एक वर्ष बाद आयकर विभाग क्यों नींद से जागा ?

मालिनी मिश्र, काठमाण्डू, २८ जुलाई ।
भूकम्प पीडितों को सहयोग करने के लिए दिए गए आर्थिक सहयोग रकम जो कि प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप  कोष में भेजी जाती है, उसमें आयकर देना या न देना अभी तक तय ही नही है ।
singh darbar
करदाताओं का कहना है कि मानवीय संकट उत्पन्न होने से मांगे गये रकम में कर में छूट होना चाहिए । पर अभी की स्थिति में नेपाली ऐन में इस तरह के किसी नियम का प्रावधान न होने के कारण रकम में कर के देने व न देने पर विवाद हो रहा है ।
स्थिति यह है कि सरकार तो गत वर्ष के भूकम्प के लिए दिए गये राहत व चंदा के लिए आये निजी क्षेत्र के कंपनियों व निकायों से आयकर देने का दबाव दे रही है । गत वर्ष के भूकम्प के समय नेपाल सरकार नें राष्ट्रीय अन्तरराष्ट्रीय समुदायों से सहयोग की मांग की थी ।
तत्काल कार्यान्वयन में आयकर नियम के अनुसार, १ लाख से ज्यादा बडी रकम पर जो कि चंदा हो या उपहार उस पर यह नियम लागू होगा और अब सरकार उसी नियम का पालन करने की तैयारी में है ।
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