इस्तिफा के लिए मुख्यमन्त्री राउत से आग्रह

सीपी मैनाली, महासचिव, नेकपा (माले)

काठमांडू, १६ मई । नेकपा माले ने कहा है कि प्रदेश नं. २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत को पद रहने का कोई भी नैतिक अधिकार नहीं है । माले ने एक विज्ञप्ति प्रकाशित करते हुए मुख्यमन्त्री राउत को इस्तिफा देने के लिए भी आग्रह किया है । उसको कहना है कि मुख्यमन्त्री राउत ने संविधान का विरोध किया है, राष्ट्रभाषा नेपाली और प्रदेश के बहुसंख्य लोगों कि मातृभाषा मैथिली और भोजपुरीको अनदेखा कर उन्हों ने हिन्दी में भाषण किया है, इसीलिए उनको इस्तिफा देनी चाहिए ।
पार्टी महासचिव सीपी मैनाली द्वारा जारी विज्ञप्ति में उल्लेख है कि अपनी आन्तरिक समस्या समाधान के लिए विदेशी प्रधानमन्त्री को हस्तक्षेप के लिए आग्रह करना, राष्ट्रीय झण्डा का अपमान करना, संविधान और राष्ट्रीय अखण्डता विरुद्ध अभिव्यक्ति देना अपत्तिजनक है । विज्ञप्ति में कानुन सम्मत कारवाही के लिए आग्रह भी किया गया है ।
इसीतरह भाजपा सांसद कीर्ति आजाद द्वारा सार्वजनिक अभिव्यक्ति पर भत्सर्ना करते हुए नेकपा माले ने कहा है कि उक्त विचार वापस करने के लिए नेपाल सरकार की ओर से विशेष पहल होनी चाहिए ।

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