इस एकता से बल मिला है मधेशी जनता को : महन्थ ठाकुर

mahant thakur

 काठमांडू, २२ अप्रैल | २० अप्रैल को तराई मधेश लोकतांत्रिक पार्टी, सद्भावना पार्टी, राष्ट्रीय मधेश पार्टी, तराई–मधेश लोकतांत्रिक पार्टी नेपाल, मधेशी जनअधिकार फोरम (गणतांत्रिक) व नेपाल सद्भावना पार्टी के बीच बृहस्पतिवार को एकीकरण हुआ है । काठमांडू के डिल्लीबजार अवस्थित अमृतभोग के सभागार में एक भव्य समागम के बीच छह दलों द्वारा पार्टी एकीकरण की घोषणा की गई । नई पार्टी का नाम राष्ट्रीय जनता पार्टी तथा चुनाव चिन्ह छाता रखा गया है । नई पार्टी में अध्यक्ष मंडल का प्रावधान रखा गया है । अध्यक्ष मंडल में महन्थ ठाकुर, राजेन्द्र महतो, शरदसिंह भंडारी, महेन्द्र राय यादव, अनिल कुमार झा व राजकिशोर यादव हैं ।
अवसर पर अध्यक्ष महन्थ ठाकुर ने कहा कि कथित खस जातियों के द्वारा यह आक्षेप लगाया जा रहा है कि मधेशी भारतीय हैं । लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि नेपाल बनने से पूर्व मधेश का अपना राज्य था, मधेश स्थापित हो चुका था, तो कैसे वे भारतीय हुए । जब कि आक्षेप लगाने वाले व्यक्ति ही भारत के विभिन्न प्रांतों से नेपाल आए हैं ।
उन्होंने कहा कि मौजूदा संविधान मधेशी, दलित, जनजाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ावर्ग तथा हिमाल, पहाड़ में बसने वाले जनजातियों के हित विपरीत है । संविधान में सिर्फ नेपाली भाषा को ही राष्ट्रभाषा, शिक्षा की भाषा, रोजगार की भाषा होने का प्रावधान रखा गया है । जबकि हिन्दी, मैथिली, भोजपुरी, बज्जिका, थारु, संथाली, अवधी, राई, लिम्बू आदि भाषाओं को कोई मान्यता नहीं दी गई है ।
उन्होंने यह भी कहा कि मधेश पूर्वजों की भूमि है कोई आयातित भूमि नहीं है । मधेश नेपाल का जीवन मार्ग है । यहां का पानी भले ही उत्तर से दक्षिण की ओर जाता है, लेकिन जीवन दक्षिण से उत्तर की ओर जाता है ।
इसी प्रकार तत्कालीन रामसपा के महासचिव तथा राष्ट्रीय जनता पार्टी के युवा नेता केशव झा ने कहा कि एक वर्ष के भीतर पार्टी का महाधिवेशन करवाने का लक्ष्य रहा है । और सभी जिलों में पार्टी एकता और समायोजन प्रक्रिया के दौरान साझा समझादरी तथा सहमति से नेतृत्व चयन किया जाएगा । पार्टी ने देशभर एकता के सन्देश देने हेतु दीवाली का आयोजन, उसके पश्चात् मेची–महाकाली एकता यात्रा करने की जानकारी तत्कालीन सद्भावना पार्टी के महासचिव तथा राष्ट्रीय जनता पार्टी के नेता मनिषकुमार सुमन ने दी ।
मौके पर राजनीतिक विश्लेषक दिपेन्द्र झा ने कहा कि इस एकता को मजबूत बनाने के लिए एक ठोस संयन्त्र की आवश्यकता है । इसी प्रकार मधेशी राजनीतिक विश्लेषक एवं पूर्व राजदूत विजयकान्त लाल कर्ण ने कहा कि इस नयी पार्टी में सभी जाति, समुदायों की सहभागिता करने की आवश्यकता है ।
घोषणा सभा में पार्टी का सिद्धान्त ‘लोकतान्त्रिक समाजवाद में आधारित समावेशी नेपाल’ होने की जानकार दी गई । इसी प्रकार अध्यक्ष मंडल ही पार्टी के सर्वोच्च निकाय होने के साथ साथ पार्टी के सभी राजनीतिक, सांगठनिक निर्णय सामूहिक निर्णय प्रणाली द्वारा होने की भी जानकारी दी गई ।
घोषणा सभा में नव गठित पार्टी के हृदयेश त्रिपाठी, सर्वेन्द्रनाथ शुक्ल, वृषेशचन्द्र लाल, जीतेन्द्र सोनल, रामनरेश राय, ललितबहादुर थापा, राजकुमार मंडल, प्रदीप शमशेर जबरा, नीलम वर्मा, राजकुमार लेखी, अर्जुन उप्रेती, उपेन्द्र महतो, संतोष मेहता, अनिता यादव, मो. मसिम मिया अंसारी, विनीता यादव, पेशल ढकाल, चन्देश्वर प्रसाद सिंह, विशेश्वर यादव, राजनीतिक विश्लेषक एवं पूर्व राजदूत विजयकान्त लाल कर्ण एवं दिपेन्द्र झा, मधेशी नागरिक समाज के अध्यक्ष गणेशकुमार मंडल सहित सभी पार्टियों के नेता तथा कार्यकर्ता की भारी संख्या में उपस्थिति थी ।
कार्यक्रम में जीतेन्द्र सोनल ने प्रेस विज्ञप्ति वाचन किया । कार्यक्रम संचालन केशव झा ने किया तथा स्वागत भाषण मनिष कुमार सुमन ने किया । इसी प्रकार धन्यवाद ज्ञापन रामनरेश राय ने किया ।
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