कोठली-बाहर भोट (RIGHTS TO REJECT) अभियान पर जोड़

जय मधेश मित्रों ! आप सबको मालुम है, आनेवाला ७ तारीख यानी २१ गते बृहस्पतिवार को मधेशमे नेपाल सरकार द्वारा गैर-न्यायिक चुनाव कराया जा रहा है। और, बिभेदकारी संबिधान को लागू कराने की साजिशको अंतिम अंजाम दिया जा रहा है। हम इसे सीधा-सीधा मधेसी शहीदके प्रति और इतिहासमे लम्बे समयतक चले मधेश आंदोलन का अपमान मानते हैं। मधेशवादी दलों ने मधेशके मुद्देको बेचकर अपने रिश्तेदारों और चम्चोंको खुस करनेके लिए चुनावमे जानेका निर्णय किसीसे छिपा नहीं हैं। मधेशवादी दलों ने किस तरह मधेसी शहीदों के लाशपर चढ़कर अपने लिए मंत्रिपद और सत्ता प्राप्तिका साधन बनाए हुए हैं, सारे मधेसी जनता को इन बातों को अच्छी तरह समझना जरुरी है । आजकल हल्ला चलाया जा रहा है की हमें अपना मधेश सरकार बनाने के लिए हमें मधेशवादी दलको भोट देना होगा। तो उनसे बिनम्रता पूर्वक निवेदन करता हूँ की,क्या दो नंबर बेनाम प्रदेशके ८ जिलेका मधेश सरकार बनानेसे संपूर्ण मधेश का प्रतिनिधित्व होगा, सभी मधेसिका सम्मान लौट आएगा ? हम क्यों ऐसे संघीयता लागू करने के लिए उद्दत हैं जो की मधेशमे या किसीभी प्रदेशमे अपना न लोकसेवा आयोगका अधिकार रखता है, न अपना सेना-प्रहरी नियुक्तिका या नियंत्रण का अधिकार रखता है , न ही मधेश-विकास के लिए अपना योजना आयोग बनानेका अख्तियार रखता है ? तो हम किसलिए ऐसे चुनावका वकालत कर रहे हैं ? जो मधेश और मधेसीको नीचा दिखानेका ही काम कर रहा है, इसीलिए पुन: आग्रह करता हूँ की हमें स्वयं अपने-आपको निरीक्छण करना होगा। बहुमतके नामपर ३ खस नेताओंके निर्देशनपर बनाये गए नश्लीय संबिधान लागू करनेका साजिस का भागी हम क्यों बने ? इस चुनावसे मधेशवादी दल जीतें या हारें, आखिरकार नश्लीय संबिधान लागू करानेवाले और निर्दोष मधेसी जनताका जान लेनेवाले हत्यारोंका ही जीत मानी जाएगी। इसीलिए सभी जागरूक मधेसी जनसमुदायसे आग्रह है, की ऐसे नश्लीय संबिधान लागू होनेसे रोकनेके लिए, इस गैर न्यायिक चुनावको अवैध घोषित करनेके लिए, जारी किया गया सम्बिधानके बिरोधमे अंतरास्ट्रीय समुदायको अपना नाराजगी बतानेके लिए हमें किसी भी तरह के ऐसे चुनावको अस्वीकृत करना है । तो क्या करना है ? – हमें मतबदर करना है। चुनावको अस्वीकार करना है, इसके लिए साधारण-सरल उपाय यही है की आप चुनावके दिन अपना मतदाता परिचय पत्र लेकर अपने नजदिकके बूथपर जाएँ, हौसले साथ मतपत्र को देखे और उसके अंदर दिए गए चुनाव चिन्हको ललचाते हुए आख़िरकार कोठलीके बाहर अंधाधुंध तरीकेसे छाप लगाकर, मतपत्रको मोड़कर बकसामे गिरादें। चुनाव को ब्यापार बनाकर मोटा रकम खर्च करनेवाले कोई भी ऐसे छोटे चोर या बड़े चोरको चुननेसे अच्छा है आप मधेशके नामपर कोठलीके बाहर छाप लगाकर अपने आपके और मधेशके पक्छ में मतदान करें । लोकतांत्रिक ब्यवस्थामे आपके पासकिसी भी नेता या ब्यवस्थाको भी अस्वीकार करनेका अधिकार (RIGHTS TO REJECT) होता है, इसे – “मतपत्रमे दिए गए किसीको भी भोट नहीं” (NON OF THE ABOVE ) भी कहते हैं। आप इस अधिकारका भरपूर उपयोग करें। आप अपने परिवार और गावमे भी लोगोंको समझाएं । याद रहे किसी भी दलको भोट देनेका मतलब मधेसी शहीदके नाम बेचनेवालों के लिस्टमे अपना भी नाम लिखवाना है। ऐसे पापसे आप बचें और औरोंको भी बचाएं। बहुमतसे “कोठली-बाहर भोट” अभियान को सफल बनाएं। ( यह जनता में मौन अवधि के तहत वितरित किया जा रहा है )

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