एक दशक के बाद भी ऐन कार्यान्वयन नही हुआ

नेपालगन्ज,(बाके) , पवन जायसवाल २०७४ कार्तिक २९ गते ।
नेपाल में सूचना की हक सम्वन्धी ऐन तो आया एक दशक बीत गया लेकिन सार्वजनिक निकाय अभी तक पूर्ण रुप में कार्यान्वयन नही हुआ है एक कार्यक्रम में बताया गया ।
युएनडिपी की सहयोग में सूचना और मानव अधिकार अनुसन्धान केन्द्रद्धारा कार्तिक २८ गते आयोजित सूचना की हक सम्वन्धी अभिमुखीकरण कार्यक्रम के सहभागियों ने ऐन कार्यान्वयन के लिये सरोकारवाला निकाय विशेष पहल करने के लिये जोड दियें थे ।
वह कार्यक्रम में राष्ट्रीय सूचना आयोग के आयुक्त किरण कुमार पोख्रेल ने कहा अभी तक भी करीब ९० प्रतिशत नागरिकों ने सूचना की हक बारे अनभिज्ञ रहें है बताया विभिन्न पाठयक्रम, निति तथा कार्यक्रम में इस को समावेश करने के लिये जोड दिये थे ।
उन्हों ने कहा सुुशासन और पारदर्शिता के लिये सूचना की हक एक मजबूत औजार की रुप में रही है इस की प्रयोग अधिक मात्रा में करने के आग्रह किया । नेपाल पत्रकार महासंघ के केन्द्रीय सचिव राम प्रसाद दाहाल ने कहा सूचना की हक के बारे में सम्पूर्ण स्थानीय तह और सार्वजनिक निकायों में प्रचार प्रसार करने की आवश्यकता री है बताते हुये सूचना की हक एक पत्रकार के लिये मात्र रही कहकर किकसी को पता नही है इस लिये सभी नागरिकों के लिये महत्वपूर्ण रही है बताया ।
कार्यक्रम में सहभागी नेपालगन्ज उपमहानगरपालिका वार्ड नंं १० के वडाध्यक्ष विन्दुभूषण बस्नेत, ११ नंं वडाध्यक्ष उज्जवलसिंह राठौर, वडा नं. ५ के वडाध्यक्ष कैफुुलवरा अन्सारी और वडा नंं ८ के वडाध्यक्ष सुरेन्द्र गुप्ता बैश्य ने सूचना की हक ने सरकारी निकाय का पारदर्शी और खुला बनाने के लिये इस बारे सम्पूर्ण वडाबासियों को जागरुक बनाने की आवश्यकता रही है जोड देते हुये इस को प्रयोग करके कार्यान्वयन के लिये विशेष पहल करने की प्रतिबद्धता किये थे ।
कार्यक्रम में सूचना और मानव अधिकार अनुसन्धान केन्द के कार्यकारी निर्देशक राकेश कुमार मिश्र और अध्यक्ष विश्वजीत तिवारी ने सूचना की हक के बारे में सहजीकरण कियें थे ।
उसी अवसर में स्थानीय युवा राम सुुहावन सोनकर की संयोजकत्व में २५ सदस्यीय नगरस्तरीय सूचनाको हक सम्बन्धी सञ्जाल गठन किया गया था । सञ्जाल की उपसंयोजक में पुुनम श्रेष्ठ, सदस्यों में अर्जनुु जैसी, साहिल अन्सारी, बीरेन्द्र थापा, शैलेन्द्र कुुमार वैश्य, श्यामा यादव, रुवी साई, सहाबुुद्दीन हलवाई, श्वेता गुुरुङ, प्रेम पाण्डेय, बिष्णुुलाल कुुमाल, तारा थापा, अस्मिता थापा, आनन्द गुुप्ता, दिनेश क्षेत्री, जहिरुल हक जीनुु लगायत रहें है ।
गठित सञ्जाल ने सार्वजनिक निकायों को पारदर्शी कराने के लिये सूचना मा“ग करने की अभियान सञ्जालन करने की साथ साथ ऐन कार्यान्वयन के लिये विशेष भुमिका निर्वाह करने के लिये जनाया गया ।
अभिमुखीकरण कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधी, अधिकारकर्मी, सूचना अभियन्ता, युवा करके करीब ५० लोगों की सहभागिता रही थी ।

 

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