उद्योग से निकलने वाले फिल्टर केक से बैज्ञानिक तरीका से मल उत्पादन शुरु

उद्योग से निकलने वाले फिल्टर केक से बैज्ञानिक तरीका से मल उत्पादन शुरु
Bijay Kant Jha भुशक्ति प्राड्डारिक मल के प्रयोग से बारा, सर्लाही, धनुषा, सप्तरी लगायत के किसान हर्षित

सर्लाही २५ गते असार । इन्दुशंकर चीनी उद्योग लि. हरिवन ने अपने उद्योग से निकलने वाले फिल्टरकेक बैज्ञानिक तरीका से भुशक्ति नामक प्राड्डरिक मल का उत्पादन २ बर्ष से शुरु है ।
उद्योग में उख के क्रसिड्ड से निकलने वाले फिलटरकेक (प्रेसमड) को वैज्ञानिक तरीका से स्पेन्टवास लगायत अन्य जैविक तत्वहरु मिश्रण कर के ७० ÷७५ दिन तक के म्भअकउष्कत प्रक्रिया अपना कर भुशक्ति प्राड्डरिक मल तैयार होने की बात उद्योग ने बताई है ।

भुशक्ति प्राड्डरिक मल में कार्वनिक पर्दाथ के अतिरिक्त फास्फोरस, पोटासियम, नाईट्रोजन, कैलशियम, सल्फर, मैगनेशियम के साथ साथ अन्य सुक्ष्म तत्वों का समावेश रहता है यह जानकारी उद्योग के प्रबन्धक बिजयकान्त झा ने दी ।
उक्त प्राड्डरिक जैविक मल से मिट्टी की उर्बरता, जलधारण तथा वायुसंचरणा क्षमता में बृद्धि के साथ विभिन्न लाभदायक पोषक तत्व उपलब्ध अवस्था में होने से पौधे सही तरीके से बढते है. । और कृषि में अधारित कार्वनिक पर्दाथ का पुर्न चक्ररण होता जाता है ।

रसायनिक मल एवं किटनाशक औषधि के अत्याधिक प्रयोग से ले बालीनाली में पडने वाले दुष्प्रभाव तथा वायु मण्डलीय प्रदुषण में कमी आता है और सिचाई की आवश्यक पानी में २५ प्रतिशत तक बचत होता है ।
प्राड्डारीक मल रासायनिक मल से सस्ता ओर जैविक मल के सही प्रयोग से उत्पादन में १५ प्रतिशत बृद्धिहोती जाती है । पौधों में पोषक तत्व, समुचित मात्रा में उसे भोजन और उसकी प्रतिरोधन क्षमता में वृद्धि होती है
उद्योग ने अपने उख किसान को प्राड्डारिक मल में ५० प्रतिशत समेत छुट देने के साथ ही सम्पूर्ण किसानों के बैंक एकाउण्ट में उख के रकम उद्योग का चेक मार्फत समय में भुक्तान करने की जानकारी उद्योग के प्रबन्धक झा ने दी । उक्त मल के प्रयोग से बारा, सर्लाही, धनुषा, सप्तरी, महोतरी जिला लगायत के किसान हर्षित हैं ।

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