गजल

गोर्खे साइँलो

वो तो आते हैं, लौट जाते है.,
देखकर खुद ही मुस्कुराते हैं ।

जब उन्हें याद आ गया कोई,
गीत गजलों को गुनगुनाते हैं ।

जल गया ख्वाब उनकी चाहत में
अब तो नजरे भी वो चुराते हैं ।

खुद तो रखते हैं दोस्ती सबसे
मुझ से ही दुश्मनी निभाते हैं ।

जलजला दिल में आ ही जाता है,
बात जब वो अपनी नहीं बताते हैं ।

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