गेजेट्स की रही धूम

साल २०११ में मोबाइल युवाओं की जरूरत से ज्यादा फैशन और स्टाइल स्टेटमेंट के रूप में मार्केट में छाए रहे।  नोकिया ने चाहे मार्केट में जोर ना पकडÞा हो मगर वह अपनी पुरानी साख बनाए रखने में कामयाब रही।  यूजर प|mेंडली फीचर होने के कारण महिलाओं में नोकिया को लेकर खासी दिलचस्पी देखी गई।  वहीं सैमसंग का स्मार्ट गैलेक्सी के साथ कम-बैक करना साल २०११ की बडÞी खबर कही जाएगी।  युवाओं में उसे लेकर खासा क्रेज नजर आया।
ब्लैकबेरी बिजनेसमैन की पसंद बना रहा।  एप्पल मार्केट में हाथों हाथ लिया गया।  हालांकि सैमसंग ने कीमत के लिहाज से एप्पल को मात दी लेकिन बावजूद इसके एप्पल का ग्राफ कमजोर नहीं पडÞा।  बीते साल की आईटी-जगत की मिली-जुली बानगी पेश है वेबदुनिया की नजर से।
नोकियाः मार्केट में गिरावट लेकिन साख बरकरार
अपनी विश्वनियता और मजबूती के लिए पहचाने जाने वाले नोकिया की सेल्स में बीते साल के मुकाबले इस साल गिरावट देखी गई, लेकिन ३१.८ प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ इस साल भी नोकिया मोबाइल मार्केट का सरताज बना रहा।  लोगों में नोकिया के मोबाइल्स के प्रति विश्वास कायम रहा।
नोकिया की वाषिर्क आय में २०१० की तुलना में इस साल ०.२ प्रतिशत की बढÞोतरी पाई गई।  इस साल नोकिया के मार्केट शेयर में आई गिरावट का मुख्य कारण इसके निचले सेगमेंट के मार्केट शेयर में आई कमी है।  अन्य कंपनियों ने कम दाम पर अच्छे फर्ीचर्स उपलब्ध कराकर नोकिया को इस क्षेत्र में मात दी है।
नोकिया के शेयर में आई गिरावट की एक ओर खास वजह इसके ड्यूल सिम के मोबाइल का अभाव होना है।  आज के समय में ड्यूल सिम हैंडसेट की मांग काफी बढÞी है।  नोकिया के पास ऐसे मोबाइल की ज्यादा अच्छी वैरायटी नहीं है।  जिस कारण से मोबाइल यर्ूजर्स ने अन्य कंपनियों के मोबाइल्स की तरफ रुख किया।
लो एंड सेगमेंट में जहां नोकिया को कार्बन, लावा, माइक्रोमैक्स, स्पाइस कंपनियों से मुकाबला मिला वहीं हाई एंड सेगमेंट में सैमसंग, ब्लैकबेरी और एचटीसी जैसे ब्रांड्स से कडÞी टक्कर मिली।
नोकिया के बाद १७.२ प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ सैमसंग दूसरे स्थान पर है।  सैमसंग की वाषिर्क आय में पिछले साल की तुलना में २१.७ प्रतिशत की बढÞत पाई गई।  ६.९ प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ माइक्रोमैक्स तीसरे स्थान पर है।  ७.८ और १.४ प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ ब्लैकबेरी और एचटीसी क्रमशः चौथे और पांचवे स्थान पर हैं।
सैमसंग ने किया कम-बैक
कुछ समय पहले मोबाइल मार्केट में सैमसंग की नैया डूबती हर्ुइ दिखाई दे रही थी।  सैमसंग के मोबाइल्स में यर्ूजर्स को काफर दिक्कते आ रही थी, लेकिन इस साल सैमसंग ने अच्छे, किफायती हैंडसेंट लांच कर अपनी खोई इमेज वापिस हासिल कर ली।  केवल इतना ही नहीं अपने प्रोडक्ट्स से इस क्षेत्र के टाँप ब्रांड कहे जाने वाले एप्पल को कडÞी टक्कर दे डाली।
नोकिया के बाद मार्केट में दूसरे स्थान पर सैमसंग ही है।  सैमसंग की यह सफलता इसके द्वारा लांच किए गए किफायती फोन्स के कारण ही है।  सैमसंग वेव और सैमसंग गैलेक्सी एस २ को ग्राहकों को द्वारा काफी पसंद किया गया।
हाल ही में आए गैलेक्सी नोट को भी काफी सराहना मिली है।  इस वर्षमोबाइल मार्केट में सैमसंग के फोन्स की डिमांड बनी रही।  मोबाइल यर्ूजर्स की द्वारा गैलेक्सी एस २ को साल का सबसे अच्छा मोबाइल माना जा रहा है।
एप्पलः मिली कड टक्कर
मोबाइल और पीसी के क्षेत्र के बडÞे ब्रांड एप्पल को इस साल सैमसंग की ओर से कडÞी टक्कर मिली।  एप्पल के सबसे चर्चित प्रोडक्ट्स आईफोन द्धएस और आईपेड २ को सैमसंग ने अपनी गैलेक्सी सीरीज से कडÞा मुकालबा दिया।  एप्पल के प्रोडक्ट्स की कीमत हमेशा से ही अधिक रही है।  सैमसंग ने इसी बात को ध्यान में रखकर कम कीमत पर एप्पल से अच्छे फर्ीचर्स उपलब्ध कराए।
एप्पल आईपेड २ के विकल्प के रूप में सैमसंग ने गैलेक्सी टेब १०.१ और आईफोन द्धएस के विकल्प के रूप में गैलेक्सी नोट, गैलेक्सी एस २ और गैलेक्सी नेक्सस को पेश किया।  हालांकि नेक्सस अभी भारतीय बाजार में नहीं आया है लेकिन बहुत जल्द इसके आने की उम्मीद है।
सैमसंग के अलावा नोकिया के नए विंडोज फोन लूमिया ड०० ने भी एप्पल आईफोन द्धएस को कडÞी टक्कर दी है।  इसके साथ ही मोटोरोला रेजर एक्सटी ९१० और एचटीसी सेन्सेशन एर्क्र्सइ को भी एप्पल आईफोन के विकल्प के रूप में देखा गया।  इन सभी की कीमत आईफोन द्धएस से कम है।
एंड्रायड फोनः युवाओं में क्रेज बढÞा
इस साल एंड्रायड फोन की तरफ ग्राहकों का रूझान रहा।  एंड्रायड फोन ऐसे फोन है जो एंड्रायड आँपरेटिंग सिस्टम पर वर्क करते हैं।  इसके पहले युवाओं का रूझान सिम्बियन आँपरेटिंग सिस्टम पर वर्क करने वाले फोन्स की ओर था, लेकिन इस वर्षग्राहकों के द्वारा सिम्बियन फोन्स की अपेक्षा एंड्रायड फोन्स को ज्यादा पसंद किया गया।
एंड्रायड फोन में सबसे ज्यादा डिमांड सैमसंग गैलेक्सी एस २ की रही और आने वाला सैमसंग गैलेक्सी नेक्सस भी एक एंड्रायड फोन है।  इसके अलावा सैमसंग गैलेक्सी नोट, गैलेक्सी वाई, सोनी इरिक्सन जेपेरिया आर्क, सोनी इरिक्सन जेपेरिया नियो वी, एचटीसी सेन्सेशन, एचटीसी इनक्रिडीबल एस, मोटोरोला रेजर एक्सटी ९१० एंड्रायड फोन्स की भी डिमांड रही।
मोबाइल की बिक्रीः हुआ इजाफा
मोबाइल की बिक्री में इस वर्षइजाफा हुआ है।  २०११ में मोबाइल बाजार की सालाना आय में १५ प्रतिशत की बढÞोतरी पाई गई।  २०१० में यह आय २८,८९७ करोडÞ रूपए थी जो इस साल बढÞकर ३३,१७ज्ञ करोडÞ रूपए हो गई।  इसके साथ ही मोबाइल धारकों की संख्या में भी बढÞोतरी पाई गई।  भारत में मोबाइल ग्राहकों की कुल संख्या डडज्ञ मिलियन है।
लैपटाँप-पीसीः बाजार रहा गर्म
मोबाइल मार्केट के साथ ही लैपटाँप बाजार में भी बढÞोतरी देखी गई।  लैपटाँप और पीसी की सेल्स में इस वर्ष३.८ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।  डेक्सटाँप से ज्यादा लैपटाँप को पसंद किया गया।  डेल ने कम कीमत पर इन्सपायराँन १४आर को लांच किया जिसे ग्राहकों द्वारा पसंद किया गया।  साथ ही इन्सपायराँन १४आर के हाई रेंज के माँडल और इन्सपायराँन १५आर को भी लांच किया।
सोनी के द्वारा वायो की अलग-अलग सीरीज के रूप में विभिन्न रंगों में लैपटाँप बाजार में लाए गए।  जिन्हें भी पसंद किया गया।  इस बार भी १७ प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ डेल टाँप पा बना हुआ है।  एचपी के मार्केट शेयर में पिछले साल की तुलना में १ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
पिछले एक साल में लेनोवो के मार्केट शेयर में ७। २-१०। ८ प्रतिशत की बढÞत हर्ुइ है।  सोनी ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में ८-१० प्रतिशत की कमी की है।  हालांकि लैपटाँप बाजार में साल की अंतिम तिमाही में गिरावट आई लेकिन सालभर की औसतन बिक्री बढÞी है।
टेबलेट्सः पूछ-परख बढÞी
मोबाइल और पीसी मार्केट में बढÞत के साथ ही टेबलेट्स की भी पूछ-परख बढÞी है।  बदलते परिवेश के साथ ही लोगों की पसंद में भी बदलाव आया है।  छोटी और पोर्टेबल डिवाइस की उपयोगिता बढÞी है।  कम्प्यूटर और मोबाइल दोनों की महत्ता के चलते यर्ूजर्स ने इस वर्षटेबलेट्स की ओर भी रुख किया है।
इस वर्षलांच हुए एप्पल आईपेड २ और सैमसंग गैलेक्सी टेब १०.१ को यर्ूजर्स द्वारा खासतौर पर पसंद किया गया।  इनके अलावा ब्लैकबेरी प्लेबुक, मोटोरोला जूम, एचटीसी फ्लायर टेबलेट्स की भी मांग रही।

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