Fri. Sep 21st, 2018

क्यों तराई में हिंदी भाषा को मन्याता न देनें को कहतें हैं केपी ओली


हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, ११ जून ।
नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने कहा— “एमाले बेशक प्रमुख प्रतिपक्षी दल है फिर भी सरकार के सकारात्मक काम और प्रस्ताव का समर्थन करेगी ।”

पार्टी मुख्यालय धूम्रवाराही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष ओली ने कहा— “हमारी पार्टी जिम्मेदार पार्टी होने के कारण सरकार के गलत कामों का विरोध करने साथ साथ उसे सुधारने का दबाव देती रहेगी ।”

ये बताते हुए कि राष्ट्रीय पहचान को मिटाने की बात एमाले को मान्य नहीं होगी, उन्होंने कहा कि किसी भी नेपाली जाति की मातृभाषा हिंदी नहीं है, इसलिए हिंदी को तराई में मान्यता नहीं मिलनी चाहिए ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of