चीन के सैनिको व्दारा भारतीय जवानों को अपनी ही सीमा में गश्त करने पर रोक

india-china-1चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की हिमाकत इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि वह अब भारतीय सैनिकों को अपनी ही सरजमीं पर पेट्रोलिंग करने से रोक रही है।

ड्रैगन की इस कार्यवाही को उसके आक्रामक रवैये के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही इसे पिछले हफ्ते चीनी सैनिकों की घुसपैठ की एक अन्य वारदात के बाद भारतीय सैनिकों द्वारा शुरू किए गए ‘तिरंगा’ पेट्रोलिंग से जोड़कर देखा जा रहा है।

सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगते उत्तरी लद्दाख में 14 किमी ऊंचाई पर स्थित दो चौकियों तक पेट्रोलिंग शुरू की थी।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारी और हल्के वाहनों से आए चीनी सैनिकों ने पेट्रोलिंग कर रहे जवानों को रोका। चीनी सैनिकों ने एक बैनर भी दिखाया, जिसमें इलाके को चीनी क्षेत्र दर्शाया गया था और कहा कि भारतीय सैनिक इन दोनों चौकियों की तरफ नहीं बढ़ सकते हैं।india-china_1

सूत्रों ने कहा कि अपनी चौकियों की तरफ जा रहे भारतीय पेट्रोलिंग टीम को रोके जाने के वक्त चीनी सैनिकों का रवैया आक्रामक था।

ये दोनों चौकियां भारतीय क्षेत्र के अंदर आती हैं और इस साल अप्रैल से अब तक यहां तक के लिए 21 बार पेट्रोलिंग शुरू की गई लेकिन केवल दो बार ही यह पूरी हो सकी।

निगरानी चौकी से रखता है नजर

चीन ने एलएसी पर एक निगरानी चौकी बना रखी है जहां से वह भारतीय सैनिकों की हर हरकत पर नजर रखता है। जैसे ही भारतीय पेट्रोलिंग पार्टी रवाना होने को तैयार होती है, उसी वक्त चीनी सैनिक आकर आधे रास्ते में उन्हें रोक देते हैं और वापस भेज देते हैं।

बीपीएम में उठाया जाएगा मुद्दा

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि चुशूल होने वाली अगली बार्डर पर्सनल मीटिंग (बीपीएम) के दौरान इस मामले को उठाया जाएगा। पिछली बीपीएम 27 जुलाई को हुई थी, जिसमें चीनी घुसपैठ और ड्रैगन द्वारा एलएसी पर टॉवरों के निर्माण पर विरोध जताया गया था।india-china_2

पहले भी चीन कर चुका है हिमाकत

इस साल 15 अप्रैल को चीनी सैनिकों ने लद्दाख सेक्टर के दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) और देपसांग बुल्गे में सैन्य वाहनों के साथ घुसपैठ की थी। चीनी सैनिक यहां 21 दिन तक तंबू गाड़कर बैठे रहे थे। 16 और 19 जुलाई को भी चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में करीब 1.2 किमी अंदर घुस आए थे।

इसके अलावा 17 और 20 जुलाई तथा 25-26 जुलाई की रात को भी सीमा पार से घुसपैठ की गई। ये घुसपैठ की घटनाएं लेह से 300 किमी दूर स्थित चुमार और डेमचोक इलाके में हुई।china-airport_1

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