एक अनार सौ बिमार

मालिनी मिश्र, २५ जुलाई, काठमाण्डू।

एक पद के लिए,एक ही पार्टी में ४ आकांक्षी । कौन क्या चाहता है व क्या निर्धारण होगा , यह तो समय ही बताएगा पर नेपाल की राजनीति अभी किसी डेली सोप से कम नहीं हैं जिसमें सब एक दूसरे के लिए षडयंत्र रचने में ही लगे हैं व कुर्सी पाने की रेस में भाग रहे हैं ।

ओली के राजीनामा देने के साथ ही अब कांग्रेस सभापति शेरबहादुर देउबा निकटवर्ती नेताओं के साथ सरकार गठन के बारे में परामर्श करने में व्यस्त हैं । सरकार के गठन के बाद ही देउबा पदाधिकारी का मनोनयन करने के सोच में हैं । सरकार ढलने के पश्चात अब देउबा के लिए विमलेन्द्र निधी का व्यवस्थापन सबसे बडी चुनौति के रुप में सामने आया है ।

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निधी ने प्रचण्ड नेतृत्व की सरकार में उपप्रधान मंत्री सहित पार्टी का नेतृत्व व पार्टी में उपसभापति का पद भी अपने ही अधिकार में करने की इच्छा जताई है । पर इसी पद के लिए खुम बहादुर खड्का भी मजबूत दावेदार हैं जो उपसभापति का पद न पाने के साथ ही अपने ५ सदस्यों के साथ ही देउबा का साथ छोडनेकीे तैयारी में कमर कस चुके हैं । देउबा इसकी क्षतिपूर्ति के लिए के बी व सिटौला के समूह के रुप में रणनीति अपनाने को तत्पर हैं । पर सबसे प्रमुख प्रश्न है कि सरकार में नेतृत्व किसका होगा ?

कांग्रेस से ही उपप्रधानमंत्री के लिए ४ उम्मीदवार हैं जिसमें विमलेन्द् निधी, कृष्ण सिटौला, गोपाल मान श्रेष्ठ व अर्जुननर सिंह केसी हैं । निधी की भूमिका मजबूत है पर देउबा की व्यक्तिगत इच्छा गोपालमान के संसदीय दल के नेता व सरकार के नेतृत्व के रुप में सामने आ सकती है । कृष्ण प्रसाद सिटौला व पूर्ण बहादुर खडका गृह मंत्री के लिए अगले दावेदार हो सकते हैं । कांग्रेस लगभग १३ मंत्रालय लेने की सोच में सहमति की बात नेता रमेश लेखक ने बताई है । पर मंत्रालय के बारे में अभी तक कोई निर्णय न होने के कारण ही मंत्रियों का निर्धारण न होने की बात कही गयी है । देउबा की तैयारी ज्ञानेंद« बहादुर कार्की को महा मंत्री व बालकृष्न खांड को मंत्री बनाने की है।

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