इंसान की मौत पर बंदर गमगीन, अंत्येष्टि में शामिल हुआ…

 

वेबदुनिया

मेरठ। यहां एक युवक की मौत की अंत्येष्टि में शामिल होने आए लोग उस समय आश्चर्यचकित रह गए, जब एक बंदर आकर शव के पास बैठ गया। बंदर ने न सिर्फ मृत व्यक्ति के पांव छुए बल्कि वह शवयात्रा में भी शामिल हुआ। बंदर की हरकतों को देखकर लग रहा था कि मानो वह मृत व्यक्ति का काफी करीबी रहा हो।1470232019-7627

एनएएस कॉलेज में वरिष्ठ लिपिक सुरेंद्रसिंह शास्त्री नगर में रहते हैं। सिंह का बड़ा बेटा सुनील तोमर (31) तीस हजारी कोर्ट दिल्ली में वकील था। कैंसर की बीमारी से सुनील की शुक्रवार रात दिल्ली में मृत्यु हो गई। परिजन शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे उसका शव लेकर घर पहुंचे।

परिजन एवं आसपास के लोग गमगीन माहौल में अंत्येष्टि की तैयारी में जुटे थे। तभी करीब पांच बजे एक बंदर भीड़ के बीच से होकर शव के पास जा बैठा। बंदर ने पहले सुनील के पैरों को छुआ और फिर उसके सिर के पास जाकर बैठ गया। जब शव को स्नान कराया गया तो इस बंदर ने भी एक व्यक्ति के हाथ से लोटा लेकर पानी शव के ऊपर डाला।

शवयात्रा में शामिल हुआ बंदर : इतना ही नहीं यह बंदर शवयात्रा में शामिल हुआ साथ ही सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट भी पहुंच गया। उसने चिता पर लकड़ी तक रखने का प्रयास भी किया। बंदर ने कफन में ढके शव का चेहरा उघाड़कर अंतिम दर्शन किए और एक बार फिर उसके पैर छुए।

अंतिम संस्कार पूर्ण होने तक बंदर वहीं रुका रहा। बाद में जब लोग हैंड-पंप पर हाथ-पांव धोकर पानी पी रहे थे तो बंदर ने भी उनका अनुकरण किया। अन्य लोगों के साथ बंदर फिर सुरेंद्रसिंह के घर वापस आ गया। घर पहुंचकर बंदर ने अपने हाथों से गमगीन लोगों को पानी पीने के लिए गिलास दिए। उसके बाद बंदर रोती हुई सुनील की मां प्रेमवती की गोद में बैठकर और सुनील की पत्नी पूनम को गले लगकर सांत्वना दी। लोगों के घर से जाते ही बंदर भी चला गया। लोगों के अनुसार उन्होंने इस बंदर को पहले कभी भी मोहल्ले में नहीं देखा था।

हनुमान भक्त था सुनील : मृतक सुनील के पिता सुरेंद्र ने बताया कि सुनील हनुमान भक्त था। मेहंदीपुर स्थित बालाजी के दरबार में वह अक्सर जाता था। बालाजी की बहुत ही श्रद्धा और नियम से पूजा किया करता था। सिंह के अनुसार यह बंदर पहले कभी यहां नहीं आया।

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