Fri. Sep 21st, 2018

कानुन उलंघन में सबसे ज्यादा जुरमाना राजपा को

काठमांडू, ७ सितम्बर । संविधान, नियम तथा कानुन पालना कर सुव्यवस्था कायम करने की नैतिक जिम्मेदारी अगर किसी का है तो वह राजनीतिक पार्टी तथा नेताओं का है । लेकिन हमारे यहां तो दिखाई देता है कि सबसे ज्यादा कानुन का उलंघन राजनीतिक पार्टी तथा नेताओं से ही से हो रहा है । ऐसे ही एक घटना सामने आया है, जहां देश के प्रमुख कहलानेवाले सभी राजनीतिक पार्टियों ने कानुन उलंघन किया है ।
कानुनतः उन लोगों को कानुन उलंघन करने के वापत राज्य को जुरवाना देना पड़ेगा । अधिक सम्भवना है कि कोई भी पार्टी तथा नेता जुरवाना नहीं भरेंगे । अगर कोई पार्टी कानुन के अनुसार जुरवाना भरते हैं तो सबसे ज्यादा जुरमाना रकम राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) को देना है । यह समाचार आज प्रकाशित राजधानी दैनिक में है । प्रकाशित समाचार अनुसार कानून उलंघन वापत प्रमुख चार राजनीतिक पार्टियों को १ करोड ५५ लाख ५० हजार रुपयां जुरमाना राज्य को देना है ।


अगर कोई राजनीतिक पार्टी कानुन पालना कर जुरमाना भरते हैं तो सबसे अधिक जुरमाना राजपा को देना है । समाचार के अनुसार राजपा को ८१ लाख ५० हजार, नेकपा को ४४ लाख १० हजार, संघीय समाजवादी फोरम को २४ लाख ५० हजार और नेपाली कांग्रेस को ८ लाख ५० हजार राज्य को देना पड़ेगा । कानुन में उल्लेख है कि चुनाव समाप्त हो जाने की २ महीने के भीतर पार्टी के सभी पदाधिकारी और केन्द्रीय समिति में रहनेवालों को अपनी चल–अचल सम्पत्ति विवरण पार्टी मुख्यालाय में देना पड़ेगा । उल्लेखित चारों पार्टी के पदाधिकारी और केन्द्रीय सदस्य ने मुख्यालय में अपना सम्पत्ति विवरण नहीं दिए हैं ।
स्मरणीय है, राजपा में ८१५, नेकपा में ४४१, फोरम में २४५ और नेपाली कांग्रेस में ८८ केन्द्रीय सदस्य है । उन सभी को प्रतिव्यक्ति १० हजार जुरमाना वापत देना पड़ता है । राजनीतिक दल संबंधी ऐन २०७३ की दफा ५३, उपदफा १ में उल्लेखित व्यवस्था की गई है ।

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