इंटरनेट जगत बनी रही चहल-पहल

इंटरनेट-जगत ने बीते वर्षअपना वर्चस्व कायम रखा और आम जनता की आवाज को बुलंद करते हुए कई बडÞी क्रांति में सहयोग किया।  चाहे तानाशाह को तख्ता पलट हो या अन्ना की भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम।  इंटरनेट ने अपनी ताकत को सिद्ध किया या यूं कहें कि इंटरनेट की शक्ति को आम जनता ने पहचाना और उसे अपने हक में इस्तेमाल करना सीखा।  जनता की इस जागरूकता और राद्र रूप से घबरा कर ही सरकार की तरफ से कपिल सिब्बल को सामने आना पडÞा।  यह कहते हुए कि इन पर प्रतिबंध जरूरी है।  बहरहाल, आइए जानते हैं साल भर इंटरनेट संसार में क्या गहमा-गहमी रही।
फेसबुकः गहराया स्पैम का साया
वर्ष२०११ फेसबुक यर्ूजर्स के लिए कुछ कडÞवे अनुभव छोडÞ गया।  इस साल के नवंबर माह में लाखों फेसबुक यर्ूजर्स हैकिंग के शिकार हुए।  फेसबुक पर इतना बडÞा स्पैम हमला इससे पहले कभी नहीं हुआ।  बैंगलूरु में दो लाख से भी ज्यादा फेसबुक यर्ूजर्स की प्रोफाइल हैक कर ली गई और उनके नाम से उनके दोस्तों की वाँल पर अश्लील तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए।
फेसबुक पर हुए इस स्पैम हमले ने फेसबुक और अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स की सुरक्षा पर सवाल खडÞे कर दिए हैं।  हालांकि इस हमले पर काबू पा लिया गया लेकिन अभी भी हैकिंग की समस्या से यर्ूजर्स को पूरी तरह निजात नहीं मिली है।
हैरत की बात है कि इतना बडÞा हमला भी फेसबुक की प्रसिद्धि को कम नहीं कर पाया।  इसके बाद भी फेसबुक यर्ूजर्स की संख्या में कमी नहीं आई है और इस साल लगभग ११ मिलियन से ज्यादा भारतीय फेसबुक से जुडÞे।
सोशल नेटवर्किंग साइट्सः सरकार का सिर्रदर्द
इंटरनेट प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक सामग्री की निगरानी को लेकर दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने गूगल और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स से आपत्तिजनक सामग्री की अपलोडिंग रोकने के लिए कदम उठाने को कहा।  सोशल नेटवर्किंग साइटों पर देवी देवताओं और वरिष्ठ राजनेताओं के आपत्तिजनक चित्रण से चिंतित सरकार ने कहा कि इंटरनेट पर संवेदनाओं को भडÞकाने वाली ऐसी आपत्तिजनक सामग्री स्वीकार्य नहीं है।
सिब्बल के अनुसार सरकार प्रेस में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती है, लेकिन यदि सोशल नेटवर्किंग साइट्स सहयोग के लिए तैयार नहीं होती हैं, तो यह सरकार का कर्तव्य हो जाता है कि वह इन पर रोकथाम के बारे में सोचे।  सिब्बल के इस बयान ने इंटरनेट-जगत में खासा विवाद खडÞा किया।  बाद में सिब्बल ने अपने बयान में संशोधन किया और कहा कि सरकार अपने प्रचार-प्रसार के लिए इन वेबसाइट का उचित इस्तेमाल करेगी।
टि्वटरः बढा क्रेज
वर्ष२०११ में टि्वटर के प्रति लोगों का काफी क्रेज बढÞा है।  अधिकांश नामी-गिरामी हस्तियां इस साल टि्वटर से जुडÞी हैं।  ये हस्तियां टि्वटर पर अपने फाँलोअर्स के लिए अपडेशन करती रहती हैं ताकि उनके फाँलोअर्स उनके बारे में जान सके।  ऐश्वर्या के गर्भवती होने से लेकर उनके मां बनने की खबर बिग बी ने टि्वटर के माध्यम से ही लोगों तक पहुंचाई।  टि्वटर आम लोगों से लेकर देश की बडÞी-बडÞी हस्तियों की लाइफ का हिस्सा बन गया।  किसी ने टि्वट के सहारे वाह-वाही लूटी तो किसी को मिली आलोचना।
गूगलः आँनलाइन म्यूजिक सेवा
इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनी गूगल ने इस वर्षगूगल म्यूजिक के नाम से आँनलाइन म्यूजिक सेवा प्रारंभ की है।  इसमें यर्ूजर्स के लिए गूगल की सोशल नेटवर्किंग साइट गूगल प्लस से जुडÞने और एमपी थ्री स्टोर जैसी सुविधाएं भी गूगल द्वारा दी गई हैं।
आँरकुटः नहीं चला जादू
जब से फेसबुक ने इंटरनेट जगत में अपनी पहचान बनाई हर कोई उसका दिवाना हो गया।  कभी आँरकुट के लिए क्रेजी रहे यर्ूजर्स के लिए अब फेसबुक, टि्वटर पहली पसंद बन गए हैं।  आँरकुट को अब लोग आऊट डेटेड मानने लगे हैं।  हालांकि इस वर्षआँरकुट ने अपनी खोई हर्ुइ पहचान पाने के लिए अपने ले-आऊट, सुविधाओं में काफी बदलाव किए।  यर्ूजर्स के अनुसार आँरकुट का यह नया रूप बहुत कुछ फेसबुक से मिलता-जुलता है, लेकिन आँरकुट में किया गया यह बदलाव भी यर्ूजर्स को नहीं लुभा पाया।
जी-मेलः बदला रूप
इस वर्षजी-मेल की डिजाइन में कुछ बदलाव किए गए।  इसे पहले से ज्यादा तेज और स्पैम प|mी बनाया गया। आज लगभग १ करोडÞ द्धट लाख भारतीय जी-मेल यर्ूजर्स हैं।  नई डिजाइन के बावजूद जी-मेल में इसके काँम्पीटिर्टस की तुलना में कुछ कमियां है जिस कारण यह यर्ूजर्स को ज्यादा आकषिर्त नहीं करता है।  यह कुछ खास मेल को स्पैम बाँक्स में भेज देता है और इसमें प्रीव्यू पैन की सुविधा भी नहीं दी गई है।
कुल मिला कर इंटरनेट जगत में साल भर चहल-पहल बनी रही।  नई सुविधाओं से लेकर सोशल नेटवर्किंग तक यह अपना प्रभाव बनाए रखने में कामयाब रहा।

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