इनकम टैक्स में छूट की सीमा बढ़ी,पढ़िए अभी तक बजट में क्या मिला आपको

कहां चली जेब पर कैंची
सर्विस टैक्स और एक्साइज ड्यूटी 2 पर्सेंट बढ़ीः  बजट में सर्विस टैक्स में 2 पर्सेंट की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब यह 10 से बढ़कर 12 पर्सेंट हो गया है। इससे बैंक ड्राफ्ट बनाना  ,  फोन बिल  ,  साइकल  ,  टीवी  ,  घड़ी  ,  बड़ी कारें  ,  कूरियर  ,  होटेल में खाना, हवाई सफर  ,  पार्लर सर्विस महंगे हो जाएंगे।  (  बजट में और क्या-क्या हुआ महंगा और क्या सस्ता, यहां क्लिक करें और देखें  )  मुखर्जी ने 40  ,  000 डॉलर (करीब 20 लाख रुपये) से अधिक कीमत वाली पूरी तरह से तैयार स्पोर्ट्स यूटिलिटी वीइकल (एसयूवी) और मल्टी यूटिलिटी वीइकल (एमयूवी) के इंपोर्ट पर भी ड्यूटी में भी बढ़ोतरी की।

जिन  सर्विसेज  को  सर्विस  टैक्स  के  दायरे  से  बाहर  रखा  गया  है  ,  उनमें  सरकार  और  लोकल  बॉडी  द्वारा  दी  जाने  वाली  सेवाएं  शामिल  है।  हालांकि  ,  इनमें  ऐसी  सेवाएं  शामिल  नहीं  होंगी  ,  जहां  उनकी  प्रतिस्पर्धा  प्राइवेट  सेक्टर  के  साथ  है।  सर्विस  टैक्स  की  निगेटिव  लिस्ट  में  प्री  –  स्कूल  और  स्कूल  एजुकेशन  ,  मान्यता  प्राप्त  कोर्सेड  और  मान्यता  प्राप्त  वोकेशनल  कोर्सेज  ,  घर  किराये  पर  देना  ,  एंटरटेनमेंट  सर्विसेज  और  पब्लिक  ट्रांसपोर्ट  का  बड़ा  हिस्सा  जिसमें  जलमार्ग  ,  शहरी  रेलवे  और  मीटर  से  चलने  वाली  टैक्सी  सेवाएं  शामिल  हैं।

निगेटिव  लिस्ट  से  इतर  भी  कुछ  ऐसी  सेवाएं  हैं  ,  जिन्हें  सर्विस  टैक्स  से  छूट  दी  गई  है।  इसमें  स्वास्थ्य  देखभाल  ,  धर्मार्थ  न्यास  द्वारा  दी  जाने  वाली  सेवाएं  ,  धार्मिक  व्यक्तियों  ,  खेल  हस्ती  ,  लोक  कलाकार  ,  व्यक्तिगत  स्तर  पर  वकीलों  द्वारा  गैर  व्यवसायिक  प्रतिष्ठानों  को  दी  जाने  वाली  सेवा  ,  स्वतंत्र  पत्रकार  ,  पशु  देखभाल  और  कार  पार्किंग  सर्विसेज  को  सर्विस  टैक्स  से  बाहर  रखा  गया  है।

कहां मिली थोड़ी राहत
टैक्स छूट का तोहफाः  वित्त मंत्री ने आयकर छूट की सीमा दो लाख कर दी है और 10 हजार तक के बचत ब्याज को भी टैक्स फ्री (पांच लाख तक की आय वालों को) कर दिया है। टैक्स स्लैब भी बदल गया है। अब यह कुछ इस तरह से होगा…
दो लाख तक की आय  – कोई टैक्स नहीं
2 से पांच लाख पर-  10 पर्सेंट
5 से 10 लाख पर-  20 पर्सेंट
10 लाख से ऊपर-  30 पर्सेंट
इस तरह 1.80 से 8 लाख तक कमाने वाले पुरुषों को सालाना अधिकतम 2 हजार  साठ रुपये का फायदा होगा। और 10 लाख या उससे अधिक कमाने वालों को अधिकतम 22 हजार 660 रुपये का फायदा होगा। (  टैक्स छूट से किसको कितना फायदा, पूरी डीटेल यहां देखें  )

शेयर बाजार के निवेशकों को तोहफा…
10 लाख तक की आय वाले लोगों के लिए राजीव गांधी इक्विटी योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत शेयर बाजार में अधिकतम 50 हजार तक के निवेश पर 50 पर्सेंट की छूट मिलेगी। इस योजना का लॉक-इन पीरियड 3 साल होगा। यानी अगर 50 हजार निवेश करते हैं तो 25 हजार पर टैक्स छूट मिलेगी। इससे 10 पर्सेंट टैक्स देने वालों को 2.5 से लेकर साढ़े सातर हजार तक का फायदा होगा।

सस्ते मकान खरीदने वालों के लिए खुशखबरी
25 लाख तक के मकान पर होम लोन पर छूट जारी रहेगी। इसके लिए 15 लाख तक के होम लोन पर 1 पर्सेंट की छूट मिलेगी। इसके साथ ही बिल्डर विदेश संस्थानों से कर्ज ले पाएंगे।

ब्लैक मनी पर श्वेत पत्र
प्रणव ने बजट में ब्लैक धन का मुद्दा भी रखा। उन्होंने कहा कि ब्लैक मनी के मुद्दे पर सरकार दूसरे देशों से मदद लेगी सरकार। इसके साथ इसी सत्र में ब्लैक मनी पर श्वेत पत्र लगाया जाएगा।

सब्सिडी  GDP  की 2  %  रहेगी
वित्त मंत्री का सब्सिडी घटाने पर जोर। उन्होंने कहा कुछ सब्सिडी गैर जरूरी है। सब्सिडी को जीडीपी का 2 पर्सेंट किया जाएगा। केरोसीन और घरेलू गैस की सब्सिडी सीधे लोगों के अकाउंट में ट्रांसफर का इंतजाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीएसडी 2012 में लागू होगा।

बजट में किसानों को मिला…
कृषि बजट 18 पर्सेंट बढ़कर 20208 करोड़ का हुआ। कृषि कर्ज एक लाख करोड़ बढ़ाया गया है। वक्त पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को 3 पर्सेंट की छूट मिलेगी। इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड एटीएम में इस्तेमाल हो सकेगा। अनाजों के लिए अलग से गोदाम बनेंगे।

बीपीएल परिवार को मुखिया की मौत पर 20 हजार
इंदिरा गांधी पेंशन योजना के तहत विधवा और विकलांग मासिक पेंशन 200 से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। महिला सेल्फ हेल्थ ग्रुप को 7 पर्सेंट पर कर्ज मिलेगा। वहीं बीपीएल परिवार के मुखिया की मौत पर 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।

प्रणव मुखर्जी के लिए यह सातवां मौका है  ,  जब उन्होंने लोकसभा में बजट पेश किया है। मुखर्जी ऐसे दूसरे केंद्रीय वित्त मंत्री हैं  ,  जिन्होंने सबसे अधिक बार बजट पेश किया है। सबसे ज्यादा 10 बजट पेश करने का रेकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम है। देसाई ने 1959-64  ,  1967-70 और 1977 और 1979 में केंद्रीय वित्त मंत्री रहे।

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