कुछ नेताओं की दलाली से मधेश की माँगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता : राजपा नेतृ चन्दा चौधरी (विषेश) video

 

राजपा नेपाल की कार्यदिशा, कार्यनीति और रणनीति

अब राजनीतिक परिस्थिति में राजपा नेपाल की कार्यदिशा और कार्यनीति यही हैं कि शासकवर्ग ने संविधान में मधेशी, जनजाति आदिवासी, महिलाओं के अधिकारों का गलाघोट कर हमारे उपर थोपा है जबतक उस संविधान का संशोधन नहीं होगा तबतक राजपा नेपाल किसी भी चुनाव में किसी भी सरकार में सहभागी नहीं होगी ।
जब से संविधान बना है तब से मधेशी जनता आन्दोलित हैं सैकड़ों मधेशी जनता अपनी शहादत दी है । लेकिन अभी तक सरकार ने कुछ नहीं किया हैं ।

मधेशियों क साथे विदेशियों के जैसा व्यवहार करते हैं

ये जो शासक लोग हैं, जो कि नौ महीने के लिए सरकार बनातें हैं और बारी बारी कर के प्रधानमंत्री और मंन्त्री बनते हैं और मधेश की जनता के लिए कुछ भी नहीं कर रहे हैं । यें सिर्फ मधेशी जनता की शक्ति प्रयोग कर के सत्ता में बैठना जानते हैं । ये मधेशी जनता की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान करने के मुड में नहीं हैं ।
हमेशा मधेशी जनता को विदेशी के रूप में मानते हैं और मधेशियों के सीने और सर पर गोली मारते हैं । मधेशिओं पर गोली चलाकर विदेंशियों के जैसा व्यवहार करते हैं ।

राणा और राजा से भी ज्यादा प्रतिगमनकारी

राजपा नेपाल की जो माँगें हैं वह राजपा की नहीं बल्कि समग्र मधेशी जनता की माँग हैं । मधेश भूमि के कण–कण की और मधेश के हरेक बच्चे बच्चे की माँग हैं । हमारे उपर प्रतिगामी संविधान थोपा गया हैं इसे जल्द से जल्द संशोधन कर के देश को नई दिशा की ओर ले जाया जाए ।
मैं ये कहना चाहती हूँ कि मधेशी, जनजाति, महिला मुस्लिम लगायत की माँगों को सम्बोधन करने के लिए पहाड़ की जनता भी चाहती है । लेकिन फास्ट–ट्रयाक में बना ये संविधान जो कि राणा और राजा से भी ज्यादा प्रतिगमनकारी हैं । जबतक इस संविधान को संशोधन कर के सभी के अधिकारों को सुनिश्चित नहीं किया जाएगा तबतक मधेशी जनता संघर्षरत रहेगी ।

कुछ नेताओं की दलाली से मधेश की माँगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

कुछ मधेशी नेता भी संविधान संशोधन न होने देने में लगे हैं और दलाली कर रहें हैं , मधेशी माँगों को नजरअंदाज कर रहे हैं जिसे मधेश की जनता बारीकी से देख रहे हैं । और मधेशी जनता इसका जवाब भी देगी ।

संविधान संशोधन नहीं तो चुनाव नहीं

मैं यें स्पष्ट करना चाहती हुँ कि राजपा नेपाल के आगे की जो रणनीति और कार्यनीति है वह बिल्कुल ही साफ है । जबतक संविधान का संशोधन नहीं किया जाएगा तबतक राजपा कोई भी चुनाव में शामिल नहीं होगी । मधेशी जनता के अन्तिम विकल्प के रूप में रहे राजपा पार्टी अपनी नीति पर अडिग हैं और जबतक सारी माँगों को सम्बोधन नहीं करता तबतक आन्दोलन करते रहेंगें । इन माँगों को लेकर अन्र्तराष्ट्रीय समुदाय भी दबाव दे रहे हैं लेकिन शासक वर्ग नही सुन रहे हैं । जो नहीं सुन रहे हैं उनपर बहुत ही भारी संकट आएगा । और राजपा मधेशी जनता के अधिकारों के लिए सदैव ही संघर्षरत रहेगी ।

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