कर्मचारी ट्रेड युनियन द्वारा प्रशासकों को धम्की

काठमांडू, आश्वीन २६ । प्रमुख राजनीतिक दल निकट चार ट्रेड युनियन के कुछ पदाधिकारियों ने सरकार तथा प्रशासकों कें धम्की दिया है । युनियन संबंध पदाधिकारी को कहना है कि ट्रेड युनियन खारीज नहीं होनी चाहिए, अगर खारीज की जाएगी तो वे लोग प्रशासकों को नहीं छोड़ेगे । स्मरणी है– देश में प्रमुख राजनीतिक दल (नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले, माओवादी केन्द्र और मधेशवादी दल) संबंध कर्मचारियों का ट्रेड यूनियन सक्रिय है । ट्रेट युनियन के कारण ही सरकारी सेवा प्रवाह में अवरोध हो रहा है और गलत सन्देश भी प्रवाह हो रहा है ।

इसीलिए सामान्य प्रशासन मन्त्रालय ने संघीय निजामती सेवा ऐन के जरिए राजनीतिक दल निकट ट्रेड युनियन खारीज के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाया है । लेकिन राजनीतिक दल सम्बद्ध ट्रेड युनियन के पदाधिकारियों ने सरकार तथा उच्च प्रशासकों को धम्की देकर कहा है कि ट्रेड युनियन खारीज नहीं होना चाहिए, अगर ऐसा होता है तो देश भर के ६० हजार कर्मचारी आन्दोलन में उतर आएंगे । मन्त्रालय द्वारा प्रस्तावित नयां ऐन में एक ही आधिकारिक ट्रेड युनियन रहने की व्यवस्था है, और उसका नेतृत्व कर्मचारी अपनी प्रत्यक्ष मत देकर चुन सकते हैं । लेकिन अभी राजनीतिक दल निकट ट्रेड युनियन के जरिए आधिकारिक ट्रेड युनियन का चयन होते आ है ।

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