ऐ मेरे हमदम…ऐ मेरे हमसफर

उर्मिला पन्त पाण्डेय

ऐ मेरे हमदम ।।।।
ऐ मेरे हमसफर।।।।

नैन मिला के,चैन चुरा के, ले लिया तुमने दिल
तेरे प्यार के विना तो, अव जिना है मुस्किल

ऐ मेरे हमदम
ऐ मेरे हमसफर

अँखियोँके द्वार से तु दिलमे समाया है
दिलके सिंहासमे तुने डेरा जमाया है

ऐ मेरे हमदम
ऐ मेरे हमसफ़र

तेरे विना, कुछ भि अच्छा लगता नहीँ अब तो
साथ हि जिना, साथ हि मरजाना है अब तो

ऐ मेरे हमदम
ऐ मेरे हमसफ़र

 

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