काँग्रेस और एमाले ने सभामुख को भी प्रभावित करके हाउस नही वुलाने दिया : प्रधानमन्त्री

प्रधानमन्त्री  बाबुराम भट्टराई ने कहा है कि नेपाल का संविधान सभा इतिहास का ही सबसे बरा समावेशी सभा बना था जिसको हमलोग अच्छी तरह कर्यान्वन नही कर सके इसके लिए मैं खुद भी दोषी हुँ । उन्होने कहा कि हम सहमति मे नही पहुँच सके तो कम से कम प्रक्रिया मे अवश्य प्रवेश करना चहिए था वह भि नही तो हाउस मे ले जाकर इसपर छलफल करना चहिए था । वोटिंग कराकर निर्णय कराने का साहस नेताओं मे होना चहिए था लेकिन काँग्रेस और एमाले के नेताओं इसे रोका फलस्वरुप संविधान सभा का विघटन हो गया ।

सहमति नही होने पर हमने राज्य व्यवस्था और पुनसंरचना समिति के रिपोर्ट के आधार पर  भोटिङ कराने का प्रस्ताव रखा तो काँग्रेस और एमाले के मित्रो ने इसे इन्कार कर दिया । प्रधानमन्त्री ने कहा कि संविधान सभा के ३२०सदस्यों ने जातीय पहिचान पर आधारित संघीयता के पक्ष मे आपना हस्ताक्षरित मत प्रगट किया था जो कि सभा मे प्रवेश ही नही कर पाया औेर संविधान सभा का विघटन हो गया ।काँग्रेस और एमाले के मित्रों ने सभामुख को प्रभावित करके हाउस ही नहीं वुलाने दिया ।प्रधान मन्त्री बाबुराम भट्टराई ने नागरिक के प्रधान सम्पादक किशोर नेपाल के साथ एक अन्तर्वार्ता मे यह बात बतायी ।

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