इन्डिया माेस्टवान्टेड के निर्माता सुहेब काे १७ साल बाद उम्रकैद

सुहैब इलियाबी 90 के दशक में टेलीविजन की बड़ी हस्तियों में शुमार थे।

नई दिल्ली (जेपी यादव)। टीवी सीरियल निर्माता सुहैब इलियासी को पत्नी अंजू की हत्या के मामले में बुधवार को कड़कड़डूमा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया था और पुलिस ने हिरासत में लेकर तिहाड़ जेल भेज दिया था। जानकारों ने पहले ही कहा था कि सुहैब इलियासी को उम्रकैद की सजा हो सकती है।

पत्नी अंजू की हत्या में उम्रकैद की सजा पाने वाले India’s most wanted फेम सुहैब इलियाबी 90 के दशक में टेलीविजन की बड़ी हस्तियों में शुमार थे। निजी टेलीविजन चैनल पर प्रसारित होने वाले अपराध आधारित प्रोग्राम को देखने के लिए लोग शाम का समय विशेष से रूप से निकालते थे।या यूं कहा जाए तो गलत नहीं होगा कि कभी सुहैब इलियासी की लोकप्रियता आज के सर्वाधिक चर्चित कॉमेडियन कपिल शर्मा की तरह थी। कहने का मतलब जो मुकाम आज कॉमेडियन कपिल शर्मा का हासिल है वह 90 के दशक में सुहैब इलियासी को हासिल था।वहीं, साल 2000 में उन पर अपनी पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगा। जब सुहैब पर पत्नी अंजू की हत्या का आरोप लगा था उस दौरान वह लोकप्रियता के उच्च शिखर पर थे।बता दें कि India’s most wanted अपनी तरह का पहला ऐसा शो था जो एंटी क्राइम एक्टीविजम पर आधारित था। इस शो में कुख्यात अपराधियों से जुड़ी इतनी गहन और डिटेल जानकारी होती थी कि पुलिस महकमा भी हैरान रह गया था।

पुलिस भी मांगती थी सुहैब से मदद

ऐसा जाता है कि छह साल के अंदर ही सुहैब इलियासी की मदद से पुलिस ने 135 से ज्यादा शातिर-कुख्यात अपराधियों को पकड़ा था। यह भी कहा जाता था कि पुलिस भी सुहैब को फोन कर कहती थी कि शातिर अपराधियों को पकड़वाने में हमारी मदद करें। हुआ भी ऐसा ही जल्द ही पुलिस ने शोएब इलियासी से संपर्क किया। माना जाता है कि कई कुख्यात अपराधियों को पकड़वाने में शोएब ने पुलिस की मदद भी की थी।

यह है पूरा मामला

11 जनवरी 2000 को मयूर विहार फेज-एक स्थित सुहैब के आवास पर पत्नी अंजू की चाकू लगने से संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। 28 मार्च 2000 को पुलिस ने सुहैब को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में जमानत मिल गई थी। निचली अदालत ने 29 मार्च, 2011 को सुहैब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धारा के तहत आरोप तय किए थे।

इस पर सुहैब की सास रुकमा सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और हत्या, सुबूत मिटाने सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप तय करने की मांग की थी।

12 अगस्त 2014 को हाईकोर्ट ने सुहैब के खिलाफ हत्या का केस चलाने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि अंजू की दो बहनों के बयानों को देखने के बाद प्रथमदृष्टया यह पाया गया है कि सुहैब के खिलाफ हत्या का मामला बनता है।

इसके बाद हत्या के तहत आरोप तय हुए थे। पिछले शनिवार को अतिरिक्त सेशन जज एसके मल्होत्रा ने सुहैब को दोषी करार दिया था।

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
%d bloggers like this: