Wed. Sep 19th, 2018

कृषि मन्त्री ने सार्वजनिक किया ५८ सूत्रीय मार्गचित्र

काठमांडू, ६ मई । कृषि, भूमि व्यवस्था तथा सहकारी मन्त्री चक्रमाणी खनाल ने ५८ सूत्रीय मार्गचित्र सार्वजनिक किया है, जो मन्त्रालय तथा मातहत के निकाय द्वारा लागू किया जाएगा । आइतबार सार्वजनिक मार्गचित्र में अल्पकालिन, मध्यकालिन और दीर्घकालीन योजनाएं समावेश है । मार्गचित्र में किसान को पेन्सन से लेकर जमीन को सही सदुपयोग के लिए जोर दिया गया है ।
मार्गचित्र अगर कार्यान्वयन किया जाएगा तो अब कोई भी खोतीयोग्य जमीन खाली (उपभोग विहीन) नहीं रहेगा । अगर कोई किसान उसको उपयोग नहीं करते हैं तो कारवाही किया जाएगा । जमीन को कृषि, बसोबास, औद्योगिक आदि क्षेत्रों में वर्गीकरण किया गया है । कृषियोग्य जमीन को प्लटिंग करने के लिए निषेध किया गया है, जो ६ महिना के अन्दर ऐन बनाकर कार्यान्वयन किया जाएगा । अगर कोई किसान खूद खेती करने के लिए असमर्थ हैं तो जमीन लिज में ले सकते हैं । इसके साथ–साथ अगर कोई किसान खेती करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास जमीन नहीं है तो उनके लिए जमीन उपलब्ध करवाया जाएगा । इसके लिए चक्लाबन्दी भूमि करार में मिल सकता है । मार्गचित्र में कहा गया है कि कृषि खेती को व्यवसायिक स्वरुप प्रदान करने के लिए दो साल के अन्दर किसान भूमि बैंक स्थापना की जाएगी ।
जमीन में महिलाओं की हक ५० प्रतिशत, उन्नत पशुपालन को दोब्बर, गरिब किसान को परिचयपत्र और किसान को पेन्सन, स्थानीय बाली संरक्षण आदि विषय भी मार्गचित्र में उल्लेख है ।

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