ओली के ओले मुफ्त में मिल रहे हैं : बिम्मीशर्मा

बिम्मीशर्मा,काठमांडू,१२ जनवरी |
हमें खाने को रसभरे गोले भले न मिलता हो पर सुनने और हंसने के लिए इस कड़कड़ाती ठंड मे भी पीएमओली के ओले मुफ्त में मिल रहे हैं । “सर मुंडाते ही ओले पडे” वाला मुहावरा अब पुराना हो गया है । अब तो देश में संविधान लागु होते ही प्रधानमंत्री के रूप में केपी शर्मा ओली महाशय जनता के सर में ओले की तरह बरस पडे । अब बेचारी लाचार जनता क्या करती ? हँस–हँस कर इस ओले की मार को सहन कर रही है । बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी आखिर ?
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हमारे पीएम ओली कभी सौर्य उर्जा से, कभी हवा से बिजली निकालने की बात सरे आम बोल कर कुछ क्षणों के लिए वाहवाही बटोरते हैं और देश और जनता कों शर्मिंदा करते है । फिर कुछ दिनों बाद उनका मुहावरों से भरा हुआ मुँह कुछ नया बोलने के लिए कुलबुलाने लगता है । और वह कुछ दिनों मे ही देश के सभी नागरिकों के रसोईं घर में पाईप लाईन से गैस पहुंचाने का दावा करते हैं । पीएम ओली कहते हैं कि “सिलिडंर और गैस को भूल कर अब पाईप से गैस आने की प्रतीक्षा कीजिए ।”
हां पीएम जी हमलोग प्रतीक्षा ही तो कर रहे अच्छे दिनो का जो आपके शासनकाल में संभव नहीं है । हमलोग १३ घंटे तक बिजली का अभाव और लोडसेडिगं को झेल कर उजाले की प्रतीक्षा करते हैं । हमलोग प्रतीक्षा कर रहे काली रात जैसी कालाबजारी और महंगाई के खत्म होने की, हमलोग प्रतीक्षा कर रहे हैं मधेश की समस्या हमेशा के लिए हल होने की? पर आप क्या करते हैं ? देश के सर्वोच्च और सम्मानित पद में रह कर भी विदुषक के जैसा मसखरी करते है । शायद आप ने प्रधानमंत्री (पीएम) के पद को प्रधान मसखरे का पद समझ लिया है ?
आप भी क्या करते ? शरीर से तो आप लाचार हैं ही दिमाग से भी आप लाचार है । इसी लिए आप के सलाहकार गण आप को जो बोलने को कहते हैं आप गाहे–बगाहे बोल देते है । आप और आप के सलाहकारों का तो कुछ नहीं जाएगा पर देश और जनता की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है । देश के हिमाली जिले में भुकंप पीड़ित वहां पर हुए बर्फबारी को झेलने को अभिशप्त हैं । वे हिमपात को बिस्तर की तरह बिछा कर रजाइ की तरह ओढ़ने के लिए बाध्य है । और इधर आप देश की राजधानी मे सौर्य उर्जा और हवा से बिजली निकालने का हवा जैसा भाषण दे कर गर्मी बांटने की कोशिश कर रहे हैं । पर आज तक बात से कोई बात नहीं बनी है । बात तो आश्वासनों को कार्य रूप में करने से ही बनेगी । पर आप कुछ करना नहीं चाहते । ४२ लोगों की टोली से घिरे रहते हैं ।
शायद आप को भी भान हो गया है कि समस्याओं के अंबार को आप सुलझा नहीं सकते । इसी लिए दुखी और पीड़ित जनता को अपने मसखरेपन से हंसी की डोज दे कर खुश रखना चाहते हैं । लेकिन खाली पेट से हंसी नहीं गैस निकलती है । जिस से गैस्ट्रिक होता है । पर आप को क्या ? आप को तो कालाबजारी और गैस के भारी किल्लत में भी चौरासी व्यंजन और छप्पन भोग खाने को मिल रहे । इसीलिए डकारते हुए भूखी जनता के मूंह में कुल्ला कर रहे है । आप को प्रधानमंत्री का पद पच नहीं रहा है इसीलिए अपच के कारण वमन करते है जिसे आप के कार्यकर्ता भाषण का नाम देते है । जिस ने सपनें में भी न सोचा हो कि वह देश का प्रधानमंत्री बन जाएगा उसे हकीकत में वह पद मिल जाए तो बौराइगा ही । आप भी वही कर रहे हैं ।
आप के पीएम पद पर आसीन होते समय काफी लोगों ने विरोध किया था । वह तो सीनातान कर आगे खडेंÞ हैं अपनी बात को सच सावित होता देख कर । पर वह लोग कहां गए जो आप को महान राष्ट्रवादी समझ कर आप को पीएम पद का जबरदस्त दावेदार मानते थें । शायद उन को मूंह छिपाने के लिए भी जगह नहीं मिली होगी कंही । आप को शायद मालूम न हो कि जिस सौर्य उर्जा और हवा से बिजली निकाल कर एक साल के अंदर लोडसेडिगं होने के हवाई किले बना रहे है और उधर हमारा पड़ोसी देश भारत शायद आपका दुश्मन देश इण्डिया एल आई डी बल्ब के प्रयोग से साल में एक अरब यूनिट बिजली बचत करने की योजना उपयोग में लाने वाला है । कितना फर्क है न आप और मोदी में ? आप जो हो नहीं सकता उसका सब्जबाग दिखा कर जनता को भरमाते है और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो है उसी पर किफायत कर के देश की उर्जा खपत और पैसा दोनो बचाने के लिए सोचते हैं । कुछ भी बोलने और करने से पहले उस का होमवर्क और प्लानिगं जरुरी है । पर आप तो सिर्फ आठंवी क्लास तक पढेंÞ है आप ने कभी होमवर्क किया हो तब न समझेगें ?
आप का तो पीएमबनने के बाद का सौ दिन का शासन काल जिसे “हनीमूनपिरियडस” कहते है । वह भी खत्म होने वाला है । अब तो आप को कोई रियायत भी नहीं दी जाएगी । जिस तरह लोग शादी के बाद अपनी सुखद गृहस्थी की कामना करते हुए हनीमून में जाते है । उसी तरह इस देश और यहां की जनता ने अपने सुखद भविष्य की निश्चिंतता के लिए ही आप को पिएम बनाया था । अभी हाल हीं कहीं पढा था कि आप“नपुंसक” है इसीलिए आप के बच्चे नहीं हुए । अब नपुंसक को हनीमून का मजा खाक आएगा ? नपुसंक जितनी भी बार शादी करले हनीमून मनाने से तो वंचित ही रहेगा न ? आप भी वैसे ही हैं जितनी भी बार इस देश के प्रधानमंत्री बन जाए । न देश विकास के दिशा में कोई ठोस कार्य करेगें और न जनता आप को वह सम्मान ही देगी
आप भी क्या करते, पिएम के पद कें साथ ही इस देश की पीड़ित और उजाले से विमूख कर दी गयी जनता को खुश रखने और उन के होठों पर मुस्कराहट लाने का काम भी आप ही को करना पड़ रहा है । अब आप पीएम का पद सम्भाहा ले कि एक विदुषक बन कर मंच मे नौटंकी करे । कोई दूसरा व्यक्ति आपकी तरह भांड या विदुषक बनने की योग्यता रखता भी नहीं । आप में खलनायक और विदुषक दोनों भूमिका सफलतापूर्वक करने की क्षमता है । इसीलिए जब आप इस देश के पिएम  नहीं थे संविधान में मधेशियों की हक, अधिकार की बातें लिखवाने में रोडेÞ अटका कर खलनायक बन बैठे । अब जब आप  देश और जनता के दुर्भाग्य से पीएम बन चुके हैं तो मसखरी और नौटंकी करके अपना टाईम पास और जनता का टाईम खराब कर रहे है । पीएम ओलीजी इस जाड़े मे आप के ओले जैसी बातों से जनता को और ज्यादा ठंडी लग रही है इसीलिए जनता के रसोई और भूकंप पीड़ितों के आशियाने पर आग के गोले (गर्मी) बरसाईए । (व्यग्ंय)
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