कमलरी रखनेवालों के घर में छापा मारकर कारवाइ होगी

Kamlahri Photoनेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, माघ १ गते ।
बाँके जिला प्रशासन कार्यालय ने मुक्त होने में बाँकी रही कमलरीयों को काम करने के रही घर घर में ही छापा मारकर मुक्त कराने के लियें बताया गया है ।
मुक्त कमलरी विकास मञ्च बा“के  और जिला बाल कल्याण समिति ने
कमलरी मुक्ति दिवस में बा“के जिला प्रशासन कार्यालय के प्रमुख जिला अधिकारी
जीवन प्रसाद ओली ने मुक्त होने में बा“की रही कमलरीयों को रखनेवालों के घर–घर में पहु“चकर छापा मारकर मुक्ति अभियान में कडाई करने के लियें बताया ।
शेष कमलरीयों को अपने घर में पुनस्र्थापन के लियें राज्य ने अभियान चलाएगा, प्रमुख जिला अधिकारी जीवन प्रसाद ओली ने सैकडों मुक्त कमलरीयों के बीच में प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुयें कहा, कमलरी प्रथा जल्द ही इतिहास में सीमित होगी ।’
उन्हों न कहा शिक्षा, स्वास्थ्य को भविष्य सुनिश्चितता के लियें मुक्त
कमलरीयों को सीपमूलक क्षमता अभिवृद्धि के ओर सहयोग कीे आवश्यकता रही हैे बताया । बा“के जिाल प्रशासन कार्यालय ने जिला में रही कमलरीयों की संख्या एकिन करके उन लोगों को घर वापस करने के लियें सार्वजनिक सूचना मार्फत सम्बन्धित मालिकों को ३५ दिनों की म्याद जारी किया गया था ।
म्याद अवधीभर अधिकांस लोगों ने अपने ही मर्जी से काम करने के लियें रह रही हू लिखित जानकारी मिली कहते हुयें पूर्व कमलरीयों कीे अपना संस्था मुक्त कमलरी विकास मञ्च ने उस को नमान्ने की घोषणा किया है । हम लोग मालिक के भाषा में बोली गई बोलिया“ को कदापी स्वीकार नही करेंगें, मञ्च की अध्यक्ष दिल कुमारी चौधरी ने प्रथम कमलरी मुक्ति दिवस के कार्यक्रम में कहा ।
अभी भी देशभर ३ सौ ७६ लोग थारु किशोरी कमलरी के रुप में मालिक के घर में श्रमशोषण कराने में बाध्य रही है’, मञ्च की अध्यक्ष
चौधरी ने सरकारी अधिकारीयों बीच में कहा ।
सरकार ने करीब १३ बर्ष पहले ही कमैया मुक्ति की घोषणा किया तब  भी पश्चिम तराई क्षेत्रों के ५ जिला में लाखौं थारु बधुवा मजदुर लोग मुक्त हुयें थे । लेकिन उन लोगों के साथ मालिक के घर में कमलरी के रुप में रहने ही बाध्य उन के सन्तानों को मुक्ति कराने के लियें निरन्तर दबाबमूलक आन्दोलन चल रहा है ।
१२ हजार से अधिक थारु समुदाय के बालिकाए“ कमलरी से मुक्त हुई है’, आन्दोलन का सफलता को बताते हुयें मञ्च की अध्यक्ष चौधरी ने उन लोगों को  पुनस्र्थापन प्रक्रिया अभी तक ठोस रुप में अगाडी नही बढा है बतायी ।
अभी भी दासतापूर्ण जीवन निर्वाह करने में बाध्य  रही थारु किशोरीयों को  सरकार ने तत्काल मुक्त करके पुनस्र्थापना करने पर जोड दिया । गत असार महीने के १३ गते सरकार ने कमलरी मुक्ति घोषणा करने के बाद पहली बार  मुक्ति दिवस मनाया गया है । आगामी बर्ष से असार महीने १३ गते को मुक्ति दिवस के रुप में मनाने के लियें घोषणा की ।

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