चीनी का भाव नहीं घटना लगभग निश्चित है

काठमाण्डू, साउन ३१

भारत से चीनी आयात होने के बाद बाजार में चीनी का दाम घटाने की अपेक्षा सरकार खुद ही मंहगें दामो में बेच रही है । इसी के साथ सरकार द्वारा बेची जाने वाली सरकारी कीमत तथा बजार में कायम चीनी का मूल्य एक ही होने के कारण अब भाव नहीं घटेगा, ऐसा निश्चित हो गया है ।

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इससे पहले सरकार द्वारा सरकारी रेट में चीनी विक्री करने पर उद्योगी भी मूल्य नियन्त्रण करने को बाध्य होते आ रहे थे । सरकार तथा उद्योगी द्वारा बेचे जानेवाली चीनी में प्रति केजी कम से कम १० रुपया का अन्तर रहता था बहरहाल अभी दोनों का भाव एक समान ही है ।

हाल बाजार में प्रति कीलो ८५ रुपया में मिल रही चीनी सरकार द्वारा कायम रेट भी ८४ रुपया किया गया है । उक्त चीनी भन्सार रेट में आयात किया गया है ।

साल्ट ट्रेडिगं कार्पोरेशन के अनुसार खरीद करते हुए ही महंगा भाव होने के कारण काठमाण्डू उपत्यका में प्रतिकेजी ८४ रुपया से सस्ता देना मुश्किल हो रहा है ।

कर्पोरेशन ने भारत से ३० हजार मेट्रिक टन चीनी लाने की अनुमति पायी है, जिसमें से पहले चरण में ७ हजार ५ सौ टन लाया गया है । कर्पोरेशन ने बताया कि हल्दिया से आयी चीनी को विक्री के लिए पाँचों क्षेत्र में पहुँचाया गया है ।

अर्थमन्त्रालय के अनुसार हाल नेपाल में वार्षिक २ लाख २५ हजार मेट्रिक टन चीनी की मांग है । इस वर्ष १ लाख ६७ हजार स्वदेशी उद्योग से उत्पादन हुआ है । सीमा क्षेत्र के निवासी सीमा से ही चीनी लाते है तथा सिल्ट टेडिगं द्वारा आयात चीनी के कारण अपूर्ण माग का निर्वाह हो रहा है ।

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