रवाल
अशोककुमार टेमानी
अशोककुमार तोदी
अशोक शर्मा
भवानी राणा
चन्द्रप्रसाद ढकाल
चोपनारायण श्रेष्ठर्
धर्मनाथप्रसाद जयसवाल
दिलसुन्दर श्रेष्ठ
दीपक लम्साल
गोपाल हमाल
गोपाल खनाल
गुणनिधि तिवारी
ज्ञानेन्द्रलाल प्रधान
हरिहर बुढाथोकी
ज्योत्स्ना श्रेष्ठ
कमला श्रेष्ठ
केशवराज पाण्डे
कृष्णप्रसाद श्रेष्ठ
महेन्द्रकुमार श्रेष्ठ
मंगलसिंह ठगुन्ना
मनीषकुमार अग्रवाल
मनीषलाल प्रधान
नरवीर राउत
नरेन्द्रकुमार खड्का
निरक केसी
निर्माणकुमार श्रेष्ठ
ओमबहादुर राजभण्डारी
ओमप्रकाश बंसल
प्रकाश गिरी
प्रकाश प्रर्साई
प्रमोद श्रेष्ठ
राजकुमार भट्टर्राई
राजन शर्मा
राजेन्द्रकुमार श्रेष्ठ
रामचन्द्र संर्घाई
रामकपूर साह
रामकृष्ण प्रर्साई
राञ्जितराज आचार्य
रोहितप्रसाद प्रर्साई
संदीपकुमार अग्रवाल
संजय गिरी
सौरभ ज्योति
संजीवराज भण्डारी
साहिल अग्रवाल
शंकरप्रसाद पाण्डे
शंकर श्रेष्ठ
सकुन्तलाल हिराचन
सुनीलकुमार शर्मा
त्रिभुवनधर तुलाधर
उमेशलाल श्रेष्ठ
विजयकुमार सरावगी
विजयसिंह वैद्य
युवकराज भण्डारी
हेमन्त दवाडी

प्रतिस्पर्धी
अध्यक्ष के लिए
प्रदीपजंग पाण्डे
भाष्करराज कणिर्कार

वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए
पशुपति मुरारका
भवानी राणा

उपाध्यक्ष के लिए
किशोरकुमार प्रधान
दिनेश श्रेष्ठ
शेखर गोल्छा
विके श्रेष्ठ
डिबी बस्नेत
उदयराज पाण्डे

सदस्य के लिए
एसोसिएट तरफ से
चन्द्रप्रसाद ढकाल
ओमबहादुर राजभण्डारी
ज्ञानेन्द्रलाल प्रधान
रन्जितराज आचार्य
अञ्जन श्रेष्ठ
अखिलकुमार चापागाई
मनीषकुमार अग्रवाल
रामचन्द्र संर्घाई
ज्योत्स्ना श्रेष्ठ
अशोककुमार टेमानी
विजयसिंह वैद्य
साहिल अग्रवाल
रामकृष्ण प्रर्साई
अशोककुमार तोदी
गोपाल खनाल
पशुपति मुरारका
प्रकाश गिरी
निर्मल प्रधान
कुशकुमार मल्ली
झपटबहादुर बोहोरा
प्रदीपमान वैद्य
विराट थापा
वासुदेवप्रसाद गौतम
विप्लवमान सिंह
अनिलकुमार केडिया
अजयकुमार मुडभरी
भरतराज आचार्य ।
जिला/नगर तरफ से
महेन्द्रकुमार श्रेष्ठ
धु्रवराज श्रेष्ठ
चोपनारायण श्रेष्ठ
सुनीलकुमार शर्मा
ओमप्रकाश वंशल
शंकर श्रेष्ठ
भूषण राजलवट
गुणनिधि तिवारी
कल्याणकृष्ण ताम्राकार
कमानबहादुर खड्का
प्रमोद श्रेष्ठ
दिलसुन्दर श्रेष्ठ
होमनारायण श्रेष्ठ
मदनलाल जोशी
सानुकाजी श्रेष्ठ
राजेन्द्रकुमार श्रेष्ठ
खुसनारायण सैंजु
युवक राजभण्डारी
जीवनकाजी माकाजु
सन्तोष खतिवडा
कल्पना गैरे
राजेन्द्रकुमार लालचन
हेमराज पाण्डे
नरेन्द्रकुमार खड्का
भेषबहादुर पौडेल
लालचन्द्र गोंगवा
मनोजकुमार मुन्धडा
सर्ुदर्शन कार्की
देवकुमार श्रेष्ठ
प्रकाशबहादुर साउद
पशुपतिबहादुर खड्का
निरक केसी
विजयकुमार सरावगी
निर्मलकुमार चौधरी
केशवराज पाण्डे
अविनाश बोहोरा
दीपेन्द्रकुमार खत्री ।
अञ्चल तरफ से
भवानी राणा
उमेश डालमिया
विजय डालमिया
प्रकाश प्रर्साई
सुवराज थापा
अविनाश बोहोरा
मोहनकाजी शाक्य
लालचन्द्र गोंगवा
रोहितप्रसाद प्रर्साई
अशोककुमार अग्रवाल
खुसनारायण सैंजु
कृष्णकुमार भण्डारी
पशुपति मुरारका
पशुपतिबहादुर खड्का
रामकपूर साह
मनीषलाल प्रधान
प्रभातकिरण सुवेदीर्
धर्मनाथप्रसाद जैसवाल
दीपक लम्साल
कृष्णप्रसाद श्रेष्ठ
नवराज श्रेष्ठ
निर्माणकुमार श्रेष्ठ
इमानसिंह भारती
किशोरकुमार आचार्य
टेकनप्रसाद बस्नेत
टेकबहादुर पुन
हरिहर बुढाथोकी
कुमुदकुमार दुगड
गोविन्दबहादुर शाही
नरवीर रावत
नरबहादुर रोकाया ।
वस्तुगत तरफ से
सौरभ ज्योति
नवराज तिमल्सिना
संजीव राजभण्डारी
खेमराज पन्त
कमला श्रेष्ठ
राजन शर्मा
शिवप्रसाद घिमिरे
शंकरप्रसाद पाण्डे
सन्दीपकुमार अग्रवाल
राजकुमार भट्टर्राई
गोविन्दप्रसाद घिमिरे र्
इश्वर शर्मा
विकासरत्न धाख्वा
अशोक शर्मा
सञ्जय गिरी
अनूपबहादुर मल्ल
उमेशलाल श्रेष्ठ
रामशरण थपलिया
शकुन्तलाल हिराचन
नरेशबहादुर मल्ल
रामबहादुर श्रेष्ठ
दीपकबहादुर शाही
बलबहादुर तामाङ

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