इयु प्रतिवेदन कार्यान्वयन होना चाहिएः लिङ्देन

काठमांडू, २१ अप्रिल । संघीय लिम्बुवान राष्ट्रीय मञ्च के नेता कुमार लिङदेन ने कहा है कि युरोपियन युनियन (ईयु) का प्रतिवेदन कार्यान्वयन होना चाहिए । नेपाल आदिवासी जनजाति महासंघ द्वारा शुक्रबार काठमांडू में आयोजित विरोध प्रदर्शन को सम्बोधन करते हुए नेता लिङ्देन ने कहा है कि नेपाल में खस आर्य को, कोई भी आरक्षण की जरुरत नहीं है । कार्यक्रम में उन्होंने कहा– ‘प्रत्यक्ष चुनाव में खस–आर्य ही जीत कर आते हैं, समानुपातिक प्रणाली में भी खस–आर्य को ही प्राथमिकता दिया जाता है, यह छलपूर्ण चुनावी प्रक्रिया है । इस तरह जीत कर प्रधानमन्त्री बननेवाले सभी फर्जी हैं, ईयु ने यही कहा है । ईयु का यह कथन सही है ।’


नेता लिङदेन को मानना है कि देश की सार्वभौम सत्ता के संबंध में सरकार द्वारा ईयु के प्रति जो आरोप लगाया है, वह झूठ है । उनका कहना है कि ईयु का प्रतिवेदन तुरुन्त कार्यान्वयन होना चाहिए । उन्होंने यह भी चेतावनी दिया कि अगर ईयु का प्रतिवेदन कार्यान्वयन नहीं किया जाएगा तो देश में जो आन्दोलन उठनेवाला है, उसको रोकने की ताकत वर्तमान सरकार के पास नहीं रहेगा ।
नेता लिङ्देन का यह भी मानना है कि प्रथम चरणका आन्दोलन शुरु हो चुका है, जब दूसरे चरणका आन्दोलन शुरु होगा, उस समय ५–६ हजार लिम्बुवान भोलेन्टियर काठमांडू में आएंगे, जो वर्तमान सत्ता को बदलने के लिए काफी हैं । उन्होंने कहा कि आदिवासी जनजाति महासंघ द्वारा शुरु आन्दोलन के जरिए लिम्बुवान से मगरात तक पहचान युक्त राज्य निर्माण होना चाहिए ।

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