घर के आसपास क्या होना चाहिए और क्या नहीं :नन्दकिशोर शर्मा

मकान बनाने की पहली प्रक्रिया प्लाँट के चयन से     होती है । अगर आप वास्तु अनुरुप प्लाँट खरीदना चाहते हैं तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें-
प्लाँट पर निर्माण करवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि प्लाँट के केवल ६० प्रतिशत भाग पर निर्माण करवाएं यदि अधिक निर्मित भाग की आवश्यकता न हो तो इससे अधिक भाग भी खुला छोडÞा जा सकता है ।
मकान या कोई भी निर्माण इस प्रकार करवाएँ कि हवा तथा प्रकाश की सुगमता रहे । स्वास्थ्य की दृष्टि से घर के चारों ओर अधिक से अधिक खुला स्थान छोडेंÞ ।
यदि कोने का प्लाँट हो तो र्सवश्रेष्ठ होगा ।
प्लाँट आस-पास के अन्य प्लाँटो या बस्ती से नीचे नहीं होना चाहिए । नहीं तो बरसात के दिनों में पानी आपके घर में घुस सकता है । साथ ही घर में हवा भी पर्याप्त नहीं आ सकेगी ।
गंदा नाला, प्रदूषण वाली फैक्टरी, गंदगी, शमशान, कब्रिस्तान अथवा मर्ूदा- मवेशी निस्तारण आदि स्थानों के पास प्लाँट न लें ।
प्लाँट के आस-पास जर्ीण्ा-शर्ीण्ा मकान, पुराना कूआँ, क्षत्रि्रस्त मंदिर या ग्डढा नहीं होना चाहिए । इससे नकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने से वास्तु का आभामंडल प्रभावित होगा ।
ऐसेे प्लाँट का चयन करें जिसके उत्तर में आम रास्ता हो । इससे घर का प्रवेश द्वार उत्तर में रखा जा सकता है ।
यदि आपके प्लाँट के पर्ूव की तरफ आम रास्ता निकलता हो तो भी बेहतर रहेगा । क्योंकि पर्ूव दिशा से ही र्सर्ूय निकलता है । ऐसे में पर्ूव दिशा में घर का मूंह रखना शुभ व स्वास्थ्यवर्धक है ।
संभव हो तो दक्षिणमुखी प्लाँट लेने से बचें ।
कुछ लोग घर के मुख्य द्वार को महत्वपर्ूण्ा मानते हैं लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपर्ूण्ा है कि आप घर बनाते समय किस दिशा में कितना स्थान खाली छोडÞते हैं व खिडÞकियों की संख्या कितनी है ।
प्लाँट के सामने पार्क हो या खुला स्थान हो तो बेहतर रहेगा ।

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