कपिलवस्तु में प्राज्ञिक विद्यार्थी परिषद् ने सभामुख को सुझावपत्र पेश किया

k1दिलीपकुमार यादव, कपिलवस्तु, ८ जुलाई,२०१५|  प्राज्ञिक विद्यार्थी परिषद कपिलवस्तु ने विभिन्न माँगों के साथ २३ गते को जिला प्रशासन कार्यालय कपिलवस्तु में सभामुख के सामने सुझनवपत्र पेश किया है । नेपाल के संविधान २०७२ प्रारम्भिक मसौदा में प्रस्तावना और विभिन्न धारा और उपधारा में उललेखित सामन्ती, निरंकुश, धर्मनिरपेक्ष शब्द, धर्मपरिवर्तन की स्वतन्त्रता और यौनिक अभिमुखीकरण जैसे शब्दों को हटाने की माँग की गई है । प्रस्तावना की चौथी प्रक्ति में उल्लेखित सामन्ती और निरंकुश जैसे शब्द को हटाने, प्रारम्भिक मसौदा २०७२ की धारा ४ के धर्मनिरपेक्षशब्द खारिज करने, भाग ३ के धारा ३१ की उपधारा १ के कोई भी धर्म से अलग होने की स्वतंत्रता जैसे शब्द को खारिज करने और धारा २३ की उपधारा २ और ३ में यौनिक अभिमुखीकरण जैसे शब्द हटाकर योग शिक्षा शब्द रखना और धर्मनिरपेक्षता के लिए किस किस से कितना सहयोग लिया गया है इसका जवाब माँगा गया है । सुझावपत्र प्रमुख जिला अधिकारी अब्दुल कलाम खाँ को दिया गया उन्होंने सुझावपत्र सभामुख तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता जताई । प्राज्ञिक विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय पाण्डेय और जिला संयोजक दिलीप कुमार यादव की अगुवाई में विद्यार्थी परिषद के केन्द्रीय सदस्य अंजान सिग्देल आदि २५ शिक्षक विद्यार्थियों की टोली ने सुझावपत्र जिला कार्यालय में जमा किया था ।k3

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz
%d bloggers like this: