ओलीके दगाबाजी के कारण फिर से आन्दोलन हुआ तेज : लाहानमे बलिदानी दिवश

मनोज बनैता, लहान, 20 जनवरी । लाहानमे कल्ह आयोजित बलिदानी दिवश त्योहार की तरह धुमधाम के साथ मनाया गया । लाहान स्थित पशुपती आर्दश स्कुलके प्राङगन मे किया गया सभा मे हजारौ मधेशवासी की उपस्थिती थी। सभाको सम्वोधन करते हुवे सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा कि मधेश का माग पूरा करनेके लिए ही प्रधानमन्त्री केपी ओली ने उन्हे दिल्लीमे फोन किया था मगर वे धोकेवाज निकले । वे अपना वही पुराना राग अलापने लगे इसिलिए मधेशीयोंको ए आन्दोलन जारी रखना होगा ।
नेता महतो ने कहा कि जनसंख्या के आधार मे आधा मधेशी सेना होना चाहिए और मेची से महाकाली तक दो प्रदेश जिसमे एक मधेश और दुसरा थरुहट । झापा, सुनसरी, मोरगं, कंचनपुर, कैलाली में ५० बर्ष पहले केवल ६ प्रतिशत पहाडिया था लेकिन अभी का माहौल कुछ और है । स्थिती वैसे ही रहा तो वो दिन ज्यादा दुर नही जब बाँकी के मधेशीयां को अपना बोरिया बिस्तरा लेकर शरनार्थी के तरह रहना पडे । ए आन्दोलन सिर्फ और सिर्फ सत्ता पक्ष से है ईसिलिए मधेश मे रहरहे पहाडियों को भी ईस आन्दोलन मे भाग लेना जरुरी है । अगर अभी भी मधेश मे रहरहे पहाडिया मधेश प्रदेश मे रहनेकी ईच्छा ना हो तो वे लोग फिर्ता पहाडमे जासकते है ।
महतो ने ए भी कहा है कि प्रधानमन्त्री ओली, कांग्रेसके सभापति सुशिल कोइराला और एमाओवादीके अध्यक्ष प्रचण्ड सभी लोग मधेश नीती प्रति पुर्वाग्रही है । वे सब जातीवादी के आधारमे बात करते रहने के कारण वार्ताका औचित्य अब नही रहगया है । ईसिलिए अब का ए लडाई आर या पार की हागी ।
सरकारका अगर यही रवैया रहा तोे स्वायत्त मधेश प्रदेश नही स्वतन्त्र मधेश के माग आगे बढ सकता है । ए पांच महिनाका आन्दोलन इतना जल्दी खतम होवाला नही है । ए आन्दोलन हो सकता है ५ वर्ष तक चले । ईस आन्दोलन मे लाखौं मधेशी अपने आहुती देनेको भी तैयार है । received_778051078988489
उनहोने ए स्पष्ट किया कि विराटनगर जोगवनी नाका मे मुझे मारने का षड्यन्त्र किया गया था लेकिन मधेशी आन्दोलनकारीयों ने मुझे बचाया ईसिलिए आज मै ईस पावन धर्ती पर खडा हूँ नही तो मेरा नाम भी उन सहिदो मे होता । मै मरने से नही डरता अगर मेरे खुनसे आजादी मिले तो मै वो जंग फिरसे लडना चाहता हूँ ।
संविधान घोषणा करने के समयमे तीनो पार्टीका नेता दलगत स्वार्थसे उपर उठके एकमत हुआ था बस वैसे ही अभी मधेशके समस्या समाधान करनेके लिए तीनो पार्टीको एक साझा विचार बनाना आवश्क है ।
उसी कार्यक्रम मे तमलोपाका महासचिव जितेन्द्र सोनल ने कहा कि जैसे हिन्दुके छठ् और मुस्लिमके इद पर्व महत्वपूर्ण है वैसे हि सम्पूर्ण मधेशीयों को ए माघ ५ महत्वपुर्ण है । माघ महिनामे किया जारहा लहानका ए बलिदानी दिवस संसारका एक महत्वपूर्ण पर्व जैसे ही है । received_778050945655169
सोनलने पहचान और स्वायत्त मधेश माग अगर पुरा ना हुआ तो अब स्वतन्त्र मधेशके लिए आन्दोलन करना पडेगा और ईसके लिए संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चाको छाता मोर्चा बनाके महागठबन्ध बनानेमे जोड दिया जायगा।
कार्यक्रम में तमसपाका केन्द्रीय सदस्य डा.महादेव साह, संघीय समाजवादी फोरम नेपालका केन्द्रीय सदस्य राजलाल यादव, सद्भावना पार्टीका सिरहा जिल्ला अध्यक्ष रामबहादुर महतो, लोकतान्त्रिक फोरम परित्यागी तथा पूर्व राज्यमन्त्री शत्रुधन सिंह, एमाले परित्यागी सत्यनारायण यादव, युवा नेता विजय यादव, दिपेश यादवलगायतने मन्तव्य रखे थे । इसितरह, कार्यक्रमका प्रमुख अतिथी राजेन्द्र महतोको धनुषा से लानेके लिए युवा मंचका सिरहा अध्यक्ष विरेन्द्र यादव विरु, सचिव गोपाल गुप्ता लगायत सयौं कार्यकर्ता नेता धनुषा गए थे । कार्यक्रममे थारु नाच समेत प्रदर्शन किया गया । बलिदानी दिवसका अवसरमे अस्पतालमे उपचार के क्रममे रहे मरिजोंको फलफूल वितरण किया गया । कार्यक्रममे अध्यक्ष महतोका भाषण सुनने के लिए १० हजार से भी ज्यादा लोगोंकी सहभागीता रहा ।

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