कार्तिक ४ के बाद देउवा सरकार कामकाजी, संसद् विघटन

काठमांडू, २२ आश्वीन । आगामी मार्गशीष १० और २१ गते के लिए चुनाव का तिथि तय है । लेकिन उससे पहले ही कार्तिक ४ गते वर्तमान संसद की आयू समाप्त हो रहा है और वर्तमान सरकार कामकाजी सरकार के रुप में परिणत हो रहा है । लेकिन यह कोई आकस्मिक घटना नहीं है । संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार ही ऐसी परिस्थिति सिर्जित हो रही है । ऐसी अवस्था में कई अशंका भी की जार ही है । यह समाचार आज प्रकाशित अन्नपूर्ण दैनिक में है ।

जानकारों को मानना है कि अगर निर्धारित तिथि में चुनाव संपन्न नहीं हो पाएगा तोे देश में संवैधानिक और राजनीतिक रिक्तता हो जाएगी । सत्तासीन माओवादी केन्द्र और विपक्षी नेकपा एमाले के बीच वामपंथी गठबंधन निर्माण होना, उसके विरुद्ध कांग्रेस नेतृत्व में लोकतान्त्रिक गठबंधन निर्माण करना और प्रधानमन्त्री निर्वाचन से ज्यादा मन्त्रिमण्डल अदल–बदल करने में सक्रिय रहना आदि ऐसे कारण है, जिसके चलते कुछ विश्लेषक कह रहे हैं कि निर्धारित तिथि में चुनाव संपन नहीं भी हो सकता है । वामपंथी गठबंधन के कुछ नेताओं ने तो सार्वजनिक आरोप भी लगया है कि प्रधानमन्त्री शेरबहादुर देउवा चुनाव के प्रति संवेदनशील नहीं हैं और वह चुनाव स्थगित कराना चाहते हैं ।
ऐसे लोगों को कहना है कि प्रधानमन्त्री देउवा माओवादी मन्त्री को हटा कर चुनावी तिथि को बदलना चाहते हैं । अगर ऐसा हो जाएगा तो देश में संवैधानिक संकट आ सकता है । क्योंकि कार्तिक ४ के बाद वर्तमान संसद नहीं रहेगा, स्वतः विघटित हो जाएगा । और देउवा नेतृत्व के वर्तमान सरकार भी कानूनतः कामकाजी बन जाएगी, देउवा को महत्वपूर्ण कार्यकारी निर्णय करने का अधिकार नहीं रहेगा । कुछ लोगों को मानना है कि ऐसी अवस्था में राष्ट्रपति को आगे आना होगा ।

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