गिरफ्तार दस चिकित्सक को तीन दिन के भीतर सर्वोच्च में उपस्थित कराने का आदेश जारी

गिरफ्तार दस चिकित्सक को तीन दिन के भीतर सर्वोच्च में उपस्थित कराने का आदेश जारी
विजेता चौधरी, काठमाण्डू, अषाढ ७
asrbochhaसर्वोच्च अदातल ने शुक्रवार गिरफतार किए गए दस चिकित्सकों को तीन दिन के भीतर सर्वोच्च में उपस्थित कराने के लिए गृह मन्त्रालय सहित सुरक्षा निकाय को आदेश दिया है ।
चिकित्सक द्वारा दिए गए बन्दी प्रत्यक्षीकरण रिट के सुनवाइ के बाद सर्वोच्च के न्यायधीश जगदीश शर्मा पौडेल के एकल इजलास ने उक्त आदेश दिया है । सर्वोच्च ने चिकित्सक को गिरफतार करने का कारण खुलाकर लिखित जवाव सहित तीन दिन के भीतर उपस्थित करने को प्रहरी प्रधान कार्यालय तथा पुलिस के केन्द्रीय अनुसंधान ब्युरो (सीआईबी)को आदेश दिया है ।
गिरफतार किए गए चिकित्सकों ने सोमबार को ही हम लोगों को अधिकार क्षेत्र से बाहर जा कर गैरकानुनी रुप से बन्दी बनाया गया कहते हुए रिट दायर किया था । रिट में उललेख है, चिकित्सकों को कारबाही का अधिकार पुलिस की ना होकर मेडिकल काउन्सिल की है । चिकित्सा शिक्षा के आवश्यक योग्यता प्राप्त कर प्रचलित कानुन अनुरुप पेशा में क्रियाशील रहें समय में सीआईबी ने गिरफतार कर अपमानपूर्वक बन्दी बनाए हुये है कहते हुए कारागार मुक्ति के लिये आदेश जारी करने को सर्वोच्च से माग किया है ।
गौरतलब है सीआईबी ने क्वाक अपरेसन चलाकर देश भर से तकरीबन ३६ नकली चिकित्सक को गिरफतार किया था । जिसको काठमाण्डू जिला अदालत के न्यायाधीश सूर्य पराजुली के इजलास ने पाँच दिन तक जेल में रखने का समय दिया था ।
इसी बीच राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने विज्ञप्ति जारी कर जैसी भी अभियोग के अनुसंधान के क्रम में मानवीय मर्यादा प्रति संवेदनशील होनेचाहिये तथा दोषी प्रमाणित न होने तक किसी को भी आपराधिक रुप में व्यवहार ना करें सजग कराते हुए व्यक्ति के गोपनीयता के हक व मर्यादा प्रति संचारमाध्यम को भी चुस्त होना आवश्यक है, विज्ञप्ति में उल्लेख है ।
इसी के साथ नेपाल चिकित्सक संघ ने किसी भी अभियोग में विधिसम्मत तरिका से छानविन करने का अधिकार होने के बावजुद भी विगत कुछ समय से चिकित्सक तथा स्वास्थ्य संस्था के उपर पुलिस द्वारा असहिष्णु व्वहार दिखाई जा रही है, कहते हुए ज्ञापन पत्र सहित आयोग का ध्यानाकर्षण किया है ।

Loading...
%d bloggers like this: