एमाले वडाध्यक्ष ने किया २३ लाख घोटाला

जाजरकोट, २१ श्रावण ।
नेकपा एमाले से निर्वाचित एक वडाध्यक्ष ने फर्जी विवरण पेश कर २३ लाख रुपया लिया है । यह समाचार त्रिवेणी नलगाड नगरपालिका–११ जाजरकोट का है । नगरपालिका के अन्दर ११ नम्बर वडा (चौखा) से १० नम्बर वडा (रजिक) तक के लिए सडक निर्माण हो रहा थी । लेकिन नवनिर्वाचित वडाध्यक्ष जितबहादुर मल्ल और सदस्य भीमबहादुर मल्ल, कृष्णकुमारी खत्री, विष्णुकमारी नेपाली और बिर्खबहादुर बानियाँ ने दावा किया है कि उक्त सडक बन चुका है । लेकिन सडक सिर्फ कागज में बनी थी, हकिकत में नहीं । इसतरह उन्होंने फर्जी कागज पेश कर २३ लाख रुपैयाँ निकासा किया है ।
जब स्थानीय सञ्चार माध्यमों में वास्तविकता सामने आने लगा, तब अख्तियार दुरुपयोग अनुसंधान आयोग ने जिला समन्वय समिति को एक पत्र लिख कर छानबिन करने को कहा । समन्वय समिति के कुछ सदस्य थानीय क्षेत्र में पहुँच कर देखे चकित हो गए । उन लोगों ने ठहर किया गया है कि वडाध्यक्ष जितबहादुर मल्ल कि नवनिर्वाचित टोली ने भ्रष्टाचार किया है । स्मरणीय है– नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों ने वडा कार्यालय के लेटरप्याड में लिखे हैं– ‘२ हजार ३ सौ मिटर सकड निर्माण हो चुका है और काम सन्तोषजनक रुप में आगे बढ़ रहा है ।’ लेकिन वहाँ सिर्फ ९० मिटर सडक निर्माण हुआ था । इस तरह नक्कली विल और भरपाई बनाकर मल्ल ने २३ लाख रुपया निकासा किया है । घोटाला काण्ड में स्थानीय उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष लगबहादुर बस्नेत, सचिव शुष्मा विसी और कोषाध्यक्ष जयकुमारी खत्री भी शामील है, ऐसा बताया गया है । इसीलिए जिला समन्वय समिति ने एक पत्र लिख कर उपभोक्ता समिति के पदाधिकारी को भी स्पष्टीकरण देने को कहा है । घटना सार्वजनिक होेने के बाद भुक्तानी किया गया बैंक चेक को स्थानीय विकास अधिकार रुद्रप्रसाद पण्डित ने अपनी नियन्त्रण में लिया है ।
loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz