Sat. Sep 22nd, 2018

एकजुट होने की अपरिहार्यता : बी.पी.यादव

mahanth

 

 

 

बी.पी.यादव , काठमांडू ,२६ दिसिम्बर |
फिलहाल , मधेशी राजनीतिक दलों के नेतागण एक रटलगाते है की मधेश एमाले, काँग्रेस और माओवादी मुक्त हो |इसी नारा को लेकर ये सभी पार्टियां संसोधन विधेयक का बात को छोड़कर मधेश के गांव केन्द्रित कार्यक्रम में व्यस्त दिखाई देते है | इसके साथ – साथ विभिन्न पार्टियों में प्रवेश की लहार चल रही है | फोरम लोकतांत्रिक के कुछ नेता तथा कार्यकर्ता मधेशी पार्टी में ,सदभावना पार्टी से फोरम नेपाल में ,फोरम नेपाल से तमलोपा में प्रवेश की लहरचल रही है | यह अच्छी बात है लेकिन अभी का स्थिति में प्रवेश करने और करवाने की बात को छोड़कर संविधान संशोधन विधेयक को पारित करवाने के लिए एकजुट होते है ,तो मधेश को कल्याण होगा |
मधेशी दलों के एकजुट ना होने के फ़ायदा एमाले ,कांग्रेस और माओवादी पार्टी ले रही है | इसीलिए इस फ़ायदा को रोकने के लिए यह जरूरी है की वे एकजुट होकर आगे बढ़े |

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