“क्यूँ विशेष है पुसमास की पुर्णिमा में कोशी स्नान” : रोशन झा

 koshi-purnima

रोशन झा, राजबिराज २०७३/०९/२८ |  हालाकि साल के सभी महिने में एक पुर्णिमा होता है किन्तु पुसमास की पुर्णिमा को विशेष महत्व के साथ लिया जाता है। आखिर क्यों खास है पुसी-पुर्णिमा ?

पण्डित मृत्युञ्जय मिश्र जी के अनुसार पुस महिना कि पुर्णिमा तिथी को जो भी मनुष्य कोश्कि में स्नान करता है उनके सात जन्मों के पाप का क्षय हो जाता है और उनकि मनोभिलासित कामना भी पूर्ण हो जाती है। ईस पुर्णिमा के दिन श्रद्धालु भक्तजन सुबह-सुबह उठकर कोशी लगायत अन्य नदियों में स्नान एवं पूजन करने जाते हैं पर कोशी स्नान को आज के दिन विशेष महत्व दिया जाता हैं। पुरानो के अनुसार गाधिराज कि पुत्री, महर्षि विश्वामित्र कि बहन ऋचिक मुनी कि पत्नि देवी कोश्कि को सप्तऋषि द्वारा प्राप्त वरदान के अनुसार ईस पुर्णिमा के दिन कोश्कि नदी में स्नान करने से एक सौ ग्रहण मे स्नान करने का पुण्य की प्राप्ति होती है। ईस पुर्णिमा के दिन कोशी नदी लगायत अन्य नदी तटों पे स्नान के लिए तिर्थालुओं की अपार भीड़ रहती है और ईस अवसर पर मेला भी लगता है। आज के दिन सप्तरी भारदह एवं सुन्सरी हरिपुर में रहे सप्तकोशी नदी में हजारौं-हजार लोग स्नान करने आते है औरशी लोग कोशी बराज पुल में लगनेवाले मेला भी घुमते हैं ।

loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz