क्रान्ति की ज्वाला में धधक उठा है देश, अब “ओली” की गोली से, डरता नहीं “मधेश” : गंगेश मिश्र

गंगेश मिश्र, वीरगंज ,३, नोभेम्बर |

☆”चहुँओर क्रान्ति की ज्वाला में, धधक उठा यह देश ।
अब “ओली” की गोली से, डरता नहीं “मधेश” ।।गंगेश मिश्र

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नेपाल के शासक, टोपी (विदेशी, ढाका) लगा कर, काठमांडू से जब मधेश को देखते हैं; तो शायद इन्हें अपने ही देश का यह हिस्सा विदेश नज़र आता है। तभी तो आन्दोलनरत मधेशियों को, भारत से आयातित आन्दोलनकारी कहने में संकोच नहीं करते। करें भी क्या, बुद्धि तो ढकी होती है। जो शासक अपने ही परिवार को, अपने ही देश के नागरिकों को ना पहचान सके; ऐसे निकम्मे शासक को शासन करने का नैतिक अधिकार नहीं है। रात में सोए हुए मधेशियों के टेंट पर पेट्रोल छिड़क कर जलाना, निहत्थे आन्दोलनकारियों पर गोली चलाना; क्या यही मानवता है ? खैर, हजारों-हजार निरपराध लोगों की हत्या में सने हाथ, आज सत्ता की कमान संभाल रहे हैं ।जिनसे मानवता की उम्मीद करना ही बेइमानी है । हत्या, हिंसा जिनका धर्म रहा हो; वे इस (बुद्ध के) देश के हो ही नहीं सकते। विडम्बना है इस देश की, आज इन्हीं के हाथों में यह देश है। जिस देश में विष्णु के अवतार के रुप में पूजित, राजा की हत्या हो जाय और जनता को यह मालूम भी ना हो पाए कि हत्या कैसे, किसने, क्यों की। उस देश का भगवान ही मालिक है। जिस देश का राजा खुद सुरक्षित ना रह सका, उस देश के नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी कोई नहीं ले सकता।
” बुद्ध के इस देश में,  कुबुद्धियों का राज है।
नहीं तो ये नहीं होता, जो हो रहा आज है “।।
असल में शासन कैसे चलाया जाय, यहाँ के शासकों ने सीखा ही नहीं। लगभग 25 साल के  प्रजातान्त्रिक शासन काल में कोई भी सरकार, अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी ; यहाँ तककि कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार ने भी। इस देश में अपने ही पार्टी के प्रधानमन्त्री की सरकार को गिरा कर खुद प्रधानमन्त्री बनने की परम्परा रही है। फिर वही अनाड़ी नेता, आज के सत्ता के खिलाड़ी  बन बैठे हैं।
bir4पहले  डरता था मधेशी, क्योंकि डराया जाता था। सत्ता का प्रभाव दिखा कर । उस वह डर को दूर भगा दिया,  इस सरकार ने; उन पर गोलियां चला कर। अब डरने की बारी  सत्ता की है, सरकार की है। क्योंकि मधेश का नौजवान, अधिकार के लिए लड़ना सीख गया है, मरना सीख गया है। ” जिसने मरना सीख लिया हो, जीने का अधिकार उसी को।
मातृभूमि पर मिटता है जो, पूजेगा संसार उसी को || फोटो S.M.Jahangast.

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