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आश्वीन ३ गते ‘विरोध दिवस’ या ‘काला दिवस’ ? राजपा और सीके राउत अपनी–अपनी तयारी में

दिन में प्रर्दशन, शाम में ब्ल्याकआउटः अनिल झा

काला दिवस घोषणा होने की सम्भावना कम हैः केशव झा

काठमांडू, ११ सितम्बर । वि.सं. २०७२ साल आश्वीन ३ गते देश में नयां संविधान जारी किया गया । लेकिन उक्त संविधान के प्रति तराई–मधेश के बहुसंख्यक नागरिक ही नहीं, पहाड के कई जनजाति समूह भी सन्तुष्ट हैं । जिसके चलते संविधान संशोधन की बात हो रही है, लेकिन अभी तक असन्तुष्ट पक्षों की मांग सम्बोधन करते हुए संविधान संशोधन नहीं हो पाया है ।



आश्वीन ३ गते नजदीक आ रहा है, सत्ता पक्षीय राजनीतिक शक्ति तीसरे संविधान दिवस मनाने की तैयारियां कर रही है, तो वही संविधान के प्रति असन्तुष्ट पक्ष ‘काला दिवस’ मनाने की तैयारी में लगा है । विशेषतः संघीय समाजवादी फोरम नेपाल और राष्ट्रीय जनता पार्टी इस दिन को किस तरह लेते हैं ? विशेषतः तराई–मधेश के नागरिक समाज यही प्रश्न के साथ फोरम और राजपा की ओर देख रहे हैं । क्योंकि तराई–मधेश के नागरिक समाज के अधिकांश लोग आश्वीन ३ गते को काला दिवस के ही रुप में मनाने की पक्ष में हैं ।
असन्तुष्ट लोगों का मानना है कि जब तक तराई–मधेश की मांगों के अनुसार संविधान संशोधन नहीं की जाएगी, तब तक संविधान अस्वीकार्य रहेगा । गत साल तक फोरम और राजपा दोनों पार्टी के नेता तथा कार्यकर्ता आश्वीन ३ गते को काला दिवस घोषणा करते हुए विरोध कार्यक्रम में सहभागी हुए थे । लेकिन इस साल फोरम और राजपा दोनों पार्टी वही संविधान अनुसार अभी सत्ता में हैं । इसीलिए अनुमान किया जा रहा है कि दोनों पार्टी इस साल आश्वीन ३ गते को ‘काला दिवस’ घोषणा करने की पक्ष में नहीं है ।


लेकिन राजपा अध्यक्ष मण्डल के सदस्य अनिल झा हिमालिनी से कहते हैं कि तराई–मधेश में मौजूदा संविधान की विरोध करते हुए तराई मधेश में व्यापक–प्रदर्शन की तैयारियां चल रही है । उनके अनुसार आश्वीन ३ गते दिन में संविधान संशोधन संबंधी मांग के साथ विरोध ¥याली निकाले जाएंगे और शाम में व्ल्याकआउट होने की सम्भावना है । इधर राजपा के महासचिव केशव झा ने कहा है कि इस वर्ष आश्वीन ३ को ‘काला दिवस’ घोषणा होने की सम्भावना कम है । उन्होंने कहा कि इसके संबंध में निर्णय करने के लिए राजपा बैठक जारी है, बैठक के बाद ही पता चलेगा कि राजपा आश्वीन ३ को किस तरह लेगी ? महासचिव झा के अनुसार आश्वीन ३ गते संविधान संशोधन संबंधी मांग करते हुए विरोध प्रर्दशन का कार्यक्रम हो सकता है, जिसको ‘विरोध दिवस’ के रुप में लिया जाएगा । उनके अनुसार ‘काला दिवस’ घोषणा कम ही है ।
इसीतरह मधेश के नागरिक समाज के कुछ लोग तथा विद्रोही समूह सीके राउत पक्ष काला दिवस घोषणा करते हुए आश्वीन ३ गते को स्मरण करने जा रहे हैं । विशेषतः सीके राउत समूह की तैयारियां ज्यादा दिखाई दे रही है । सीके राउत समूह ने तो दावा है कि जनकपुर स्थित बा¥हबिघा मैदान में २ लाख सर्वसाधारण उतार कर विरोध प्रदर्शन की तैयारियां की गई है । इधर काला दिवस मनाने के लिए ही तराई–मधेश से कई लोग तो काठमांडू आने की तैयारी में हैं । काठमांडू में माइतीघर मण्डला और रत्नपार्क में संविधान की विरोध करते हुए प्रदर्शन की तैयारी की गई है । इसी को देखकर इधर सरकार ने असन्तुष्ट विद्रोही समूह को वार्ता के लिए आग्रह किया है ।

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