क्या इस बार एस.एल.सी. परीक्षा होगी या नही ? विजेता

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विजेता, काठमाण्डौ, १५,पौष । चैत्र महिना नजदीक आ रहा है । क्या इस बार एस.एल.सी. की परीक्षा होगी या नही  ? यह प्रश्न गम्भीर बहस की विषय बनती जा रही है । उक्त विषय को लेकर जनमानस में भी अनश्चितता छाई हुई  है ।
परीक्षा नियन्त्रण कार्यालय की जानकारी के अनुसार ९० साल से अनवरत होती आ रही एसएलसी यद्यपि इसबार नहीं होगी ।
बहरहाल पनिका ने बताया है कि इसबार एस एल सी की जैसी ही एस. इ. इ. परिक्षा होने जा रही है ।
पनिका के नियन्त्रक अम्बिकाप्रसाद रेग्मी ने कहा कि इसबार १० वीं की परीक्षा माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा ली जायेगी । रेग्मी ने बताया शिक्षा ऐन ने एसएलसी परिक्षा अब कक्षा १२ वीं में समायोजन किया गया है । उन्होंने बताया कि दशवीं के लिए एसएलसी सरह की माध्यमिक शिक्षा परीक्षा एसइइ लागू किया गया है ।
पिछली बार एसएलसी परीक्षा की नतिजा पहली बार ग्रेडिगं प्रणली द्वारा सार्वजनिक की गई थी । रिजल्ट के बाद विद्यार्थी सहित अभिभाव कों में भी नतिजा को लेकर जितनी उत्साह थी, उतनी ही द्विविधा भी थी।
विना अभ्यास ग्रेडिंग प्रणली लागू की गई इस बात को लेकर शिक्षा नीति के ऊपर ही प्रश्न उठाया गया है । क्या एसइइ प्रणली के कारण दशवीं की विद्यार्थियों में और ज्यादा अन्यौलता सिर्जना नहीं हो जाएगी ?इसके जवाब में नियन्त्रक रेग्मी बताते हैं— ग्रेडिगं तो कल भी थी, लेटर ग्रेडिंग अर्थात अक्षरांक प्रणाली की शुरुआत की गई है । ये वैज्ञानिक पद्धति भी है । १०—१० के छोटे समूह में विद्यार्थियों के स्तर अनुसार ग्रेडिगं किया गया है ।यद्यपि विद्यालय के शिक्षक तथा विद्यार्थियों में एसइइ प्रणली को लेकर कोई अन्यौलता नहीं होने की बात उन्होने विश्वास दिलाया ।
ग्रेडिगं से विद्यार्थियों के पढाइ में असर
बालविनोद माध्यमिकविद्यालय, नटोल ललितपुर—२० के शिक्षकअनिल झा बताते हैं कि एस इ इ अर्थात माध्यमिक शिक्षा परिक्षा एसएलसी सरह की ही परिक्षा हैे, नाम मात्र परिवर्तन किया गया है । उन्होंने उक्त परिक्षा तथा ग्रेडिंग प्रणली को लेकर विद्यार्थियों में अन्यौलता न होते हुए भी कमजोर विद्यार्थि पढाई प्रति उत्साहित नहीं दिख रहे बताया । झा बताते हैं डी व ई ग्रेड लानेबाले भी आगे पढ पाएंगें ।उक्त मानसिकता की वजह से कई विद्यार्थियों में पढाइ प्रति का लगाव घट रहा है ।
इस सन्दर्भ में प्रनिका के उपनियन्त्रक गुरुप्रसादपौडेल बताते हैं— हर किसी को भी पास नहीं करवाया गया है । ये समझना गलत होगा बताते हुए वे कहते हैं कि स्तर अनुसार ग्रेडिगं किया गया है । शैक्षिक नीति विगारकर सरकार ने उक्त प्रणली गलत किया हो ऐसा नहीं है । ग्रेडिंग प्रणली स्तर सुधार का प्र्यास हैे ।
उन्होंने विद्यार्थियोें के स्तर अनुसार विषयगत भिन्नता को आगे बढाबा देना चाहिये बताते हुए कहा कि वैसे विद्यार्थि नृत्य, कला, साहित्य, खेल वा प्राविधिक शिक्षा के तरफ आगे बढ सकते हैं ।
सिकायतें भी
विभिन्न ९ ग्रेडिंग में आई पिछली एसएलसी रिजल्ट के पश्चात विद्यार्थियों मे निराशा समेत देखा गया । ग्रेड के हीआधार में संकाय निर्धारण के कारण भविष्य में मेडिकल या उसी प्रकार के क्षेत्र में भविष्य बनाने बाले कतिपय विद्यार्थि हतोत्साहित भी हुएं ।
गणित, विज्ञान लगायत विषय में सी गे्रड न आने पर विज्ञान विषय लेकर आगे न पढपाए कईं विद्यार्थि सिकायत लेकर परिक्षा नियन्त्रण कार्यालय पहुँचने का अनुभव सुनाते हैं शाखा अधिकृत नीमप्रकाश सिंह राठौड । उन्होंने प्रारम्भ में कईंं विद्यार्थियों को काउन्सिलिंग करना पडा बताया ।
इस सन्दर्भ में उपनियन्त्रक पौडेल बताते हैं आप पढाई के क्षमता अनुसार ही ग्रेड पाएगें इसे पोजिटिभ लेना चाहिये । विषयों के उपर दक्षता न होनेबाले विद्यार्थियों के लिए उक्त विषय न पढना ही उचित है बताते हुए पौडेल इसे वैज्ञानिक प्रणली होने की बात बताई।
पुर्नमूल्याकंनका संभावनायथावत
नियन्त्रक अम्बिका प्रसाद रेग्मी के अनुसार ग्रेडिंग के सन्दर्भ में पुर्नमूल्यांकन भी किया जा सकता है । उन्होंने मन्त्रालय प्रत्येक रिजल्ट के बाद मूल्याकंन करता आ रहा है बताया । उन्हाेंने संभावना दर्शाते हुए कहा कि मन्त्रालय डी प्लस को भी बाद में विज्ञान पढ पाने का नियम लागू कर सकता है ।

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