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कांग्रेस, विप्लव और सीके राउत को प्रधानमन्त्री ने दिया चेतावनी

काठमांडू, ४ जून । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने विभिन्न नाम और नारे के साथ आन्दोलन करनेवाले समूह और प्रमुख प्रतिपक्षी नेपाली कांग्रेस को तीव्र आलोचना सहित चेतावनी दिए हैं । प्रधानमन्त्री ओली को मानना है कि अब शान्तिपूर्ण राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से ही सम्पूर्ण समस्या का समाधान हो सकता है, कोई भी हिंसात्मक और अराजक क्रियाकलाप करने की जरुरत नहीं है । प्रदेश नं. ३ हेटौडा में आयोजित प्रदेशसभा बैठक को सोमबार सम्बोधन करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने इस तरह का प्रतिक्रिया व्यक्त किया है ।
प्रधानमन्त्री को ओली ने कहा है कि देश अब विकास की राहे पर चलने लगा है, इसमें कोई भी बाधा–व्यवधान नहीं होना चाहिए, अगर कोई इस में अवरोध करता है तो सह्य नहीं हो सकता । ‘स्वतन्त्र मधेश’ के नाम में आन्दोलन करते आ रहे सीके राउत के प्रति संकेत करते हुए प्रधानमन्त्री ने कहा कि देश–विरोधी कदम हर कार्य अनुचित है । उन्होंने दावा किया कि देश में जनता की शासन लागू हो चुकी है, अब किसी भी नाम में हिंसा सह्य नहीं हो सकती । प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘अब कोई भी बाहनाबाजी चलनेवाला नहीं है, हिंसा और पृथकतावाद सरकार को स्वीकार्य नहीं है । हाँ, कोई–कोई व्यक्ति हिंसा को अपना सिद्धान्त बना सकते है, लेकिन वह तो अनुचित है ।’ पृथकतावाद और हिंसात्मक क्रियाकलपा करनेवालों को लक्षित करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने वार्ता में आकर समस्या समाधान करने के लिए आग्रह भी किया ।
प्रधानमन्त्री ओली ने कहा कि नेपाल उपनिवेश युग में नहीं है, जनता की शासन शुरु हो चुका है, इसीलिए हिंसा आवश्यक नहीं है । प्रधानमन्त्री ओली ने आगे कहा– ‘आज कुछ व्यक्ति स्वतन्त्र मधेश की बात करते हैं, पृथकतावाद की बात कर रहे है । मैं बिनम्रता के साथ कहता हूं कि विखण्डनकारी और राष्ट्रद्रोही को सरकार स्वीकार करने की पक्ष में नहीं है ।’ प्रधानमन्त्री ओली को मानना है कि मधेश, किसी भी जमाने में अलग देश नहीं था । प्रधानमन्त्री ओली ने कहा कि आज मधेश के बारे में भ्रम फैला कर पृथकतावाद की बात किया जा रहा है ।
इसीतरह प्रधानमन्त्री ओली ने नेत्रविक्रम चन्द की ओर संकेत करते हुए कहा कि आज क्रान्ति के नाम में चन्दा आतंक जारी है । इसतरह की हरकत बन्द करने के लिए आग्रह करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘क्रान्ति के नाम में हिंसात्मक क्रियाकलाप किया जा रहा है, जो चन्दा के लिए हो रही है तो गलत है, इसतरह क्रान्ति नहीं किया जाएगा ।’ इसीतरह नेपाली कांग्रेस की ओर संकेत करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘सरकार की हर काम पूर्ण पारदर्शी, कानुन सम्मत और संविधान के अनुसार हो रहा है, जो जनता की पक्ष में भी है । लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के लिए सरकार को तानाशाही कहा जा रहा है ।’ प्रधानमन्त्री ओली ने कहा है कि सरकार प्रजातन्त्र और संविधान के प्रति पूर्ण प्रतिबद्ध है ।

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